8 में से पाठ 6 · पर्यावरण अध्ययन (EVS) और उसका शिक्षाशास्त्र (पेपर I)

पर्यावरण अध्ययन के उपागम और गतिविधियाँ: गतिविधि, पृच्छा, क्षेत्र भ्रमण, सर्वेक्षण, प्रयोग, कहानी और नाटक

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गतिविधि आधारित और अनुभवात्मक अधिगम

गतिविधि आधारित अधिगम में बच्चे सुनने के बजाय स्वयं काम करके सीखते हैं (अवलोकन, संग्रह, छाँटना, मापना, बनाना, चित्र बनाना)। गतिविधि तभी सहायक है जब उसका सीखने से जुड़ा उद्देश्य हो और उसके बाद चर्चा हो; समय बिताने के लिए कराया गया शिल्प गतिविधि आधारित अधिगम नहीं है। अनुभवात्मक अधिगम इसमें अनुभव पर चिंतन जोड़ता है। डेविड कोल्ब ने इसे एक चक्र के रूप में बताया: मूर्त अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त संप्रत्ययीकरण और सक्रिय प्रयोग। उदाहरण के लिए, बच्चे गीली और सूखी रुई पर मूँग के बीज रखते हैं (अनुभव), देखते हैं कि कौन-से अंकुरित होते हैं (अवलोकन), निष्कर्ष निकालते हैं कि अंकुरण के लिए पानी चाहिए (अवधारणा), और फिर गीले बीजों का एक सेट अँधेरे डिब्बे में रखकर परखते हैं कि क्या उन्हें प्रकाश भी चाहिए (प्रयोग)।

पृच्छा और खोज

पृच्छा (inquiry) आधारित अधिगम में बच्चे किसी प्रश्न से शुरू करते हैं, उत्तर खोजने की योजना बनाते हैं, प्रमाण इकट्ठा करते हैं, निष्कर्ष निकालते हैं और उन्हें साझा करते हैं; शिक्षक मार्गदर्शन करता है पर पहले से उत्तर नहीं देता। पृच्छा निर्देशित हो सकती है (शिक्षक प्रश्न और सामग्री देता है) या मुक्त (बच्चे स्वयं प्रश्न चुनते हैं)। जेरोम ब्रूनर का खोज अधिगम (discovery learning) इसके निकट है: बच्चे संबंधों को स्वयं खोजते हैं और उन्हें बेहतर याद रखते हैं। 5E मॉडल (Engage, Explore, Explain, Elaborate, Evaluate, यानी जोड़ना, खोजना, समझाना, विस्तार करना, मूल्यांकन करना) पृच्छा पाठ की योजना का एक तरीक़ा है, और पूर्वानुमान-अवलोकन-व्याख्या (POE) एक छोटी दिनचर्या है: बच्चे पूर्वानुमान लगाते हैं (क्या यह तैरेगा?), देखते हैं, और फिर अपनी अपेक्षा और वास्तविक परिणाम के अंतर की व्याख्या करते हैं।

क्षेत्र भ्रमण, सर्वेक्षण और परियोजना

क्षेत्र भ्रमण कक्षा को वहाँ ले जाता है जहाँ सीखना बसता है, जैसे तालाब, खेत, डाकघर, बैंक, रेलवे स्टेशन, कुम्हार की कार्यशाला या कोई ऐतिहासिक इमारत। यह तभी सफल होता है जब तीन चरणों में योजना बने: भ्रमण से पहले (उद्देश्य, पूछे जाने वाले प्रश्न, अनुमति, सुरक्षा, कार्यपत्रक), भ्रमण के दौरान (अवलोकन, साक्षात्कार, नोट और रेखाचित्र बनाना, पत्तियाँ तोड़ने के बजाय गिरी हुई पत्तियाँ इकट्ठा करना) और उसके बाद (चर्चा, रिपोर्ट, चार्ट या प्रदर्शनी)। सर्वेक्षण एक ही जानकारी बहुत-से लोगों या स्थानों से इकट्ठा करता है, जैसे बच्चों के घरों में पीने के पानी के स्रोत, खाना पकाने के ईंधन या सहपाठी स्कूल कैसे आते हैं; बच्चे इसे मिलान चिह्नों (tally marks) से दर्ज करते हैं और तालिका, चित्रालेख या दंड आलेख में दिखाते हैं, जिससे EVS गणित से जुड़ता है। परियोजना लंबी होती है: एक समूह किसी एक प्रश्न की कई दिनों या हफ़्तों तक पड़ताल करता है, जैसे स्कूल का कचरा कहाँ जाता है। ड्यूई के विचारों से परियोजना विधि विकसित करने वाले डब्ल्यू.एच. किलपैट्रिक ने इसके चरण बताए: उद्देश्य निर्धारण, योजना बनाना, क्रियान्वयन और मूल्यांकन (निर्णय)।

