पर्यावरण और पारिस्थितिकी: मुख्य तथ्य और अभ्यास प्रश्न

SSC, रेलवे, पुलिस और राज्य PSC परीक्षाओं के लिए पर्यावरण और पारिस्थितिकी दोहराएँ: बार-बार पूछे जाने वाले तथ्य और अंतर, एक नज़र में दोहराने की सूची, और उत्तर तथा स्पष्टीकरण सहित 10 अभ्यास प्रश्न।

AI की सहायता से तैयार किया गया और 2026-10-15 को तथ्यों की जाँच की गई; हिन्दी पाठ को प्रकाशक ने 16 अक्टूबर 2026 को पढ़कर स्वीकृत किया। कोई गलती दिखे तो हमें बताइए। संपादकीय मानक और सुधार

अभ्यास प्रश्नों पर जाएँ ↓

मुख्य अवधारणाएँ और तथ्य

  • पारिस्थितिकी तंत्र की मूल बातें: पारिस्थितिकी (Ecology शब्द अर्न्स्ट हेकेल, 1866) जीवों और उनके पर्यावरण के संबंध का अध्ययन है; पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) शब्द ए.जी. टांसले ने 1935 में दिया। हर पारिस्थितिकी तंत्र में अजैविक घटक (सूर्य का प्रकाश, तापमान, जल, मिट्टी) और जैविक घटक होते हैं: उत्पादक (हरे पौधे), उपभोक्ता और अपघटक (जीवाणु, कवक)। ऊर्जा पोषण स्तरों से होकर एक ही दिशा में बहती है और केवल लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा अगले स्तर तक पहुँचती है (लिंडेमान का 10 प्रतिशत नियम)। चराई खाद्य शृंखला हरे पौधों से शुरू होती है, अपरद खाद्य शृंखला मृत कार्बनिक पदार्थ से; आपस में जुड़ी शृंखलाएँ खाद्य जाल बनाती हैं। ऊर्जा का पिरामिड सदैव सीधा होता है, जैवभार का पिरामिड तालाब में उल्टा होता है और संख्या का पिरामिड एक अकेले वृक्ष के लिए उल्टा होता है जिस पर हजारों कीट रहते हैं। आवास (habitat) किसी प्रजाति का पता है, निकेत (niche) उसकी कार्यात्मक भूमिका। इकोटोन दो पारिस्थितिकी तंत्रों के बीच का संक्रमण क्षेत्र है और इसमें कोर प्रभाव (edge effect) यानी अधिक प्रजातियाँ दिखती हैं। अनुक्रमण में नंगी चट्टान पर लाइकेन अग्रगामी होते हैं और अंत में स्थिर चरम समुदाय आता है। कीस्टोन प्रजाति का प्रभाव उसकी संख्या के अनुपात से कहीं अधिक होता है।
  • चक्र और जलीय तंत्र: राइजोबियम (दलहनी पौधों की जड़ ग्रंथियों में) और एजोटोबैक्टर (मुक्तजीवी) नाइट्रोजन स्थिरीकरण करते हैं; नाइट्रोसोमोनास अमोनिया को नाइट्राइट में और नाइट्रोबैक्टर नाइट्राइट को नाइट्रेट में बदलता है; स्यूडोमोनास नाइट्रोजन को वापस वायुमंडल में भेजता है (विनाइट्रीकरण)। फॉस्फोरस चक्र अवसादी चक्र है जिसमें गैसीय अवस्था नहीं होती। नाइट्रेट और फॉस्फेट से जल के समृद्ध होने पर शैवाल प्रस्फुटन होता है, जिसे सुपोषण (eutrophication) कहते हैं; उच्च BOD भारी कार्बनिक प्रदूषण दर्शाता है। मैंग्रोव (सुंदरबन सबसे बड़ा) में श्वसन मूल (न्यूमेटोफोर) होती हैं; प्रवाल सहजीवी शैवाल (जूजैंथिली) के साथ रहते हैं और समुद्र गर्म होने पर विरंजित (bleach) हो जाते हैं; ओडिशा की चिल्का एशिया की सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून है।
