शिक्षाशास्त्र
CTET गणित शिक्षाशास्त्र प्रश्न उत्तर हिंदी में
CTET पेपर I और पेपर II (गणित) की तैयारी के लिए गणित शिक्षाशास्त्र पर उत्तर सहित 308 अभ्यास प्रश्न; ज़्यादातर के साथ व्याख्या या पूरा हल भी है। उत्तर खोलने से पहले हर प्रश्न खुद हल करें।
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Q.101
समस्या हल करने के बाद एक विद्यार्थी जाँचता है कि उत्तर तर्कसंगत है या नहीं, उसे दूसरी विधि से हल करता है, और सोचता है कि क्या यही तरीका मिलती-जुलती समस्याओं पर काम करेगा। पोल्या के मॉडल के अनुसार विद्यार्थी किस चरण में है?
- A समस्या को ठीक से समझना
- B योजना बनाना
- C पीछे मुड़कर देखना
- D योजना को क्रियान्वित करना
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सही उत्तर: (C) पीछे मुड़कर देखना
पोल्या के चौथे चरण, पीछे मुड़कर देखना, में परिणाम की जाँच, दूसरा मार्ग आज़माना और यह देखना शामिल है कि विधि अन्य समस्याओं में काम आ सकती है या नहीं। यह चरण प्रायः छोड़ दिया जाता है, जबकि इससे अधिगम गहरा होता है।
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Q.102
पुनर्समूहन वाले घटाव पर गोपाल की वर्कशीट पर शिक्षक की कौन-सी टिप्पणी उसके अधिगम के लिए सबसे उपयोगी है?
- A '6/10। पुनर्समूहन वाले घटाव का अब से घर पर और ध्यान से अभ्यास करो।'
- B 'गलत! ये सारे सवाल अपनी कॉपी में फिर से साफ़-साफ़ करके कक्षा के बाद मुझे दिखाओ।'
- C 'अंक ठीक से सीध में हैं। अब दहाई देखो: एक दहाई लेने पर 5 का क्या होता है?'
- D पन्ने के सबसे ऊपर एक स्टार और स्माइली के साथ 'अच्छा प्रयास, ऐसे ही करते रहो!'
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सही उत्तर: (C) 'अंक ठीक से सीध में हैं। अब दहाई देखो: एक दहाई लेने पर 5 का क्या होता है?'
वर्णनात्मक प्रतिपुष्टि बच्चे को बताती है कि उसने क्या ठीक किया और ठीक कौन-सा चरण दोबारा सोचना है, ताकि उसे पता हो कि आगे क्या करना है। अंक, डाँट या सामान्य प्रशंसा ऐसा मार्गदर्शन नहीं देते; सतत आकलन विशिष्ट, गुणात्मक प्रतिपुष्टि को महत्त्व देता है।
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Q.103
कक्षा 3 में आँकड़ों के प्रबंधन का परिचय देने के लिए सबसे उपयुक्त पहली गतिविधि कौन-सी है?
- A कक्षा की उपस्थिति पंजी से ली गई बीस संख्याओं का माध्य निकालना
- B चाँदे से पाई चार्ट बनाकर दिखाना कि बच्चे रोज़ किन-किन तरीकों से विद्यालय आते हैं
- C कक्षा के पसंदीदा फल इकट्ठा करना, मिलान चिह्नों से दर्ज करना और चित्रालेख बनाना
- D अखबार से दोहरा दंड आलेख पढ़ना और उसमें दिखने वाली प्रवृत्तियों पर प्रश्नों के उत्तर देना
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) कक्षा के पसंदीदा फल इकट्ठा करना, मिलान चिह्नों से दर्ज करना और चित्रालेख बनाना
प्राथमिक स्तर पर आँकड़ों का प्रबंधन बच्चों के अपने जीवन से वास्तविक आँकड़े इकट्ठा करने, उन्हें मिलान चिह्नों से व्यवस्थित करने और चित्रालेख से दर्शाने से शुरू होता है, दंड आलेख और बाद में माध्य जैसे मापों से पहले।
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Q.104
पूर्णांकों के बारे में इन कथनों पर विचार कीजिए:
1. हर ऋणात्मक पूर्णांक हर धनात्मक पूर्णांक से छोटा होता है।
2. दो ऋणात्मक पूर्णांकों का योग सदा ऋणात्मक होता है।
3. दो ऋणात्मक पूर्णांकों का गुणनफल सदा ऋणात्मक होता है।
कौन-से कथन सही हैं?
