शिक्षाशास्त्र
CTET भाषा शिक्षाशास्त्र (हिंदी और अंग्रेज़ी) प्रश्न उत्तर
CTET भाषा I और भाषा II की तैयारी के लिए भाषा शिक्षणशास्त्र (भाषा I और भाषा II) पर उत्तर सहित 686 अभ्यास प्रश्न; ज़्यादातर के साथ व्याख्या या पूरा हल भी है। उत्तर खोलने से पहले हर प्रश्न खुद हल करें।
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Q.101
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्न का उत्तर दीजिए।
जंगल एक विशाल स्पंज की तरह काम करता है। जब उस पर वर्षा होती है, तो पत्तियाँ बूँदों की चोट को कम कर देती हैं, और ज़मीन पर बिछी गिरी पत्तियों और जड़ों की मोटी परत पानी को सोख लेती है। फिर उसका बड़ा भाग धीरे-धीरे धरती में रिसकर भूमिगत भंडारों को भरता है, जो वर्षा ऋतु बीत जाने के बहुत बाद तक झरनों और कुओं को पानी देते रहते हैं। नंगी पहाड़ी ढलान पर कहानी अलग होती है। वहाँ वर्षा सीधे धरती पर चोट करती है और तुरंत नीचे की ओर दौड़ पड़ती है, अपने साथ मिट्टी बहा ले जाती है और नालों को अचानक बाढ़ में बदल देती है। फिर कुछ महीने बाद वही नाले सूख सकते हैं। इसलिए पहाड़ियों पर जंगलों की रक्षा करना उनके नीचे बसे नगरों और खेतों की रक्षा करना है।
गद्यांश के तर्क के अनुसार, जिस पहाड़ी का जंगल नष्ट हो चुका हो, उसके नीचे बसे गाँव को किसका सामना करना पड़ सकता है?
- A वर्षा में बाढ़ और बाद में पानी की कमी
- B पूरे वर्ष नालों में पानी का स्थिर बहाव
- C पहले से अधिक झरने और कुएँ
- D हर मौसम में और उपजाऊ होती मिट्टी
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) वर्षा में बाढ़ और बाद में पानी की कमी
नंगी ढलान पर वर्षा 'नालों को अचानक बाढ़ में बदल देती है', और 'कुछ महीने बाद वही नाले सूख सकते हैं'; नीचे बसे गाँव को दोनों झेलने पड़ते हैं।
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Q.102
कोई अक्षर दिखाए बिना एक शिक्षिका मौखिक खेल कराती है, जिनमें बच्चे अपने नाम के शब्दांशों पर ताली बजाते हैं और 'मोर' से तुक मिलाने वाले शब्द, जैसे 'चोर' और 'शोर', खोजते हैं। ये खेल मुख्य रूप से क्या विकसित करते हैं?
- A लिखावट और अक्षर-बनावट का कौशल
- B स्कैनिंग
- C अनियमित शब्दों की वर्तनी
- D ध्वनि-जागरूकता
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) ध्वनि-जागरूकता
ध्वनि-जागरूकता बोले गए शब्दों की ध्वनि-इकाइयों, जैसे शब्दांश और तुक, को पहचानने और उनसे खेलने की क्षमता है। यह मौखिक गतिविधियों से बनती है और पढ़ना सीखने की मज़बूत नींव है।
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Q.103
प्रक्रिया-लेखन में संशोधन (revising) और संपादन (editing) में क्या अंतर है?
- A संशोधन वर्तनी और विराम-चिह्न ठीक करता है, जबकि संपादन विचारों और उनके संगठन को पूरी तरह बदलता है
- B संशोधन केवल शिक्षक करता है, जबकि संपादन केवल विद्यार्थी स्वयं करते हैं
- C कोई वास्तविक अंतर नहीं है; दोनों शब्द लेखन के एक ही चरण को दर्शाते हैं
- D संशोधन विषयवस्तु, विचार और संगठन सुधारता है; संपादन व्याकरण, वर्तनी और विराम-चिह्न ठीक करता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) संशोधन विषयवस्तु, विचार और संगठन सुधारता है; संपादन व्याकरण, वर्तनी और विराम-चिह्न ठीक करता है
संशोधन बड़े चित्र से जुड़ा है: क्या विचार स्पष्ट, पूर्ण और सुव्यवस्थित हैं। संपादन बाद में, रचना साझा करने से पहले भाषा के नियमों की सतही जाँच है।
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Q.104
एक छात्रा अखबार के लेख पर तेज़ी से नज़र दौड़ाती है ताकि यह सामान्य अंदाज़ा हो जाए कि लेख किस बारे में है, हर पंक्ति पढ़े बिना। यह पठन उप-कौशल क्या कहलाता है?
- A स्कैनिंग
- B स्किमिंग
- C गहन पठन
- D सस्वर पठन
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) स्किमिंग
स्किमिंग सार या मुख्य विचार के लिए तीव्र पठन है। स्कैनिंग, जो मुख्य भ्रामक विकल्प है, किसी विशेष सूचना जैसे तिथि या नाम को खोजना है।
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Q.105
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्न का उत्तर दीजिए।
कल्याणपुर के लगभग हर बच्चे ने नदी में तैरना सीखा, और उनमें से ज़्यादातर ने बूढ़े दीनू काका से सीखा। उनका तरीक़ा कभी नहीं बदला। वे पानी में तब तक उतरते जब तक पानी उनकी छाती तक न आ जाए, फिर अपनी एक चौड़ी हथेली नीचे लगाकर बच्चे को पानी की सतह पर सीधा लिटाते और उससे पैर चलाने को कहते। दिन-ब-दिन वे यही करते, और साथ-साथ मछलियों, बाढ़ों और अपने बचपन की बातें करते रहते। फिर किसी दिन, किसी कहानी के बीचोंबीच, वे चुपचाप अपना हाथ हटा लेते। ज़्यादातर बच्चे कई हाथ और मार लेते, तब जाकर उन्हें एहसास होता कि उन्हें कोई थामे हुए नहीं है। दीनू काका कहा करते थे कि तब तक डूबने के लिए बहुत देर हो चुकी होती है, क्योंकि वे सीख चुके होते हैं कि कैसे न डूबें।
बच्चों को पानी में थामे हुए दीनू काका लगातार बातें क्यों करते रहते थे?
- A ताकि बच्चे अपनी नदी की बाढ़ों का लंबा इतिहास सीख सकें
- B क्योंकि बच्चों को तैराकी के पाठ लंबे और उबाऊ लगते थे
- C क्योंकि वे चाहते थे कि बच्चे कहानी कहना सीखें
- D ताकि बच्चे सहज रहें और हाथ हटने का पता न चले
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) ताकि बच्चे सहज रहें और हाथ हटने का पता न चले
वे 'किसी कहानी के बीचोंबीच' हाथ हटाते थे और बच्चों को 'तब जाकर' पता चलता था कि कोई उन्हें थामे नहीं है; बातें उन्हें सहज और बेख़बर रखती थीं।
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Q.106
प्रारंभिक भाषा विकास की निम्नलिखित अवस्थाओं को सही क्रम में लगाइए: (A) टेलीग्राफ़िक अवस्था (B) कूइंग (C) होलोफ़्रास्टिक अवस्था (D) बैबलिंग
- A B, C, D, A
- B D, B, C, A
- C B, D, C, A
- D D, C, B, A
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) B, D, C, A
क्रम है: कूइंग (लगभग 2 माह), बैबलिंग (लगभग 6 माह), होलोफ़्रास्टिक एक-शब्द अवस्था (लगभग 12 माह) और टेलीग्राफ़िक दो-शब्द अवस्था (लगभग 18 से 24 माह)।
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Q.107
अंग्रेज़ी शिक्षण पर NCERT के आधार-पत्र के अनुसार व्याकरण की भूमिका क्या होनी चाहिए?
- A पहली कक्षा से ही यह अंग्रेज़ी के व्यावहारिक ज्ञान का मुख्य और सबसे भरोसेमंद मार्ग है
- B बुनियादी दक्षता के बाद यह भाषा पर चिंतन और भाषा-भंडार बढ़ाने का साधन बन सकता है
- C इसे विद्यालय में किसी भी स्तर पर नहीं पढ़ाना चाहिए
- D इसे केवल लैटिन व्याकरण से लिए गए नियमों के माध्यम से, पुरानी पाठ्यपुस्तकों की तरह, पढ़ाना चाहिए
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) बुनियादी दक्षता के बाद यह भाषा पर चिंतन और भाषा-भंडार बढ़ाने का साधन बन सकता है
आधार-पत्र कहता है कि बुनियादी भाषाई दक्षता आने के बाद व्याकरण को शैक्षिक भाषा पर चिंतन के साधन और अपने-आप में बौद्धिक रूप से रोचक गतिविधि के रूप में लाया जा सकता है; यह भाषा का प्राथमिक या व्यावहारिक ज्ञान विकसित करने का मार्ग नहीं है। वह व्याकरण को पूरी तरह नकारता नहीं।
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Q.108
कक्षा VII के एक पाठ में हर विद्यार्थी बारी-बारी से एक अनुच्छेद ज़ोर से पढ़ता है, जबकि बाकी कक्षा प्रतीक्षा करती है। बारी-बारी से सस्वर पठन (round-robin reading) की मुख्य सीमा क्या है?