  • जैव विविधता: नॉर्मन मायर्स ने 1988 में हॉटस्पॉट की अवधारणा दी; हॉटस्पॉट के लिए कम से कम 1,500 स्थानिक संवहनी पादप प्रजातियाँ और 70 प्रतिशत आवास-क्षति आवश्यक है। भारत में चार हॉटस्पॉट के हिस्से हैं: हिमालय, इंडो-बर्मा, पश्चिमी घाट-श्रीलंका और सुंडालैंड (निकोबार), और भारत 17 महाविविध (megadiverse) देशों में से एक है। IUCN रेड लिस्ट की श्रेणियाँ हैं: विलुप्त, वन्य में विलुप्त, गंभीर रूप से संकटग्रस्त, संकटग्रस्त, सुभेद्य, संकट-निकट, कम चिंताजनक। फ्लैगशिप प्रजाति (बाघ) जनसमर्थन जुटाती है; अम्ब्रेला प्रजाति (हाथी) कई अन्य प्रजातियों को आश्रय देती है। जानवर-उद्यान जोड़े: गैंडा काजीरंगा में, एशियाई शेर केवल गिर में, हंगुल दाचीगाम में, बारहसिंगा कान्हा में, नीलगिरि तहर एराविकुलम में, जंगली गधा कच्छ के छोटे रण में, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (राजस्थान का राज्य पक्षी) डेजर्ट राष्ट्रीय उद्यान में।
  • संरक्षण: स्व-स्थाने (in-situ) संरक्षण प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास में बचाता है (राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, बायोस्फीयर रिजर्व, संरक्षण और सामुदायिक रिजर्व); बाह्य-स्थाने (ex-situ) संरक्षण उन्हें बाहर ले जाता है (चिड़ियाघर, वनस्पति उद्यान, बीज बैंक)। राष्ट्रीय उद्यान में कोई मानवीय गतिविधि नहीं होती, जबकि अभयारण्य में सीमित अधिकार जारी रह सकते हैं। बायोस्फीयर रिजर्व (UNESCO का मैन एंड बायोस्फीयर कार्यक्रम, 1971) में कोर, बफर और संक्रमण क्षेत्र होते हैं; नीलगिरि (1986) भारत का पहला था। जिम कॉर्बेट (हेली) राष्ट्रीय उद्यान, 1936, पहला राष्ट्रीय उद्यान था। प्रोजेक्ट टाइगर 1973 में, मगरमच्छ परियोजना 1975 में, प्रोजेक्ट एलीफैंट 1992 में और प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड 2009 में शुरू हुआ। डाइक्लोफेनाक दवा ने 1990 के दशक में गिद्धों का सफाया किया। आर्द्रभूमियों पर रामसर कन्वेंशन (ईरान, 1971) संकटग्रस्त आर्द्रभूमियों का मॉन्ट्रो रिकॉर्ड रखता है। गाडगिल समिति (2011) पूरे पश्चिमी घाट को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील घोषित करना चाहती थी; कस्तूरीरंगन समिति (2013) ने इसे लगभग 37 प्रतिशत कर दिया।
  • कानून और संस्थाएँ: वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 (अनुसूची I सर्वाधिक सुरक्षा देती है), जल अधिनियम 1974 (CPCB और SPCB बनाए), वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 (2023 के संशोधन से इसका नाम वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम हुआ; वन भूमि के परिवर्तन के लिए केंद्र की स्वीकृति), वायु अधिनियम 1981, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 (1984 की भोपाल गैस त्रासदी के बाद बना छत्र कानून), जैव विविधता अधिनियम 2002 (राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, चेन्नई), वन अधिकार अधिनियम 2006 और राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम 2010। राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। अनुच्छेद 48A और 51A(g) 42वें संशोधन, 1976 से जुड़े।