प्रयोग और प्रायोगिक कार्य

सरल प्रयोग बच्चों को विचारों को मान लेने के बजाय परखने देते हैं: कौन-सी चीज़ें तैरती या डूबती हैं, कौन-सी पानी में घुलती हैं, अँधेरे में रखे पौधे का क्या होता है, गीला कपड़ा धूप में जल्दी सूखता है या छाया में। बच्चों को छोटे समूहों में स्वयं सामग्री सँभालनी चाहिए, करने से पहले पूर्वानुमान लगाना चाहिए, जो देखें उसे ईमानदारी से दर्ज करना चाहिए, और परिणाम अलग आने पर दोहराना चाहिए। शिक्षक द्वारा प्रदर्शन सही विकल्प तभी है जब गतिविधि असुरक्षित हो (आग, नुकीले औज़ार) या सामग्री दुर्लभ हो। अप्रत्याशित परिणाम असफलता नहीं, बल्कि यह चर्चा करने का अवसर है कि क्या अलग हुआ।

चर्चा

जोड़ियों, छोटे समूहों और पूरी कक्षा में बातचीत बच्चों को अपने विचार शब्दों में ढालने, दूसरों के विचार सुनने और अपने विचार सुधारने देती है। आस-पास बच्चों से बार-बार चर्चा करने को कहती है, अक्सर ऐसे प्रश्नों पर जिनके एक से अधिक उत्तर हों, जैसे घर का काम किसे करना चाहिए या कुछ लोगों को अपना घर छोड़ने पर क्यों मजबूर होना पड़ता है। शिक्षक बातचीत को सम्मानजनक रखता है, चुप रहने वाले बच्चों को शामिल करता है और हर तर्कपूर्ण विचार को स्वीकार करता है; सोचो-जोड़ी बनाओ-साझा करो (think-pair-share) इसकी एक सरल संरचना है।

कहानी, नाटक और कलाएँ

NCERT की EVS पुस्तकें कहानियों, कविताओं, पत्रों, डायरी के अंशों, साक्षात्कारों, चित्रकथाओं और चित्रों के माध्यम से पढ़ाती हैं, क्योंकि कथा तथ्यों और भावनाओं को साथ लेकर चलती है: अमृता देवी का बलिदान, अनीता की मधुमक्खियाँ और चुस्किट की स्कूल यात्रा तथ्यों की सूची से कहीं अधिक समय तक याद रहती हैं। भूमिका निर्वाह और नाटक बच्चों को दूसरे व्यक्ति की जगह खड़ा होने में मदद करते हैं, जैसे ऐसा परिवार जिसका गाँव बाँध में डूब गया, ऐसा सपेरा जिसका काम छिन गया या ऐसा प्रवासी बच्चा जिसकी पढ़ाई छूट जाती है; इससे समानुभूति और न्याय के प्रति सरोकार बनता है। कठपुतलियाँ, गीत, कला, मॉडल बनाना और खेल भी छोटे शिक्षार्थियों के अनुकूल हैं, और NEP 2020 कला-समेकित, खेल-समेकित और कहानी-कथन आधारित शिक्षाशास्त्र का उल्लेख करती है।