- A अधिकांश विद्यार्थी अर्थ के लिए नहीं पढ़ते, और कमज़ोर पाठक चिंतित हो सकते हैं
- B यह कक्षा का बहुत अधिक समय मौन पठन को देता है और बोलने को बहुत कम समय देता है
- C यह कक्षा के अच्छे पाठकों के लिए पाठ को बहुत अधिक आसान और उबाऊ बना देता है
- D इसके लिए महँगी सामग्री चाहिए जो अधिकांश विद्यालय नहीं जुटा सकते
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) अधिकांश विद्यार्थी अर्थ के लिए नहीं पढ़ते, और कमज़ोर पाठक चिंतित हो सकते हैं
बारी-बारी से सस्वर पठन में ध्यान हर पाठक के प्रदर्शन पर रहता है, अन्य विद्यार्थी अक्सर भटक जाते हैं और कमज़ोर पाठक असहज महसूस करते हैं। स्पष्ट उद्देश्य के साथ मौन पठन और उसके बाद चर्चा बोध में कहीं अधिक सहायक है।
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Q.109
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्न का उत्तर दीजिए।
कल्पना कीजिए कि आप ऐसी कक्षा में बैठे हैं जहाँ शिक्षक ऐसी भाषा बोल रहे हैं जिसे आप मुश्किल से जानते हैं। आप श्यामपट के शब्द तो उतार लेंगे, पर पाठ का अधिकांश भाग आपके सिर के ऊपर से निकल जाएगा, और जल्दी ही आप कोशिश करना छोड़ देंगे। बहुत-से छोटे बच्चे ठीक यही अनुभव करते हैं जब वे ऐसी भाषा में विद्यालय शुरू करते हैं जो घर पर नहीं बोली जाती। जिस बच्ची को पहले उसके घर की भाषा में पढ़ाया जाता है, वह शब्दों से जूझने के बजाय अपनी पूरी शक्ति विचारों को समझने में लगा सकती है। जब वह आत्मविश्वास से पढ़ने और सोचने लगती है, तब दूसरी और तीसरी भाषा सीखना कहीं आसान हो जाता है, क्योंकि वह एक मज़बूत नींव पर निर्माण कर सकती है। इस प्रकार घर की मज़बूत भाषा दूसरी भाषाएँ सीखने में बाधा नहीं, बल्कि सहायक है।
लेखक निम्नलिखित में से किस कथन से सबसे अधिक सहमत होगा?
- A पहले घर की भाषा में पढ़ना बच्चों को बाद में दूसरी भाषाएँ सीखने में मदद करता है
- B बच्चों को घर की भाषा के अतिरिक्त कोई और भाषा कभी नहीं पढ़ानी चाहिए
- C नई भाषा सीखने का सबसे अच्छा तरीका श्यामपट से शब्द उतारना है
- D घर की मज़बूत भाषा बच्चे के लिए आगे चलकर दूसरी भाषा सीखना और भी कठिन बना देती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) पहले घर की भाषा में पढ़ना बच्चों को बाद में दूसरी भाषाएँ सीखने में मदद करता है
गद्यांश का अंतिम वाक्य है: 'घर की मज़बूत भाषा दूसरी भाषाएँ सीखने में बाधा नहीं, बल्कि सहायक है।' वह दूसरी भाषाएँ न पढ़ाने की बात नहीं करता।
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Q.110
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्न का उत्तर दीजिए।
गति को महत्त्व देने वाले इस युग में धीमे पढ़ना पुराने ढंग का लग सकता है। फिर भी कुछ रचनाएँ अपना अर्थ केवल धैर्यवान पाठक के सामने खोलती हैं। जल्दबाज़ी में पढ़ी गई कविता बहुत कम कहती लग सकती है; उसे फिर से, ज़ोर से और बिना हड़बड़ी के पढ़ा जाए, तो वह ऐसे अर्थ से चकित कर सकती है जो हमसे छूट गया था। विज्ञान या इतिहास की किसी अच्छी व्याख्या के साथ भी यही होता है, जहाँ हर वाक्य एक विचार लिए रहता है जिस पर अगला वाक्य आगे निर्माण करता है। सरसरी तौर पर पढ़ने का भी अपना उपयोग है, जैसे जब हम दिन के समाचारों का मोटा अंदाज़ा लेने के लिए अख़बार के पन्ने पर जल्दी से नज़र दौड़ाते हैं। पर जो कुछ भी गहराई से समझने योग्य हो, उसके लिए धीमे पढ़ना, किसी कठिन पंक्ति पर रुकना और पूरी रचना को दोबारा पढ़ना भी लाभदायक है।
गद्यांश में 'सरसरी तौर पर पढ़ना' का अर्थ है
- A मोटी-मोटी बात जानने के लिए जल्दी-जल्दी पढ़ना
- B दूसरों के लिए धीरे-धीरे और बहुत स्पष्ट रूप से ज़ोर से पढ़ना
- C एक ही रचना को बार-बार पढ़ना
- D केवल कविताएँ और छोटी कहानियाँ पढ़ना
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) मोटी-मोटी बात जानने के लिए जल्दी-जल्दी पढ़ना
सरसरी तौर पर पढ़ने को धीमे पढ़ने के विपरीत रखा गया है और इसका उदाहरण 'अख़बार के पन्ने पर जल्दी से नज़र दौड़ाना' है, ताकि समाचारों का 'मोटा अंदाज़ा' मिल जाए; अर्थात मोटी बात जानने के लिए जल्दी पढ़ना।
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Q.111
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्न का उत्तर दीजिए।
हम प्रायः अच्छे शिक्षक की कल्पना ऐसे व्यक्ति के रूप में करते हैं जो अच्छा बोलता हो, कठिन विचारों को स्पष्ट रूप से समझाता हो और पूरी कक्षा का ध्यान बाँधे रखता हो। यह महत्त्वपूर्ण है, पर यह आधी ही तस्वीर है। अच्छा शिक्षक धैर्यवान श्रोता भी होता है। जब किसी बच्ची का उत्तर गलत होता है, तो यह सुनना कि वह उस तक कैसे पहुँची, प्रायः ठीक-ठीक बता देता है कि उलझन कहाँ है। जब कोई संकोची विद्यार्थी आखिरकार बोलता है, तो सम्मान से सुना जाना उसे दोबारा बोलने का साहस दे सकता है। बच्चे जल्दी समझ जाते हैं कि कोई बड़ा सचमुच सुन रहा है या केवल अपनी बात कहने का अवसर ढूँढ़ रहा है। जो बच्चे महसूस करते हैं कि उनकी बात सुनी गई, वे अपने शिक्षकों पर भरोसा करते हैं, और बच्चे उन्हीं से सबसे सहजता से सीखते हैं जिन पर वे भरोसा करते हैं।
गद्यांश से अनुमान लगाया जा सकता है कि जो शिक्षक विद्यार्थियों की बात नहीं सुनता, उसके लिए
- A कठिन विचारों को समझाना कहीं अधिक आसान हो सकता है
- B संकोची विद्यार्थियों को अधिक बार बुलवाना सरल हो सकता है
- C उनका भरोसा जीतना और उन्हें सिखाना कठिन हो सकता है
- D हर उलझन का ठीक-ठीक स्थान जानना सहज हो सकता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) उनका भरोसा जीतना और उन्हें सिखाना कठिन हो सकता है
'जो बच्चे महसूस करते हैं कि उनकी बात सुनी गई, वे अपने शिक्षकों पर भरोसा करते हैं', और बच्चे भरोसे वालों से ही सबसे सहजता से सीखते हैं; न सुनने वाला शिक्षक यह खो देता है।
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Q.112
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्न का उत्तर दीजिए।
स्टेशन कॉलोनी के पीछे की गली ढंग का क्रिकेट खेलने के लिए बहुत तंग थी, इसलिए लड़कों ने अपने नियम बना रखे थे—दीवार से एक टप्पा खाकर लौटी गेंद पर एक रन, और छतों के ऊपर से गई गेंद पर आउट। रविवार को इमरान दूसरा नियम भूल गया। उसने पूरी ताक़त से बल्ला घुमाया और गेंद छतों के ऊपर से उड़ती हुई श्रीमती दत्ता की रसोई की खिड़की तोड़कर भीतर जा गिरी। कोई हिला तक नहीं। फिर इमरान उनके दरवाज़े की ओर चल पड़ा, और ज़रा रुककर बाकी लड़के भी उसके पीछे हो लिए। जब वे सारी बात समझा रहे थे, श्रीमती दत्ता हाथ बाँधे सुनती रहीं। उन्होंने कहा कि खिड़की पर पैसे लगेंगे, और लड़के अपने जेबख़र्च से भरने को राज़ी हो गए। फिर उन्होंने उनकी गेंद लौटा दी और, लड़कों को हैरान करते हुए, पकौड़ों की एक प्लेट भी थमा दी।
'जब वे सारी बात समझा रहे थे, श्रीमती दत्ता हाथ बाँधे सुनती रहीं' वाक्य में 'वे' किसके लिए आया है?