  • प्रदूषण: लंदन स्मॉग (1952) कोयले से बना सल्फरयुक्त स्मॉग था; प्रकाश-रासायनिक स्मॉग धूप में नाइट्रोजन ऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन से बनता है और ओजोन व PAN उत्पन्न करता है। अम्ल वर्षा सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड से होती है। मिनामाता रोग पारा से, इटाई-इटाई कैडमियम से, ब्लू बेबी सिंड्रोम नाइट्रेट से, फ्लोरोसिस फ्लोराइड से होता है, और पश्चिम बंगाल का भूजल आर्सेनिक से दूषित है। भोपाल (1984) में मिथाइल आइसोसायनेट रिसा; चेर्नोबिल (1986) यूक्रेन में परमाणु दुर्घटना थी। जैव आवर्धन खाद्य शृंखला में DDT जैसे स्थायी विष की सांद्रता का बढ़ना है। भारत का AQI आठ प्रदूषकों पर आधारित है: PM10, PM2.5, NO2, SO2, CO, O3, NH3 और सीसा।
  • जलवायु परिवर्तन और कन्वेंशन: कार्बन डाइऑक्साइड का तापन में सबसे बड़ा योगदान है, मीथेन धान और मवेशियों से आती है, CFC और SF6 की ग्लोबल वार्मिंग क्षमता बहुत अधिक है। IPCC की स्थापना 1988 में WMO और UNEP ने की। रियो पृथ्वी सम्मेलन (1992) से UNFCCC और CBD आए; क्योटो प्रोटोकॉल (1997, COP3) ने विकसित अनुलग्नक-I देशों को बाध्य किया; पेरिस समझौता (2015, COP21) तापन को 2 डिग्री सेल्सियस से काफी नीचे रखता है और 1.5 का प्रयास करता है, हर देश के NDC के जरिए। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) ओजोन-क्षयकारी पदार्थों को समाप्त करता है और इसका किगाली संशोधन (2016) HFC को चरणबद्ध घटाता है। एक कार्बन क्रेडिट एक टन CO2 समतुल्य के बराबर है। याद रखें: CITES 1973 (वन्यजीव व्यापार), बॉन 1979 (प्रवासी प्रजातियाँ), बेसल 1989 (खतरनाक अपशिष्ट), रॉटरडैम 1998 (रसायन व्यापार), स्टॉकहोम 2001 (स्थायी कार्बनिक प्रदूषक), मिनामाता 2013 (पारा), और CBD के अंतर्गत कार्टाजेना (जैव सुरक्षा) और नागोया (लाभ साझाकरण) प्रोटोकॉल। UNEP (नैरोबी) 1972 के स्टॉकहोम सम्मेलन से बना, जिसके बाद 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस बना।
  • आंदोलन, ऊर्जा और सतत विकास: चिपको (1973, चमोली), साइलेंट वैली (केरल), अप्पिको (कर्नाटक, 1983), नर्मदा बचाओ आंदोलन (मेधा पाटकर) और खेजड़ली (1730, अमृता देवी) मानक आंदोलन-प्रश्न हैं। जैव ईंधन की पीढ़ियाँ: खाद्य फसलें, गैर-खाद्य जैवभार, शैवाल और इंजीनियर्ड जीव; हरित हाइड्रोजन नवीकरणीय बिजली से जल के विद्युत अपघटन से बनती है; कच्छ और खंभात की खाड़ियों में भारत की ज्वारीय ऊर्जा क्षमता है। ब्रंटलैंड रिपोर्ट (1987) ने सतत विकास को परिभाषित किया; संयुक्त राष्ट्र ने 2015 में 2030 के लिए 17 SDG अपनाए।
  • सामान्य जाल: मॉन्ट्रियल ओजोन है, क्योटो और पेरिस जलवायु हैं; मिनामाता पारा है पर इटाई-इटाई कैडमियम; प्रोजेक्ट टाइगर 1973 पर वन्यजीव अधिनियम 1972; स्टॉकहोम सम्मेलन 1972 पर स्टॉकहोम कन्वेंशन 2001; CPCB जल अधिनियम से बना, वायु अधिनियम से नहीं।

