← समसामयिकी
DAILY · 2026-11-02

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वीबी-जी राम जी शिकायत निवारण नियम, 2026 अधिसूचित किए: 7 कार्य दिवसों में जांच, 15 दिनों में निवारण

SSCBankingGeneral

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 2 नवंबर 2026 को बताया कि उसने विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी - शिकायत निवारण नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं, जिनसे योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी शिकायतों के लिए एक सुव्यवस्थित, बहुस्तरीय और समयबद्ध व्यवस्था स्थापित की गई है। राज्य सरकारें ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर यह व्यवस्था स्थापित करेंगी, जहाँ नामित शिकायत निवारण अधिकारी शिकायतें प्राप्त करने, उनका पंजीकरण करने, जांच करने और उनका निपटारा करने के लिए जिम्मेदार होंगे; जिला कार्यक्रम समन्वयक जिला स्तर पर शिकायत निवारण की निगरानी करेंगे। कोई भी व्यक्ति नामित शिकायत निवारण अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से, डिलीवरी के प्रमाण के साथ स्पीड पोस्ट से, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित शिकायत निवारण के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से, या टेलीफोन, निर्धारित हेल्पलाइन अथवा राज्य सरकार द्वारा तय किसी अन्य माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकता है। भौतिक रूप से प्राप्त शिकायतों को उसी दिन, और ऐसा संभव न हो तो अगले कार्य दिवस तक, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर पंजीकृत करना होगा, और शिकायतकर्ता को पंजीकरण संख्या, शिकायत प्राप्ति की तारीख और शिकायत प्राप्त करने वाले अधिकारी के पदनाम वाली पावती दी जाएगी। शिकायत के प्रारूप, भाषा, प्रस्तुत करने के तरीके या किसी प्रक्रियागत कमी के आधार पर उसका पंजीकरण करने से इनकार नहीं किया जा सकेगा। शिकायत की प्राप्ति की तारीख से 7 कार्य दिवसों के भीतर जांच पूरी करनी होगी और 15 दिनों के भीतर उसका निवारण करना होगा; 15 दिनों में न सुलझी शिकायत अगले उच्च स्तर पर भेजी जाएगी और समाधान होने तक उसकी इलेक्ट्रॉनिक निगरानी जारी रहेगी। शिकायत निवारण व्यवस्था के तहत पारित आदेशों के विरुद्ध अपील वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 की अनुसूची-I के अनुसार दायर और निस्तारित की जाएगी।

ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।

पढ़ाई के लिए संदर्भ

11 मई 2026 को भारत सरकार ने वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के क्रियान्वयन को अधिसूचित किया, जो 1 जुलाई 2026 से देशभर में लागू होना था, और उसी तिथि से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (महात्मा गांधी नरेगा), 2005 निरस्त माना जाना था। अधिनियम के अनुसार श्रमिकों को उनकी रोजगार मांग के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य उपलब्ध कराया जाना है, ऐसा न होने पर वे बेरोजगारी भत्ता पाने के हकदार होंगे; मजदूरी का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक अथवा डाकघर खातों में साप्ताहिक आधार पर या मस्टर रोल बंद होने के पंद्रह दिनों के भीतर किया जाएगा, ऐसा न होने पर श्रमिक विलंब क्षतिपूर्ति (मुआवजा) पाने के पात्र होंगे। मंत्रालय ने कहा कि वर्तमान ई-केवाईसी सत्यापित मनरेगा जॉब कार्ड ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक मान्य रहेंगे, और अधिनियम के अंतर्गत कई नियमों के प्रारूप - जिनमें शिकायत निवारण नियम, संक्रमणकालीन प्रावधान (ट्रांजिशनल प्रोविजंस) नियम और मजदूरी एवं बेरोजगारी भत्ते के भुगतान की प्रक्रिया संबंधी नियम शामिल हैं - राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के परामर्श से तैयार किए जा रहे हैं।

संदर्भ: PIB (ग्रामीण विकास मंत्रालय), 'पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम का 1 जुलाई 2026 से ऐतिहासिक शुभारंभ', 11 मई 2026

खुद जाँचें: वीबी-जी राम जी अधिनियम के तहत मजदूरी का भुगतान किस अवधि में करना होता है, और मांग के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में कार्य न मिलने पर श्रमिक किसका हकदार होता है?

साप्ताहिक आधार पर या मस्टर रोल बंद होने के पंद्रह दिनों के भीतर; बेरोजगारी भत्ते का।

अभ्यास: इस रिलीज़ से शिकायत निवारण व्यवस्था के तीनों स्तर, जिला स्तर पर उसकी निगरानी कौन करेगा, शिकायत दर्ज कराने के माध्यम, भौतिक शिकायतों के पंजीकरण का नियम, जांच और निवारण की समय-सीमा, अनसुलझी शिकायतों का क्या होगा और अपील कहाँ होगी, लिखें; नोट से अधिसूचना और लागू होने की तारीख़ें, निरस्त अधिनियम, मजदूरी भुगतान का नियम, बेरोजगारी भत्ता और जिन नियमों के प्रारूप तैयार हो रहे थे।

खुद को परखें

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा अधिसूचित वीबी-जी राम जी शिकायत निवारण नियम, 2026 के तहत शिकायत की प्राप्ति की तारीख से कितने दिनों के भीतर उसका निवारण करना होगा?

  1. 15 दिन
  2. 7 दिन
  3. 30 दिन
  4. 60 दिन
उत्तर देखें

उत्तर: 15 दिन

शिकायत की प्राप्ति की तारीख से 7 कार्य दिवसों के भीतर उसकी जांच पूरी करनी होगी और उसी तारीख से 15 दिनों के भीतर उसका निवारण करना होगा। 15 दिनों में न सुलझी शिकायत राज्य सरकार द्वारा स्थापित व्यवस्था के तहत अगले उच्च स्तर पर भेजी जाएगी।

इस प्रश्न की रिपोर्ट करें

दैनिक संग्रह पढ़ें → · संपादकीय मानक और सुधार