- A श्रीमती दत्ता का परिवार
- B इमरान और बाकी लड़के
- C छतों से देख रहे लड़के
- D इमरान और श्रीमती दत्ता
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) इमरान और बाकी लड़के
इमरान दरवाज़े तक गया और 'बाकी लड़के भी उसके पीछे हो लिए'; यही लड़के बात समझा रहे थे और श्रीमती दत्ता सुन रही थीं।
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Q.113
कक्षा II की एक शिक्षिका दीवार पर वे शब्द प्रदर्शित करती है जिनकी बच्चों को लिखते समय अक्सर ज़रूरत पड़ती है, उन्हें पहले अक्षर के अनुसार समूहों में रखती है, और बच्चे लिखते समय उसे देखते हैं। यह संसाधन क्या कहलाता है?
- A फ़लालैन बोर्ड
- B सूचना-पट्ट (नोटिस बोर्ड)
- C समय-रेखा
- D शब्द-दीवार
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सही उत्तर: (D) शब्द-दीवार
शब्द-दीवार उपयोगी शब्दों का बढ़ता हुआ, व्यवस्थित प्रदर्शन है जिसे बच्चे पढ़ते-लिखते समय देखते हैं, जिससे वे स्वतंत्र रूप से वर्तनी लिख पाते हैं। फ़लालैन बोर्ड कहानी सुनाते समय कटे हुए चित्रों को चिपकाने-हटाने के लिए प्रयोग होता है।
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Q.114
कक्षा VIII की हिंदी पाठ्यपुस्तक में एक एकांकी है। इसे पढ़ाने का सबसे उपयुक्त तरीका कौन-सा है?
- A शिक्षक हर संवाद की पंक्ति-दर-पंक्ति व्याख्या करें और विद्यार्थी सुनकर नोट्स लिखें
- B विद्यार्थी भूमिकाएँ लेकर कक्षा में संवाद पढ़ें या अभिनय करें, फिर चर्चा हो
- C विद्यार्थी घर पर एकांकी को मौन पढ़ें और हर दृश्य का सारांश अपनी कॉपी में लिखकर लाएँ
- D विद्यार्थी परीक्षा के लिए सभी पात्रों के संवाद रट लें
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) विद्यार्थी भूमिकाएँ लेकर कक्षा में संवाद पढ़ें या अभिनय करें, फिर चर्चा हो
नाटक मंचन के लिए लिखा जाता है, इसलिए कक्षा अभिनय विधि, जिसमें विद्यार्थी पात्रों के संवाद बोलते हैं, उसके संवाद, भाव और क्रिया को उभारती है। पंक्ति-दर-पंक्ति व्याख्या या मौन सारांश उसे साधारण गद्य की तरह बरतते हैं।
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Q.115
एक शिक्षक रिकॉर्ड किया गया संवाद सुनाता है, कक्षा से हर पंक्ति समवेत स्वर में दोहरवाता है, और फिर प्रतिस्थापन ड्रिल कराता है जिसमें हर बार पैटर्न का एक शब्द बदला जाता है। यह किस विधि की विशेषता है?
- A संप्रेषणात्मक उपागम
- B द्विभाषी विधि
- C समग्र भाषा उपागम
- D श्रव्य-भाषिक विधि
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सही उत्तर: (D) श्रव्य-भाषिक विधि
अनुकरण, कंठस्थीकरण और पैटर्न ड्रिल श्रव्य-भाषिक विधि की पहचान हैं, जो भाषा को आदत मानती है। संप्रेषणात्मक उपागम इसके बजाय संवाद का उपयोग अर्थपूर्ण अंतःक्रिया के लिए करता।
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Q.116
श्रवण-बाधित विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 निम्नलिखित में से क्या प्रस्तावित करती है?
- A पूरे देश में भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) का मानकीकरण और उसमें पाठ्य-सामग्री का विकास
- B उन्हें किसी सांकेतिक भाषा के बिना केवल होंठ पढ़ने (lip-reading) और वाक्-प्रशिक्षण से पढ़ाना
- C उन्हें सभी भाषा-अधिगम से छूट देना
- D सभी विशेष विद्यालयों के लिए अमेरिकी सांकेतिक भाषा को राष्ट्रीय मानक के रूप में अपनाना
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सही उत्तर: (A) पूरे देश में भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) का मानकीकरण और उसमें पाठ्य-सामग्री का विकास
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 कहती है कि भारतीय सांकेतिक भाषा का पूरे देश में मानकीकरण किया जाएगा और श्रवण-बाधित विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तर की पाठ्यचर्या-सामग्री विकसित की जाएगी; जहाँ संभव और प्रासंगिक हो, स्थानीय सांकेतिक भाषाओं का भी सम्मान किया जाएगा और उन्हें पढ़ाया जाएगा।
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Q.117
हंस (एक पक्षी) और हँस (जैसे हँसना में) अलग-अलग लिखे जाते हैं। ऐसे युग्मों से शिक्षक को बच्चों को क्या समझाना चाहिए?
- A अनुस्वार और चंद्रबिंदु एक-दूसरे की जगह अपनी इच्छा से लगाए जा सकते हैं
- B बिंदु और चंद्रबिंदु शिरोरेखा पर केवल सजावट के चिह्न हैं, उनकी अपनी कोई ध्वनि नहीं
- C चंद्रबिंदु केवल उन शब्दों में लगता है जो हिंदी ने संस्कृत से उधार लिए हैं
- D अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) अलग ध्वनियाँ दर्शाते हैं और शब्द का अर्थ बदल सकते हैं
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सही उत्तर: (D) अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) अलग ध्वनियाँ दर्शाते हैं और शब्द का अर्थ बदल सकते हैं
हंस में अनुस्वार नासिक्य व्यंजन का सूचक है, जबकि हँस में चंद्रबिंदु स्वर को अनुनासिक बनाता है; दोनों को मिला देने से शब्द बदल जाता है। ऐसे युग्मों को बोलकर अभ्यास करने से बच्चे अंतर सुन पाते हैं और फिर सही लिख पाते हैं।
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Q.118
NCERT और कई राज्यों की पाठ्यपुस्तकों में छपे QR कोड फ़ोन से स्कैन करके संबंधित वीडियो, व्याख्याएँ और अभ्यास खोले जा सकते हैं। यह डिजिटल सामग्री किस राष्ट्रीय मंच पर उपलब्ध है?
- A SWAYAM (स्वयं)
- B UDISE+
- C DIKSHA (दीक्षा)
- D NISHTHA (निष्ठा)
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सही उत्तर: (C) DIKSHA (दीक्षा)
स्कूली शिक्षा का राष्ट्रीय डिजिटल मंच दीक्षा (DIKSHA) QR कोड वाली 'ऊर्जित' (energised) पाठ्यपुस्तकों से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराता है। स्वयं (SWAYAM) ऑनलाइन पाठ्यक्रम देता है, UDISE+ विद्यालयों की आँकड़ा-प्रणाली है और निष्ठा (NISHTHA) शिक्षक-प्रशिक्षण कार्यक्रम है (जिसके ऑनलाइन पाठ्यक्रम स्वयं दीक्षा पर चलते हैं), सामग्री का मंच नहीं।
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Q.119
अंग्रेज़ी कक्षा में व्याकरण के अभ्यास के बारे में इन कथनों पर विचार कीजिए। 1. व्याकरण का अभ्यास नियम रट लेने के बाद ही सार्थक हो सकता है। 2. व्याकरण-खेल तब अच्छा काम करता है जब खेल का लक्ष्य पाने के लिए विद्यार्थियों को लक्ष्य-रूप का प्रयोग करना पड़े, जैसे पत्ते जुटाने के लिए 'Have you got a red pen?' पूछना। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- A केवल 1
- B केवल 2
- C 1 और 2 दोनों
- D न तो 1, न ही 2
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सही उत्तर: (B) केवल 2
जब कोई कार्य या खेल किसी रूप को ज़रूरी बना देता है, जैसे पत्ते जुटाने के लिए 'Have you got...?' पूछना, तो विद्यार्थी शुरुआत से ही उसका सार्थक अभ्यास कर सकते हैं; पहले नियम रटना पूर्व-शर्त नहीं है। जिस खेल में उस रूप की ज़रूरत ही न हो, उसमें मज़ा तो है पर उस रूप का अभ्यास कम है।
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Q.120
यदि बच्चे भाषा की प्राकृतिक क्षमता के साथ जन्म लेते हैं, जैसा कि चॉम्स्की ने तर्क दिया, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कक्षा-अभ्यास इस मत से सबसे कम मेल खाता है?