एक नज़र में दोहराने की सूची

  • IUCN सीढ़ी, सबसे अधिक से सबसे कम संकट तक: EX, EW, CR, EN, VU, NT, LC (विलुप्त, वन्य में विलुप्त, गंभीर रूप से संकटग्रस्त, संकटग्रस्त, सुभेद्य, संकट-निकट, कम चिंताजनक)।
  • वर्ष-सीढ़ी: वन्यजीव अधिनियम 1972, प्रोजेक्ट टाइगर 1973, जल अधिनियम 1974, वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 (2023 में नाम बदलकर वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम), वायु अधिनियम 1981, भोपाल 1984, EPA 1986, प्रोजेक्ट एलीफैंट 1992, जैव विविधता अधिनियम 2002, FRA 2006, NGT 2010।
  • मॉन्ट्रियल 1987 = ओजोन (CFC); क्योटो 1997 = ग्रीनहाउस गैसें, केवल विकसित अनुलग्नक-I देशों पर बाध्यकारी; पेरिस 2015 = सभी देश, NDC, 2 डिग्री सेल्सियस से काफी नीचे।
  • रोग-प्रदूषक जोड़े: मिनामाता = पारा, इटाई-इटाई = कैडमियम, ब्लू बेबी सिंड्रोम = नाइट्रेट, फ्लोरोसिस = फ्लोराइड, ब्लैक फुट रोग = आर्सेनिक।
  • जानवर-उद्यान जोड़े: गैंडा-काजीरंगा, शेर-गिर, हंगुल-दाचीगाम, बारहसिंगा-कान्हा, नीलगिरि तहर-एराविकुलम, जंगली गधा-कच्छ का छोटा रण, हिम तेंदुआ-हेमिस।
  • नाइट्रोजन चक्र के जीवाणु: राइजोबियम नाइट्रोजन स्थिर करता है, नाइट्रोसोमोनास नाइट्राइट बनाता है, नाइट्रोबैक्टर नाइट्रेट बनाता है, स्यूडोमोनास उसे वापस हवा में भेजता है।
  • उल्टे पिरामिड: तालाब में जैवभार का, अकेले वृक्ष पर संख्या का; ऊर्जा का पिरामिड 10 प्रतिशत नियम के कारण सदैव सीधा।
  • भारत के चार हॉटस्पॉट: हिमालय, इंडो-बर्मा, पश्चिमी घाट-श्रीलंका, सुंडालैंड (निकोबार)। पूर्वी घाट और अरावली हॉटस्पॉट नहीं हैं।
  • स्टॉकहोम 1972 = संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन जिसने UNEP और विश्व पर्यावरण दिवस दिया; स्टॉकहोम 2001 = स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों पर कन्वेंशन। एक ही शहर, अलग प्रश्न।
  • रासायनिक कन्वेंशन क्रम B-R-S-M: बेसल (खतरनाक अपशिष्ट), रॉटरडैम (रसायन व्यापार के लिए पूर्व सूचित सहमति), स्टॉकहोम (POPs), मिनामाता (पारा)।
  • दिवस: 2 फरवरी आर्द्रभूमि, 3 मार्च वन्यजीव, 21 मार्च वन, 22 मार्च जल, 22 अप्रैल पृथ्वी, 22 मई जैव विविधता, 5 जून पर्यावरण, 16 सितंबर ओजोन।
  • आंदोलन: चिपको 1973 उत्तराखंड (पेड़ों से लिपटना), अप्पिको 1983 कर्नाटक (इसकी दक्षिणी प्रतिध्वनि), साइलेंट वैली केरल (बाँध रुका), नर्मदा बचाओ (मेधा पाटकर), खेजड़ली 1730 बिश्नोई (अमृता देवी)।

विस्तार से पाठ

पर्यावरण और पारिस्थितिकी पर 10 विस्तृत पाठ, हर उप-विषय पर एक, अपने मुख्य तथ्यों और एक नज़र में दोहराव के साथ।