उपागम का चुनाव

विधि को लक्ष्य से मिलाइए। बहुत-से घरों से जानकारी जुटानी हो तो सर्वेक्षण; कई दिन चलने वाली पड़ताल के लिए परियोजना; समानुभूति के लिए भूमिका निर्वाह; किसी विचार को परखने के लिए बच्चों द्वारा किया गया प्रयोग; असुरक्षित प्रक्रिया के लिए प्रदर्शन; किसी स्थान के प्रत्यक्ष अनुभव के लिए क्षेत्र भ्रमण। उदाहरण के लिए, यदि शिक्षिका चाहती है कि बच्चे अपने इलाक़े की पानी की समस्याएँ समझें, तो जल स्रोतों और पानी भरने में लगने वाले समय का सर्वेक्षण और उसके बाद चर्चा, पानी की कमी पर व्याख्यान से बेहतर है। जिस विकल्प में बच्चे देखते, करते, पूछते, चर्चा करते या पता लगाते हैं, वह लगभग हमेशा उस विकल्प से बेहतर है जिसमें शिक्षक व्याख्यान देता, नोट्स लिखवाता या अध्याय पढ़कर सुनाता है।

मुख्य तथ्य

  • कोल्ब का अनुभवात्मक अधिगम चक्र: मूर्त अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त संप्रत्ययीकरण, सक्रिय प्रयोग।
  • पृच्छा: प्रश्न, योजना, प्रमाण संग्रह, निष्कर्ष, संप्रेषण; निर्देशित पृच्छा में प्रश्न शिक्षक देता है, मुक्त पृच्छा में बच्चे स्वयं चुनते हैं।
  • 5E मॉडल: Engage, Explore, Explain, Elaborate, Evaluate; POE दिनचर्या: पूर्वानुमान, अवलोकन, व्याख्या।
  • क्षेत्र भ्रमण के तीन चरण: पहले (उद्देश्य, प्रश्न, अनुमति, सुरक्षा), दौरान (अवलोकन, साक्षात्कार, अभिलेखन), बाद में (चर्चा, रिपोर्ट, प्रदर्शनी)।
  • सर्वेक्षण: एक ही जानकारी अनेक स्रोतों से (घर के जल स्रोत, खाना पकाने के ईंधन); मिलान चिह्नों से दर्ज करें, चित्रालेख या दंड आलेख में दिखाएँ।
  • परियोजना विधि: डब्ल्यू.एच. किलपैट्रिक, ड्यूई के विचारों पर आधारित; चरण - उद्देश्य निर्धारण, योजना, क्रियान्वयन, मूल्यांकन।
  • प्रदर्शन केवल तब जब गतिविधि असुरक्षित हो या सामग्री दुर्लभ हो; अन्यथा प्रयोग बच्चे समूहों में स्वयं करें।
  • भूमिका निर्वाह से समानुभूति बनती है: बाँध से विस्थापित परिवार, काम खो चुका सपेरा, प्रवासी बच्चा।
  • आस-पास की कहानियाँ (अमृता देवी, अनीता, चुस्किट) तथ्यों को भावनाओं और मूल्यों के साथ जोड़ती हैं।
  • NEP 2020: हाथ से करके, कला-समेकित, खेल-समेकित और कहानी-कथन आधारित शिक्षाशास्त्र द्वारा अनुभवात्मक अधिगम।

एक नज़र में दोहराव

गतिविधि आधारित (उद्देश्य के साथ करके सीखना); अनुभवात्मक (कोल्ब चक्र); पृच्छा और ब्रूनर का खोज अधिगम; 5E और POE; क्षेत्र भ्रमण पहले, दौरान, बाद; अनेक स्रोतों से सर्वेक्षण, मिलान चिह्न और आलेख; परियोजना (किलपैट्रिक: उद्देश्य, योजना, क्रियान्वयन, मूल्यांकन); प्रयोग बच्चे करें, प्रदर्शन केवल असुरक्षित होने पर; चर्चा, सोचो-जोड़ी बनाओ-साझा करो; समानुभूति के लिए कहानी, भूमिका निर्वाह और नाटक; NEP 2020 अनुभवात्मक, कला- और खेल-समेकित, कहानी-कथन।

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