- A बच्चों को समृद्ध, अर्थपूर्ण भाषा से घेरना
- B बच्चों को भाषा प्रयोग की अनुमति देने से पहले व्याकरण के सारे नियम सिखाना
- C बच्चों को गलतियों के बावजूद अपने नए वाक्य स्वयं बनाकर देखने के लिए प्रोत्साहित करना
- D 'goed' जैसी त्रुटियों को इस बात का संकेत मानना कि बच्चे सक्रिय रूप से अपने नियम बना रहे हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) बच्चों को भाषा प्रयोग की अनुमति देने से पहले व्याकरण के सारे नियम सिखाना
जन्मजात क्षमता का अर्थ है कि बच्चे अपने आस-पास की भाषा से सक्रिय रूप से नियम निकालते हैं, इसलिए समृद्ध संपर्क, प्रयोग करने की छूट और त्रुटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टि इस मत से मेल खाते हैं। प्रयोग से पहले नियमों पर ज़ोर देना बच्चों को खाली पात्र मानता है और इस क्षमता की अनदेखी करता है।
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Q.121
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्न का उत्तर दीजिए।
सुबह जब बच्चा जागता है, तब तक उसका शरीर दस-बारह घंटे बिना भोजन के रह चुका होता है। सुबह का नाश्ता इस लंबे उपवास को तोड़ता है। जो बच्चे इसे छोड़ देते हैं, वे प्रायः दोपहर से पहले ही थके और बेचैन हो जाते हैं, और उन्हें कक्षा में ध्यान लगाने या ऐसा सवाल हल करने में भी कठिनाई हो सकती है जो सामान्यतः आसान होता। अच्छा नाश्ता बहुत तामझाम वाला होना आवश्यक नहीं। सब्ज़ियों के साथ पोहा या उपमा का एक कटोरा, दाल के साथ दो रोटियाँ, या दूध और फल के साथ दलिया दोपहर के भोजन तक स्थिर ऊर्जा देगा। खाली पेट दौड़कर निकल जाने से अच्छा है कि थोड़ा जल्दी उठकर शांति से खाया जाए।
गद्यांश के अनुसार नाश्ता छोड़ने वाले बच्चे प्रायः
- A कक्षा में गणित के सवाल अधिक आसानी से हल करते हैं
- B दोपहर से पहले ही थके और बेचैन हो जाते हैं
- C दूसरों से कहीं अधिक भारी दोपहर का भोजन करते हैं
- D दूसरे बच्चों से पहले जाग जाते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) दोपहर से पहले ही थके और बेचैन हो जाते हैं
नाश्ता छोड़ने वाले बच्चे 'प्रायः दोपहर से पहले ही थके और बेचैन हो जाते हैं' और उन्हें ध्यान लगाने में कठिनाई होती है।
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Q.122
व्याकरण शिक्षण की विधियों का उनके विवरण से मिलान कीजिए। A. सूत्र विधि B. भाषा-संसर्ग विधि C. समवाय विधि D. आगमन विधि। 1. औपचारिक नियमों के बिना, अच्छी बोली और लिखी भाषा के संपर्क से व्याकरण आत्मसात् होना 2. पहले नियम रटना, फिर उदाहरणों से स्पष्ट करना 3. गद्य और पद्य के पाठों में जहाँ प्रसंग आए वहीं व्याकरण पढ़ाना 4. बच्चों द्वारा उदाहरणों से नियम निकालना
- A A-2, B-1, C-3, D-4
- B A-1, B-2, C-3, D-4
- C A-2, B-3, C-1, D-4
- D A-4, B-1, C-3, D-2
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) A-2, B-1, C-3, D-4
सूत्र विधि में उदाहरणों से पहले नियम (सूत्र) कंठस्थ किए जाते हैं; भाषा-संसर्ग विधि में औपचारिक शिक्षण के बिना अच्छे भाषा-आदर्शों से व्याकरण सीखा जाता है; समवाय विधि पाठों के साथ-साथ व्याकरण पढ़ाती है; आगमन विधि उदाहरण से नियम की ओर चलती है।
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Q.123
एक शिक्षिका कक्षा III को नियमित रूप से रोचक कहानी की किताबें हाव-भाव के साथ पढ़कर सुनाती है, भले ही बच्चे स्वयं पढ़ सकते हैं। इस अभ्यास का मुख्य लाभ क्या है?
- A यह प्रवाहपूर्ण, भावपूर्ण पठन का आदर्श देता है और किताबों में बच्चों की रुचि बढ़ाता है
- B इससे शिक्षिका हर बच्चे के नए शब्दों के उच्चारण को जाँचकर सुधार पाती है
- C इससे कक्षा का वह समय बचता है जो अन्यथा बच्चों के मौन पठन में लगता
- D इससे बच्चों को स्वयं पढ़ने का अभ्यास करने की ज़रूरत नहीं रहती, क्योंकि वे सुनकर सीख लेते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) यह प्रवाहपूर्ण, भावपूर्ण पठन का आदर्श देता है और किताबों में बच्चों की रुचि बढ़ाता है
कुशल पाठक को सुनकर बच्चे जानते हैं कि प्रवाहपूर्ण, भावपूर्ण पठन कैसा होता है, और वे उन किताबों की ओर आकर्षित होते हैं जिन्हें बाद में स्वयं पढ़ सकते हैं। यह बच्चों के अपने पठन का पूरक है, विकल्प नहीं।
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Q.124
इस सिद्धांत पर विचार कीजिए कि व्याकरण भाषा का अनुगामी है: नियम उस भाषा से निकाले जाते हैं जिसका लोग वास्तव में प्रयोग करते हैं। कक्षा के लिए इसका मुख्य निहितार्थ क्या है?
- A बच्चे पहले भाषा का प्रयोग और अनुभव करें, फिर उसके व्याकरण पर विचार करें
- B बच्चों को बोलने या लिखने की अनुमति से पहले व्याकरण के सारे नियम सीखने होंगे
- C विद्यालय में व्याकरण पर कभी चर्चा नहीं होनी चाहिए
- D केवल लिखित मानक भाषा का व्याकरण ही वास्तविक व्याकरण है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) बच्चे पहले भाषा का प्रयोग और अनुभव करें, फिर उसके व्याकरण पर विचार करें
क्योंकि नियम पहले से प्रयोग में आ रही भाषा से निकाले गए सामान्यीकरण हैं, इसलिए बच्चों को व्याकरण ऐसी बातचीत और पाठों के माध्यम से मिलना चाहिए जिन्हें वे समझते हैं, और फिर वे पैटर्न खोजें और उन्हें नाम दें। प्रयोग से पहले नियम पढ़ाना इस क्रम को उलट देता है।
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Q.125
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्न का उत्तर दीजिए।
हमारी आँखें जागने से लेकर सोने तक कड़ी मेहनत करती हैं, और बदले में उन्हें कुछ देखभाल मिलनी चाहिए। कम रोशनी में पढ़ने से उन पर ज़ोर पड़ता है, और किताब या स्क्रीन को चेहरे के बहुत पास रखने से भी। अच्छी आदत यह है कि तेज़ और एक-सी रोशनी में पढ़ा जाए और पन्ना आँखों से उचित दूरी पर रहे। जो लोग देर तक पास का काम करते हैं, वे बीच-बीच में थोड़ी देर किसी दूर की चीज़, जैसे खिड़की के बाहर के पेड़, को देखकर आँखों को आराम दे सकते हैं। गंदे हाथों से आँखें मलने से कीटाणु उनमें पहुँच सकते हैं। अंत में, जिस बच्चे को श्यामपट धुँधला दिखता हो, उसका मज़ाक नहीं उड़ाना चाहिए, बल्कि उसकी आँखों की जाँच करानी चाहिए, क्योंकि एक साधारण चश्मा ही समस्या का हल हो सकता है।
गद्यांश में प्रयुक्त 'धुँधला' शब्द का अर्थ है
- A जो आँखों को साफ़ और स्पष्ट न दिखे
- B बहुत गंदा और पूरी तरह धूल से ढका हुआ
- C इतनी दूर कि पहुँचा न जा सके
- D पूरी तरह लिखावट से भरा हुआ
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) जो आँखों को साफ़ और स्पष्ट न दिखे
जिस बच्चे को 'श्यामपट धुँधला दिखता हो', उसकी आँखों की जाँच करानी चाहिए क्योंकि 'एक साधारण चश्मा' समस्या हल कर सकता है; अतः धुँधला का अर्थ है जो साफ़ न दिखे।
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Q.126
भाषा के लिए नए कक्षा I के बच्चों को अंग्रेज़ी सिखाने के लिए कौन-सा गीत सबसे उपयुक्त है?