  1. पारितंत्र: खाद्य श्रृंखला, पोषी स्तर, पारिस्थितिक पिरामिड और पोषक चक्र
  2. जैव विविधता: स्तर, हॉटस्पॉट, महाविविधता वाले देश और संरक्षण की विधियाँ
  3. भारत के संरक्षित क्षेत्र: राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, आरक्षित क्षेत्र और जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र
  4. भारत में वन्यजीव संरक्षण: बाघ परियोजना, हाथी परियोजना, IUCN रेड लिस्ट और CITES
  5. भारत की आर्द्रभूमियाँ, मैंग्रोव और प्रवाल भित्तियाँ
  6. प्रदूषण: वायु, जल, मृदा, ध्वनि, रेडियोधर्मी और ठोस अपशिष्ट
  7. जलवायु परिवर्तन, ग्रीनहाउस प्रभाव और ओज़ोन क्षरण
  8. अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण अभिसमय: स्टॉकहोम 1972 से पेरिस समझौते तक
  9. भारत में पर्यावरण कानून और आंदोलन: संविधान, अधिनियम, NGT और चिपको
  10. ऊर्जा संसाधन और सतत विकास: नवीकरणीय ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और सतत विकास लक्ष्य

अभ्यास प्रश्न

उत्तर खोलने से पहले हर प्रश्न स्वयं हल करें।

1. 10 प्रतिशत नियम, जिसके अनुसार एक पोषण स्तर से अगले स्तर तक केवल लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है, किसने प्रतिपादित किया? (A) अर्न्स्ट हेकेल (B) रेमंड लिंडेमान (C) ए.जी. टांसले (D) चार्ल्स एल्टन

उत्तर: (B) रेमंड लिंडेमान. रेमंड लिंडेमान ने 1942 में पोषण गतिकी पर अपने कार्य में 10 प्रतिशत नियम दिया। हेकेल ने 'ecology', टांसले ने 'ecosystem' शब्द गढ़ा और एल्टन ने पारिस्थितिक पिरामिड दिए।

2. 'जैव विविधता हॉटस्पॉट' की अवधारणा 1988 में किसने दी? (A) नॉर्मन मायर्स (B) ई.ओ. विल्सन (C) रेचल कार्सन (D) वाल्टर रोसेन

उत्तर: (A) नॉर्मन मायर्स. ब्रिटिश पारिस्थितिकीविद नॉर्मन मायर्स ने हॉटस्पॉट को ऐसे क्षेत्रों के रूप में पहचाना जो स्थानिक प्रजातियों से समृद्ध हैं पर गंभीर खतरे में हैं। वाल्टर रोसेन ने 'biodiversity' शब्द गढ़ा और ई.ओ. विल्सन ने उसे लोकप्रिय बनाया।

3. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) का गठन 1974 में किस अधिनियम के अंतर्गत हुआ? (A) वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम (B) जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम (C) पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम (D) वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम

उत्तर: (B) जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम. जल अधिनियम 1974 ने केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बनाए। वायु अधिनियम 1981 ने बाद में इन्हीं बोर्डों को वायु प्रदूषण पर अधिकार दिए, इसीलिए छात्र दोनों में भ्रमित होते हैं।

4. मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का किगाली संशोधन (2016) किसे चरणबद्ध रूप से घटाने का प्रावधान करता है? (A) क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) (B) हैलोन (C) हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFC) (D) कार्बन टेट्राक्लोराइड

उत्तर: (C) हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFC). प्रशीतन में HFC ने CFC की जगह ली पर ये शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसें हैं। 2016 में रवांडा में हुआ किगाली संशोधन इनकी चरणबद्ध कटौती को मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के अंतर्गत लाता है, जिससे ओजोन और जलवायु कार्रवाई जुड़ जाती हैं।

5. संयुक्त राष्ट्र ने 2015 में 2030 तक प्राप्त करने के लिए कितने सतत विकास लक्ष्य (SDG) अपनाए? (A) 8 (B) 12 (C) 15 (D) 17

उत्तर: (D) 17. सितंबर 2015 में अपनाए गए 2030 एजेंडा में 169 लक्ष्यों वाले 17 SDG हैं, जिन्होंने 8 सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों (2000-2015) की जगह ली। SDG 13 जलवायु कार्रवाई, SDG 14 जल के नीचे जीवन और SDG 15 थल पर जीवन है।