- A शब्द-भंडार बढ़ाने के लिए अनजान शब्दों से भरा लंबा गाथा-गीत
- B ऐसा गीत जिसके शब्द कॉपी में उतारकर परीक्षा के लिए याद किए जाएँ
- C घर पर टेलीविज़न पर पहले से सुना जाने वाला चलताऊ बोलचाल (slang) से भरा तेज़ फ़िल्मी गीत
- D दोहराए जाने वाले ढाँचे वाला छोटा अभिनय-गीत, जैसे 'Head, shoulders, knees and toes'
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) दोहराए जाने वाले ढाँचे वाला छोटा अभिनय-गीत, जैसे 'Head, shoulders, knees and toes'
छोटे शुरुआती विद्यार्थी दोहराव, स्पष्ट थाप और अर्थ दिखाने वाली क्रियाओं वाले छोटे गीतों से सबसे अच्छा सीखते हैं, जिससे शब्द याद रहने वाले खंड बन जाते हैं। अनजान भाषा वाले लंबे या तेज़ गीत उन पर बोझ डालते हैं, और शब्द उतारने में गाना और करना छूट जाता है।
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Q.127
यह जानने के लिए कि कक्षा IV के बच्चों ने वर्षा ऋतु पर लिखी एक कविता को समझा और महसूस किया है या नहीं, कौन-सा आकलन सबसे उपयुक्त है?
- A उनसे पूरी कविता शुरू से अंत तक बिना एक भी गलती के स्मृति से अपनी कॉपी में लिखवाना
- B शब्दों, चित्रों या अभिनय से बताने को कहना कि कविता ने उन्हें क्या महसूस कराया
- C उनसे कवि का नाम और कविता के प्रकाशित होने का वर्ष लिखवाना
- D उनसे कविता के सभी तुकांत शब्द खोजकर गिनवाना और उनकी अलग सूची अपनी कॉपी में बनवाना
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) शब्दों, चित्रों या अभिनय से बताने को कहना कि कविता ने उन्हें क्या महसूस कराया
कविता के प्रति प्रतिक्रिया इसमें दिखती है कि बच्चे क्या कल्पना करते और महसूस करते हैं, और उसे अलग-अलग तरीकों से व्यक्त करने देना उन बच्चों को भी शामिल करता है जो अभी लिखने में आश्वस्त नहीं हैं। कविता दोहराना या कवि का नाम बताना स्मृति दिखाता है, समझ नहीं।
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Q.128
उच्चारण की कौन-सी कठिनाई कक्षा में सहायता के साथ-साथ स्पीच थेरेपिस्ट जैसे विशेषज्ञ के पास भेजने की सबसे स्पष्ट माँग करती है?
- A कटे तालु (क्लेफ्ट पैलेट) जैसे उच्चारण-अवयवों के दोष के कारण लगातार अस्पष्ट बोलना
- B घर की बोली में अलग श ध्वनि न होने के कारण श के स्थान पर स बोलना
- C अंग्रेज़ी से आए ऐसे शब्द का गलत उच्चारण करना जो बच्चे ने किसी पाठ में पहली बार सुना हो
- D पाठ में पहली बार आए किसी नए, लंबे शब्द को अटक-अटककर पढ़ना
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) कटे तालु (क्लेफ्ट पैलेट) जैसे उच्चारण-अवयवों के दोष के कारण लगातार अस्पष्ट बोलना
उच्चारण-अवयवों के संरचनात्मक दोष के लिए विशेषज्ञ का आकलन और उपचार चाहिए; केवल कक्षा का अभ्यास उसे ठीक नहीं कर सकता। बोली का प्रभाव, अपरिचित आगत शब्द और पहली बार की झिझक सामान्य हैं और कक्षा में अच्छे आदर्शों और अभ्यास से सँभाले जाते हैं।
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Q.129
एक शिक्षिका पाती है कि कक्षा VI के अंग्रेज़ी कालांश में लगभग 80 प्रतिशत समय वह स्वयं बोलती है। निम्नलिखित में से क्या उसे सुविधादाता की भूमिका की ओर बढ़ने में मदद नहीं करेगा?
- A ऐसे जोड़ी और समूह-कार्यों की योजना बनाना जिनमें विद्यार्थियों को बोलना पड़े
- B ऐसे खुले प्रश्न पूछना जो विद्यार्थियों के अपने विचार और मत आमंत्रित करें
- C बोलने से पहले विद्यार्थियों को योजना बनाने के लिए एक मिनट देना
- D हर बिंदु को और विस्तार से समझाना ताकि कुछ भी छूटे नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) हर बिंदु को और विस्तार से समझाना ताकि कुछ भी छूटे नहीं
सुविधादाता कार्यों, खुले प्रश्नों और योजना के समय के माध्यम से शिक्षार्थियों को भाषा के प्रयोग के अवसर देता है। लंबी व्याख्याएँ केवल शिक्षक की बातचीत बढ़ाती हैं और शिक्षक को ही पाठ के केंद्र में रखती हैं।
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Q.130
कक्षा V की एक बच्ची अपनी दादी पर एक छोटी कविता लिखती है जिसमें तुक नहीं है। शिक्षिका को कैसी प्रतिक्रिया देनी चाहिए?
- A उससे कविता इस तरह दोबारा लिखवानी चाहिए कि हर पंक्ति पिछली से तुक मिलाए
- B उसके भावों और बिंबों की सराहना करनी चाहिए, क्योंकि कविता में तुक ज़रूरी नहीं
- C उससे कहना चाहिए कि तुक के बिना यह गद्य है, कविता नहीं, इसलिए इसे फिर लिखे
- D स्वयं उसे सुधारकर नियमित तुकांत छंद में बदल देना चाहिए
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) उसके भावों और बिंबों की सराहना करनी चाहिए, क्योंकि कविता में तुक ज़रूरी नहीं
आधुनिक हिंदी की बहुत-सी कविता मुक्त छंद में है; भाव, बिंब और लय तुक से अधिक महत्त्व रखते हैं। तुक पर आग्रह करना या उसकी कविता स्वयं दोबारा लिख देना बच्ची की सच्ची अभिव्यक्ति को हतोत्साहित करेगा।
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Q.131
वह व्याकरण जो किसी भाषा के बोलने वालों द्वारा उसके वास्तविक प्रयोग का लेखा रखता है, बिना किसी प्रयोग को सही या गलत ठहराए, क्या कहलाता है?
- A निर्देशात्मक (आदेशात्मक) व्याकरण
- B पारंपरिक विद्यालयी व्याकरण
- C वर्णनात्मक व्याकरण
- D सार्वभौमिक व्याकरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) वर्णनात्मक व्याकरण
वर्णनात्मक व्याकरण वास्तविक प्रयोग का वर्णन करता है, जबकि निर्देशात्मक व्याकरण यह नियम बनाता है कि क्या 'सही' माना जाए। आधुनिक भाषाविज्ञान वर्णनात्मक दृष्टि अपनाता है, जो शिक्षक को बच्चों द्वारा लाए गए भाषा-रूपों का सम्मान करने में भी मदद करती है।
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Q.132
ऐसा पाठ्यक्रम (syllabus), जो व्याकरणिक संरचनाओं की सूची के बजाय इस पर आधारित हो कि शिक्षार्थियों को भाषा से क्या करना है, जैसे अभिवादन, अनुरोध, क्षमा माँगना और वर्णन करना, तथा समय और मात्रा जैसी धारणाओं पर, क्या कहलाता है?
- A संरचनात्मक पाठ्यक्रम (structural syllabus)
- B धारणात्मक-प्रकार्यात्मक पाठ्यक्रम (notional-functional syllabus)
- C व्याकरण-अनुवाद विधि पर आधारित पाठ्यक्रम (grammar-translation syllabus)
- D शब्द-सूची पाठ्यक्रम (word-list syllabus)
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) धारणात्मक-प्रकार्यात्मक पाठ्यक्रम (notional-functional syllabus)
धारणात्मक-प्रकार्यात्मक पाठ्यक्रम, जो डी.ए. विल्किन्स से जुड़ा है, संप्रेषण के उद्देश्यों से शुरू होता है और फिर उन्हें व्यक्त करने वाले रूप सिखाता है। संरचनात्मक पाठ्यक्रम व्याकरणिक संरचनाओं को क्रमबद्ध करके एक-एक कर पढ़ाता है।
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Q.133
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्न का उत्तर दीजिए।
मार्च में गौरैयों का एक जोड़ा जोशी परिवार की बैठक में छत के पंखे के ऊपर वाली दरार में तिनके ढोने लगा। जोशी जी फ़र्श पर फैले कूड़े पर बड़बड़ाते और दरार बंद करवा देने की बात करते। उनकी पत्नी ने कुछ नहीं कहा, बस चुपचाप पंखा बंद कर दिया और सोफ़ा खिसका दिया ताकि घोंसले के नीचे कोई न बैठे। जल्दी ही कमरा बेचैन चीं-चीं से भर गया। बच्चे दबे पाँव चलना सीख गए और मेहमानों को दूसरे कमरे में बिठाया जाने लगा। एक सुबह तिनकों के किनारे से तीन नन्हे सिर झाँके—बस चोंच और रोएँ। जोशी जी तक कुर्सी पर चढ़कर देखने लगे, और उस शाम बिना किसी के कहे गिरे हुए तिनके उन्होंने ही बुहारे।
घोंसले के प्रति जोशी जी का भाव किस प्रकार बदला?
- A डर से जिज्ञासा की ओर
- B स्नेह से झुँझलाहट की ओर
- C उदासीनता से गुस्से की ओर
- D झुँझलाहट से स्नेह की ओर
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) झुँझलाहट से स्नेह की ओर
पहले वे कूड़े पर 'बड़बड़ाते' और दरार बंद करवाने की बात करते थे, पर बाद में कुर्सी पर चढ़कर देखने लगे और 'बिना किसी के कहे' तिनके बुहारे।
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Q.134
एक विद्यालय में पुस्तकालय की किताबें फटने या खोने से बचाने के लिए अलमारी में बंद रखी जाती हैं, और बच्चों को उन्हें छूने का अवसर बहुत कम मिलता है। भाषा-शिक्षक को किस बात की पैरवी करनी चाहिए?
- A किताबें बंद ही रहें, क्योंकि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और खोने से बचाना सबसे महत्त्वपूर्ण है
- B केवल सबसे अच्छे और सबसे सावधान पाठकों को ही अलमारी से एक-एक करके किताबें घर ले जाने दी जाएँ
- C बच्चे किताबें केवल वार्षिक पुस्तकालय दिवस पर देखें
- D किताबें बच्चों के लिए खुली हों, वे उन्हें छुएँ, चुनें और घर ले जाएँ, भले कुछ टूट-फूट हो
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) किताबें बच्चों के लिए खुली हों, वे उन्हें छुएँ, चुनें और घर ले जाएँ, भले कुछ टूट-फूट हो
किताबें तभी सार्थक होती हैं जब वे पढ़ी जाएँ; बच्चे किताबों को स्वतंत्र रूप से छूकर और चुनकर पाठक बनते हैं और इसी प्रक्रिया में उनकी देखभाल करना भी सीखते हैं। कुछ टूट-फूट उपयोग का संकेत है, हानि नहीं।
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Q.135
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्न का उत्तर दीजिए।
अधिकतर लोग मधुमक्खी को केवल शहद बनाने वाली के रूप में जानते हैं, पर हमें उसका बड़ा उपहार हमारे फलों और सब्ज़ियों में छिपा है। जब मधुमक्खी मकरंद इकट्ठा करते हुए एक फूल से दूसरे फूल पर जाती है, तो उसके रोएँदार शरीर पर पराग नाम की महीन पीली धूल चिपक जाती है। इस पराग का कुछ अंश अगले फूल पर झड़ जाता है, और इसी के कारण फूल बीज और फल बना पाता है। सरसों से लेकर आम तक अनेक फ़सलें कुछ हद तक ऐसे ही आने-जाने पर निर्भर करती हैं। इसलिए मधुमक्खियाँ, तितलियाँ और दूसरे कीट खेत के बिना वेतन के सहायक हैं। जब हानिकारक छिड़काव उन्हें बड़ी संख्या में मार देते हैं, तो खेत पत्तियों से हरे भले दिखें, पर उनमें पहले से कहीं कम फल लगते हैं।
जिस किसान के खेतों में बहुत कम मधुमक्खियाँ हों, उसके बारे में क्या अनुमान लगाया जा सकता है?
- A उसे बची हुई थोड़ी मधुमक्खियों से अधिक शहद मिलेगा
- B पौधे स्वस्थ दिखने पर भी उसकी फ़सलों में कम फल लग सकते हैं
- C उसके पौधों में नई पत्तियाँ आना बिल्कुल बंद हो जाएगा
- D उसकी फ़सलों को बीज बनाने के लिए पराग की आवश्यकता नहीं रहेगी
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) पौधे स्वस्थ दिखने पर भी उसकी फ़सलों में कम फल लग सकते हैं
कीटों के मारे जाने पर 'खेत पत्तियों से हरे भले दिखें, पर उनमें पहले से कहीं कम फल लगते हैं', क्योंकि पराग एक फूल से दूसरे फूल तक नहीं पहुँचता।
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Q.136
कक्षा V की पूजा को लौटाई जाने वाली हर रचना हर गलती पर लगे लाल निशानों से भरी होती है, और अब उसका लिखने का मन नहीं करता। सुधार का कौन-सा तरीका उसके लिए बेहतर होगा?
- A पहले की तरह हर गलती सुधारना, पर लाल के बजाय हरी स्याही से
- B एक बार में एक-दो मुख्य गलती-प्रतिरूपों पर ध्यान देना और खूबियाँ भी बताना
- C उसकी रचनाएँ लौटाना ही बंद कर देना, ताकि उसे फिर कभी लाल निशान देखने ही न पड़ें
- D हर रचना को पूरी तरह गलती-रहित होने तक उससे पाँच-पाँच बार दोबारा लिखवाना
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) एक बार में एक-दो मुख्य गलती-प्रतिरूपों पर ध्यान देना और खूबियाँ भी बताना
कुछ प्रमुख प्रतिरूपों का चयनात्मक सुधार बच्ची को ऐसा कुछ देता है जिस पर वह काम कर सके, और उसकी खूबियाँ बताना उसकी प्रेरणा बनाए रखता है। हर गलती पर निशान लगाना उसे अभिभूत और हतोत्साहित करता है, स्याही का रंग चाहे जो हो।
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Q.137
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्न का उत्तर दीजिए।
अपनी मुट्ठी बंद करके देखिए: आपका हृदय लगभग इतना ही बड़ा है। यह छोटा-सा अंग एक शक्तिशाली पंप है, जो कभी छुट्टी नहीं लेता। दिन हो या रात, हम दौड़ रहे हों या सो रहे हों, यह नलियों के एक विशाल तंत्र के द्वारा रक्त को शरीर के कोने-कोने तक पहुँचाता रहता है। रक्त कोशिकाओं तक ऑक्सीजन और पोषण ले जाता है और वहाँ से अपशिष्ट पदार्थ वापस लाता है ताकि उन्हें बाहर निकाला जा सके। किसी भी मांसपेशी की तरह हृदय भी ठीक से उपयोग करने पर मज़बूत होता है। तेज़ चलना, तैरना, साइकिल चलाना और खुले मैदान के खेल उससे कुछ देर के लिए थोड़ा अधिक परिश्रम कराते हैं, और समय के साथ इससे वह अधिक कुशल बन जाता है। बचपन में जिस हृदय की देखभाल की जाती है, उसके जीवन भर अपने स्वामी का निष्ठा से साथ निभाने की संभावना अधिक होती है।
गद्यांश में प्रयुक्त 'कुशल' शब्द का अर्थ है
- A पहले की अपेक्षा आकार में बड़ा
- B हर क्षण तेज़ी से धड़कने वाला
- C कम मेहनत में अच्छा काम करने वाला
- D हर प्रकार के रोगों से पूरी तरह मुक्त रहने वाला
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) कम मेहनत में अच्छा काम करने वाला
व्यायाम हृदय से कुछ देर अधिक परिश्रम कराता है और 'समय के साथ इससे वह अधिक कुशल बन जाता है', अर्थात वह कम मेहनत में अपना काम अच्छी तरह करने लगता है।
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Q.138
नोम चॉम्स्की की 1959 की समीक्षा, जिसे प्रायः भाषा की व्यवहारवादी व्याख्या के विरुद्ध एक निर्णायक मोड़ माना जाता है, किस कृति की आलोचना थी?