6. आयु पिरामिड में कलश-आकार संरचना, जिसका प्रजनन-पूर्व आयु वर्ग वाला आधार संकरा होता है, किस प्रकार की जनसंख्या दर्शाती है? (A) बढ़ती हुई (B) स्थिर (C) घटती हुई (D) चरघातांकी रूप से बढ़ती हुई

उत्तर: (C) घटती हुई. चौड़े आधार वाला त्रिभुजाकार पिरामिड बढ़ती जनसंख्या और घंटी-आकार पिरामिड स्थिर जनसंख्या दर्शाता है; कलश-आकार, जिसमें प्रजननक्षम वयस्कों से कम युवा होते हैं, घटती जनसंख्या दर्शाता है।

7. किसी क्षेत्र को जैव विविधता हॉटस्पॉट मानने के मानदंडों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उसमें स्थानिक संवहनी पौधों की कम से कम 1,500 जातियाँ होनी चाहिए। 2. उसका कम से कम 70 प्रतिशत मूल प्राकृतिक आवास नष्ट हो चुका होना चाहिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) 1 और 2 दोनों (D) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: (C) 1 और 2 दोनों. कंज़र्वेशन इंटरनेशनल की परिभाषा के अनुसार हॉटस्पॉट में उच्च स्थानिकता (कम से कम 1,500 स्थानिक संवहनी पौधों की जातियाँ) और उच्च खतरा (मूल आवास का कम से कम 70 प्रतिशत नष्ट) दोनों होने चाहिए।

8. नदी डॉल्फिन के लिए संरक्षित गंगा का हिस्सा, विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन अभयारण्य, कहाँ स्थित है? (A) बिहार (B) उत्तर प्रदेश (C) पश्चिम बंगाल (D) असम

उत्तर: (A) बिहार. यह अभयारण्य बिहार के भागलपुर जिले में सुल्तानगंज से कहलगाँव तक गंगा के हिस्से में फैला है और भारत के राष्ट्रीय जलीय जीव गांगेय डॉल्फिन की रक्षा करता है।

9. निम्नलिखित में से कौन भारत के प्रमुख प्रवाल भित्ति क्षेत्रों में से एक नहीं है? (A) सुंदरबन (B) मन्नार की खाड़ी (C) लक्षद्वीप (D) अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

उत्तर: (A) सुंदरबन. भारत के मुख्य प्रवाल भित्ति क्षेत्र कच्छ की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह हैं। सुंदरबन डेल्टा का जल गाद भरा, गंदला और कम लवणता वाला है, जिसमें भित्ति प्रवाल नहीं उग सकते।

10. काजू बागानों पर वर्षों तक कीटनाशक एंडोसल्फान के हवाई छिड़काव के बाद ग्रामीणों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ मुख्यतः किस जिले से सामने आईं? (A) वायनाड, केरल (B) नीलगिरि, तमिलनाडु (C) कासरगोड, केरल (D) रत्नागिरी, महाराष्ट्र

उत्तर: (C) कासरगोड, केरल. कासरगोड में सरकारी काजू बागानों पर एंडोसल्फान के हवाई छिड़काव को स्थानीय लोगों में जन्मजात विकृतियों और अन्य बीमारियों से जोड़ा गया। बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने भारत में एंडोसल्फान पर प्रतिबंध लगाया और इसे स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों पर स्टॉकहोम कन्वेंशन में शामिल किया गया।

पर्यावरण और पारिस्थितिकी के सभी 237 अभ्यास प्रश्न, उत्तर सहित →

यह कहाँ पूछा जाता है

पर्यावरण और पारिस्थितिकी से प्रश्न SSC, रेलवे, पुलिस और राज्य PSC परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। यह देखने के लिए कि आपकी परीक्षा में इसे कैसे शामिल किया गया है, उस परीक्षा की वर्तमान आधिकारिक अधिसूचना और पाठ्यक्रम देखें।

अगला कदम

पहले उत्तर याद करने की कोशिश करें, फिर उसे खोलें; जो चूक जाए उसे दोबारा पढ़ें।

इस विषय का क्विज़ शुरू करें →

सभी विषय देखें