- A जीन पियाजे की 'The Language and Thought of the Child'
- B बी.एफ. स्किनर की 'Verbal Behavior'
- C लेव वाइगोत्स्की की 'Thought and Language'
- D एरिक लेनेबर्ग की 'Biological Foundations of Language'
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) बी.एफ. स्किनर की 'Verbal Behavior'
1959 में चॉम्स्की ने स्किनर की 'Verbal Behavior' (1957) की समीक्षा में तर्क दिया कि अनुकरण और पुनर्बलन यह नहीं समझा सकते कि बच्चे वे वाक्य कैसे बनाते और समझते हैं जो उन्होंने कभी नहीं सुने। अन्य पुस्तकें भाषा के संज्ञानात्मक, सामाजिक और जैविक पक्ष प्रस्तुत करती हैं, व्यवहारवाद नहीं।
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Q.139
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्न का उत्तर दीजिए।
बहुत-से बच्चे नींद को समय की बरबादी समझते हैं, ऐसे घंटे जिनमें कुछ नहीं होता। शरीर का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिक इसे बिल्कुल अलग दृष्टि से देखते हैं। जब हम सोते हैं, तब शरीर थकी हुई मांसपेशियों की मरम्मत करता है और नए ऊतक बनाता है; बढ़ते बच्चे का शरीर अपनी बढ़त का बहुत-सा काम गहरी नींद में ही करता है। मस्तिष्क भी व्यस्त रहता है। वह दिन भर के अनुभवों को छाँटता है, काम की बातें रखता है और उन्हें स्मृति के रूप में सहेज लेता है। इसीलिए जो विद्यार्थी पढ़ाई के बाद अच्छी नींद लेता है, उसे अगली सुबह पाठ प्रायः उस विद्यार्थी से अधिक अच्छी तरह याद रहता है जो देर रात तक जागा हो। थका हुआ बच्चा अधिक चिड़चिड़ा भी होता है और लापरवाही की अधिक गलतियाँ करता है। नींद समय की बरबादी तो बिल्कुल नहीं, बल्कि सीखने वाले के लिए सबसे लाभकारी निवेशों में से एक है।
गद्यांश के लिए सबसे उपयुक्त शीर्षक कौन-सा है?
- A वैज्ञानिक मस्तिष्क का अध्ययन कैसे करते हैं
- B नींद: विश्राम के व्यस्त घंटे
- C बच्चों को देर रात तक क्यों पढ़ना चाहिए
- D मांसपेशियाँ और उनकी मरम्मत
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) नींद: विश्राम के व्यस्त घंटे
गद्यांश बताता है कि नींद 'समय की बरबादी' नहीं है: शरीर मरम्मत करता है और मस्तिष्क 'दिन भर के अनुभवों को छाँटता है'। बाकी शीर्षक बहुत संकीर्ण हैं या गद्यांश के विपरीत हैं।
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Q.140
कक्षा III में, जहाँ अंग्रेज़ी नई है, बच्चे अंग्रेज़ी में कुछ भी कहने से डरते हैं। कौन-सा पहला कदम उन्हें आत्मविश्वास के साथ अंग्रेज़ी का प्रयोग शुरू कराने की सबसे अधिक संभावना रखता है?
- A हर बच्चे से अपनी पसंद के किसी विषय पर पूरी कक्षा के सामने छोटा भाषण दिलवाना
- B पहले व्याकरण के सभी नियम विस्तार से सिखाना ताकि वे शुरू से ही बिना किसी गलती के सही अंग्रेज़ी बोलें
- C 'May I drink water?' और 'Good morning' जैसे छोटे तय वाक्यांश रोज़ की दिनचर्या में प्रयोग करना
- D उनके हर शब्द को तुरंत सुधारना ताकि उनकी गलतियाँ कभी पक्की आदत न बनें
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) 'May I drink water?' और 'Good morning' जैसे छोटे तय वाक्यांश रोज़ की दिनचर्या में प्रयोग करना
वास्तविक कक्षा-स्थितियों में रोज़ प्रयोग होने वाले बने-बनाए वाक्यांश शुरुआती विद्यार्थियों को जल्दी सफलता और बोलने के सच्चे कारण देते हैं, जिससे उनका डर कम होता है। भाषण या पहले व्याकरण बहुत जल्दी बहुत अधिक माँगते हैं, और लगातार सुधार चिंता बढ़ाता है।
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Q.141
विज्ञान के एक प्रयोग के बाद कक्षा VI की शिक्षिका विद्यार्थियों से पाठ्यपुस्तक की परिभाषा नकल करने के बजाय अपने शब्दों में लिखने को कहती है कि उन्होंने क्या किया, क्या देखा और उनके अनुसार इसका क्या अर्थ है। पाठ्यचर्या के आर-पार भाषा के आलोक में इसका मुख्य महत्व क्या है?
- A इससे वे संप्रत्यय की अपनी समझ स्पष्ट करते और रचते हैं
- B इससे उनकी लिखावट और विज्ञान की कॉपियों की स्वच्छता सुधरती है
- C इससे प्रयोग में लगने वाला समय घटता है
- D यह उन्हें परीक्षा के लिए परिभाषाएँ शब्दशः रटने के लिए तैयार करता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) इससे वे संप्रत्यय की अपनी समझ स्पष्ट करते और रचते हैं
किसी विचार को अपने शब्दों में ढालने से शिक्षार्थी को उसे व्यवस्थित करना पड़ता है, इसलिए लेखन विज्ञान को केवल दर्ज करने का नहीं, सीखने का साधन बन जाता है। परिभाषा की नकल बिना किसी समझ के भी की जा सकती है।
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Q.142
एक भाषा पाठ्यपुस्तक में डॉक्टर और इंजीनियर केवल पुरुष और नर्स तथा रसोइया केवल महिलाएँ दिखाई गई हैं। भाषा शिक्षक को क्या करना चाहिए?
- A ये पाठ छोड़ देने चाहिए क्योंकि निर्धारित पाठ को शिक्षक बदल नहीं सकता
- B पाठ का उपयोग करके बच्चों को लैंगिक रूढ़ियों पर ध्यान दिलाना और चर्चा कराना चाहिए
- C छात्रों को बताना चाहिए कि पाठ्यपुस्तक वास्तविकता दर्शाती है और अभ्यास-प्रश्नों पर आगे बढ़ जाना चाहिए
- D इन पाठों पर प्रश्नों के उत्तर केवल लड़कियों से पूछने चाहिए
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) पाठ का उपयोग करके बच्चों को लैंगिक रूढ़ियों पर ध्यान दिलाना और चर्चा कराना चाहिए
भाषा सामाजिक दृष्टिकोणों की वाहक है, इसलिए शिक्षक को ऐसे पाठों का आलोचनात्मक उपयोग करके बच्चों को लैंगिक पूर्वाग्रह पहचानने और उस पर प्रश्न उठाने में मदद करनी चाहिए। रूढ़ि को अनदेखा करना या उसका समर्थन करना उसे मज़बूत करता है।
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Q.143
कक्षा VI से VIII की हिंदी पाठ्यपुस्तकों में कहानी, निबंध, पत्र, डायरी, यात्रा-वृत्तांत और जीवनी जैसी गद्य की अलग-अलग विधाएँ शामिल होती हैं। इस विविधता का मुख्य कारण क्या है?
- A उन पाठों की संख्या बढ़ाना जिनसे वार्षिक परीक्षा में प्रश्न पूछे जा सकें
- B परीक्षाओं की तैयारी के लिए शिक्षार्थियों से विभिन्न विधाओं के नाम और उनके लेखकों के नाम रटवाना
- C यह दिखाना कि केवल साहित्यिक भाषा ही शुद्ध हिंदी है
- D शिक्षार्थियों को लेखन की विविध शैलियों और उद्देश्यों से परिचित कराना, जिन्हें वे भी आज़मा सकें
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) शिक्षार्थियों को लेखन की विविध शैलियों और उद्देश्यों से परिचित कराना, जिन्हें वे भी आज़मा सकें
हर विधा अलग उद्देश्य के लिए भाषा का अलग ढंग से प्रयोग करती है, इसलिए अनेक विधाओं से मिलना शिक्षार्थियों के पठन को विस्तृत करता है और उन्हें अपने लेखन के लिए आदर्श देता है। विधाओं या लेखकों के नाम रटना उद्देश्य नहीं है।
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Q.144
कक्षा VIII का एक छात्र लिखता है, 'I did a big mistake' और 'I did a wish on my birthday.' उसका काल (tense) सही है। शिक्षक उसकी सहायता सबसे उपयोगी ढंग से कैसे कर सकता है?
- A अनियमित क्रियाओं की पूरी तालिका की सहायता से 'do' और 'make' के भूतकाल रूप उसे फिर से शुरू से पढ़ाना
- B उससे हर सुधरा हुआ वाक्य दस बार लिखवाना ताकि सही रूप पक्का हो जाए
- C उसे 'do' की शब्दकोशीय परिभाषा रटने को देना
- D 'make a mistake' और 'make a wish' जैसे जोड़ों पर ध्यान दिलाकर उन्हें पूरे खंडों के रूप में सिखाना
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) 'make a mistake' और 'make a wish' जैसे जोड़ों पर ध्यान दिलाकर उन्हें पूरे खंडों के रूप में सिखाना
समस्या सहप्रयोग की है, काल की नहीं: अंग्रेज़ी में 'mistake' और 'wish' के साथ परंपरा से 'make' आता है, इसलिए ऐसे जोड़े वास्तविक पाठों में देखकर पूरे खंडों के रूप में सबसे अच्छे सीखे जाते हैं। काल दोबारा पढ़ाना उस चीज़ पर काम करना है जो वह पहले से सही करता है।
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Q.145
कक्षा VII के निबंध लौटाते समय एक शिक्षिका त्रुटियों को रेखांकित करके उन पर 'T' (काल) और 'Sp' (वर्तनी) जैसे संकेत लगाती है, फिर विद्यार्थियों से स्वयं उन्हें सुधारने को कहती है। इस तरीके का मुख्य लाभ क्या है?
- A इससे शिक्षिका को निबंध पढ़ने नहीं पड़ते
- B इससे यह सुनिश्चित हो जाता है कि विद्यार्थी आगे के निबंधों में कोई त्रुटि कभी नहीं दोहराएँगे
- C इससे इस सत्र में आगे किसी लेखन-अभ्यास या शिक्षक की प्रतिपुष्टि की कोई ज़रूरत नहीं रहती
- D इससे विद्यार्थी अपनी त्रुटियों पर ध्यान देते हैं और सही रूपों के बारे में सोचते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) इससे विद्यार्थी अपनी त्रुटियों पर ध्यान देते हैं और सही रूपों के बारे में सोचते हैं
संकेतों वाली प्रतिपुष्टि शिक्षार्थियों को अपनी त्रुटियाँ स्वयं खोजने और सुधारने की दिशा देती है, जिससे त्रुटियों पर ध्यान देने और स्व-सुधार की आदत बनती है। कोई भी प्रतिपुष्टि-विधि यह गारंटी नहीं देती कि त्रुटि फिर कभी नहीं होगी।
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Q.146
चित्र-पुस्तक में कहानी कहाँ लिखी है, यह दिखाने को कहने पर चार साल का बच्चा छपे शब्दों के बजाय चित्र की ओर इशारा करता है। इससे पता चलता है कि बच्चे में अभी किसका विकास हो रहा है?
- A स्वनिम जागरूकता, अर्थात शब्दों के भीतर की अलग-अलग ध्वनियों को सुन पाना
- B पठन प्रवाह, अर्थात गति और भाव के साथ पढ़ना
- C मुद्रण संबंधी अवधारणाएँ, जैसे यह जानना कि संदेश छपे शब्दों में होता है
- D लेखन तत्परता, अर्थात पेंसिल पकड़ने पर नियंत्रण
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) मुद्रण संबंधी अवधारणाएँ, जैसे यह जानना कि संदेश छपे शब्दों में होता है
मुद्रण संबंधी अवधारणाओं में यह जानना शामिल है कि संदेश चित्रों में नहीं, छपे शब्दों में होता है और मुद्रित पाठ एक निश्चित दिशा में पढ़ा जाता है। यह समझ साझा पठन और मुद्रण-समृद्ध वातावरण से बढ़ती है।
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Q.147
निम्नलिखित में से कौन-सा संकेत (prompt) कक्षा V में सृजनात्मक लेखन को सबसे अधिक प्रोत्साहित करेगा?
- A 'कल्पना करो कि तुम्हारे विद्यालय के पेड़ एक दिन के लिए बोल सकते। लिखो कि वे क्या कहते।'
- B 'पाठ के अंत में दिए गए प्रश्न 3 का उत्तर लगभग पचास शब्दों में अपनी कॉपी में लिखो।'
- C 'बोर्ड पर लिखे गाय पर आदर्श निबंध की अपनी कॉपी में सुंदर लिखावट में नकल करो।'
- D 'पाठ के इन दस नए शब्दों के अर्थ लिखो।'
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 'कल्पना करो कि तुम्हारे विद्यालय के पेड़ एक दिन के लिए बोल सकते। लिखो कि वे क्या कहते।'
खुला, कल्पनाशील संकेत मौलिक विचारों और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति को आमंत्रित करता है, जो सृजनात्मक लेखन का मूल है। बाकी कार्यों के उत्तर तय हैं या उनमें नकल करनी है।
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Q.148
दो वर्ष की गुड़िया हर पुरुष को 'पापा' और हर चौपाए जानवर को 'कुत्ता' कहती है। यह किसका उदाहरण है?
- A अल्प-विस्तार (underextension)
- B टेलीग्राफ़िक वाणी
- C कोड-स्विचिंग
- D अति-विस्तार (overextension)
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) अति-विस्तार (overextension)
अति-विस्तार में बच्चा किसी शब्द को वयस्कों की तुलना में व्यापक श्रेणी के लिए प्रयोग करता है, प्रायः आकार या भूमिका जैसी साझा विशेषताओं के आधार पर। यह शब्दों के अर्थ बनाने की एक सामान्य अवस्था है; अल्प-विस्तार इसका उल्टा है, जिसमें शब्द बहुत सीमित अर्थ में प्रयुक्त होता है।
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Q.149
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत जो विद्यार्थी अपनी पढ़ी जा रही तीन भाषाओं में से एक या अधिक बदलना चाहे, वह ऐसा कब कर सकता है?
- A कक्षा 1 या 2 में
- B कक्षा 3 या 4 में
- C कक्षा 6 या 7 में
- D कक्षा 11 या 12 में
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) कक्षा 6 या 7 में
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 कक्षा 6 या 7 में यह परिवर्तन करने देती है, बशर्ते विद्यार्थी माध्यमिक शिक्षा के अंत तक तीन भाषाओं में बुनियादी प्रवीणता दिखा सके, जिनमें एक भारतीय भाषा साहित्य के स्तर पर हो। यह लचीलापन उसके इस सिद्धांत के अनुरूप है कि कोई भाषा थोपी नहीं जाएगी।
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Q.150
निपुण भारत बुनियादी वर्षों के लिए तीन विकासात्मक लक्ष्य तय करता है। बुनियादी भाषा और साक्षरता मुख्य रूप से इनमें से किस लक्ष्य से संबंधित हैं?
- A बच्चे अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण बनाए रखते हैं
- B बच्चे प्रभावी संप्रेषक बनते हैं
- C बच्चे संलग्न शिक्षार्थी बनते हैं और अपने निकट परिवेश से जुड़ते हैं
- D बच्चे अपनी दिनचर्या में आत्मनिर्भर बनते हैं
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सही उत्तर: (B) बच्चे प्रभावी संप्रेषक बनते हैं
निपुण भारत के तीन विकासात्मक लक्ष्यों में 'बच्चे प्रभावी संप्रेषक बनते हैं' मौखिक भाषा, पठन और लेखन को समेटता है। संलग्न शिक्षार्थी वाला लक्ष्य संख्या-ज्ञान और परिवेश की समझ जैसे क्षेत्रों को, और पहला लक्ष्य स्वास्थ्य और कल्याण को समेटता है।
ये प्रश्न कैसे बने
एक AI सहायक (Claude) ने स्थिर, सुस्थापित तथ्यों के अपने सामान्य ज्ञान से अंग्रेज़ी में लिखा और हिंदी में अनुवाद किया (कोई लाइव खोज नहीं) - किसी विषय-विशेषज्ञ या हिंदी मातृभाषी ने इसकी समीक्षा नहीं की है; किसी तथ्य पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक स्रोत से मिला लें।