- A केवल 1 और 2
- B केवल 1 और 3
- C केवल 2 और 3
- D 1, 2 और 3
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सही उत्तर: (A) केवल 1 और 2
ऋणात्मक पूर्णांक 0 के बाईं ओर और धनात्मक दाईं ओर होते हैं, इसलिए कथन 1 सत्य है; दो कर्ज़ जोड़ने पर बड़ा कर्ज़ बनता है, इसलिए कथन 2 सत्य है। कथन 3 असत्य है: (−2) × (−3) = 6, जो धनात्मक है।
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Q.105
एक विद्यार्थी एक स्पष्ट रूप से न्यून कोण को मापकर 130° लिखती है। सबसे संभावित कारण और सबसे अच्छी सलाह क्या है?
- A चाँदा खराब है; उसे दूसरा चाँदा लेकर फिर से मापना चाहिए
- B उसने गलत पैमाना पढ़ा; पहले अनुमान लगाए और आधार-भुजा वाले 0 से पढ़े
- C वह नहीं जानती कि कोण क्या है, इसलिए कोण शुरू से दोबारा पढ़ाने होंगे
- D उसकी आँख चाँदे के समतल नहीं थी, इसलिए उसने हर बार निशान कुछ अंश गलत पढ़े
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) उसने गलत पैमाना पढ़ा; पहले अनुमान लगाए और आधार-भुजा वाले 0 से पढ़े
चाँदे पर दो पैमाने होते हैं, और 50° के कोण के लिए दूसरा पैमाना 130° दिखाता है। पहले अनुमान लगाना (न्यून कोण 90° से कम होता है) और आधार-रेखा पर रखी भुजा वाले 0 से गिनना शुरू करना इस त्रुटि को रोकता है।
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Q.106
तीन चिक्की चार बच्चों में बराबर बाँटी जाती हैं, और कक्षा पाती है कि हर बच्चे को 3/4 चिक्की मिलती है। यह समस्या मुख्यतः विद्यार्थियों को भिन्न को किस रूप में देखने में मदद करती है?
- A केवल एक अकेली वस्तु के भाग के रूप में, जैसे टुकड़ों में कटी एक चिक्की
- B एक ही पूर्ण के दो भागों, जैसे लड़कों और लड़कियों, की तुलना के रूप में
- C ऐसी संख्या के रूप में जिसे उपयोग से पहले हमेशा दशमलव में बदलना होता है
- D एक पूर्ण संख्या को दूसरी से भाग देने के परिणाम के रूप में: 3 ÷ 4 = 3/4
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सही उत्तर: (D) एक पूर्ण संख्या को दूसरी से भाग देने के परिणाम के रूप में: 3 ÷ 4 = 3/4
3 चिक्की 4 में बाँटने पर हर बच्चे को 3/4 चिक्की मिलती है, अतः 3 ÷ 4 = 3/4। यह भिन्न का भागफल (भाग) वाला अर्थ है, जो प्रारंभिक कक्षाओं के 'एक पूर्ण का भाग' वाले अर्थ से आगे जाता है।
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Q.107
कक्षा 4 का एक शिक्षक पियाजे की मूर्त संक्रियात्मक अवस्था वाले बच्चों के लिए पाठ बनाता है। निम्नलिखित में से कौन-सी बात इस अवस्था के बच्चों की विशेषता नहीं है?
- A यह समझना कि वस्तुओं को फैलाने या पुनर्व्यवस्थित करने पर भी उनकी संख्या वही रहती है
- B डंडियों को सबसे छोटी से सबसे लंबी तक लंबाई के क्रम में लगाना (क्रमबद्धता)
- C बिना किसी मूर्त आधार के, केवल काल्पनिक कथनों पर व्यवस्थित तर्क करना
- D वस्तुओं को एक साथ एक से अधिक गुणों, जैसे रंग और आकार, के आधार पर छाँटना
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) बिना किसी मूर्त आधार के, केवल काल्पनिक कथनों पर व्यवस्थित तर्क करना
काल्पनिक, अमूर्त कथनों पर व्यवस्थित तर्क पियाजे की औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था की पहचान है। संरक्षण, क्रमबद्धता और बहु-वर्गीकरण मूर्त संक्रियात्मक अवस्था की उपलब्धियाँ हैं।
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Q.108
एक शिक्षक परीक्षा में यह प्रश्न रखता है: 'उत्तर 24 है। ऐसे जितने प्रश्न बना सकते हो बनाओ जिनका यही उत्तर हो।' ऐसे प्रश्न के उपयोग का मुख्य कारण यह है कि यह:
- A केवल एक सही उत्तर वाले प्रश्न की तुलना में जल्दी और आसानी से जाँचा जा सकता है
- B मुख्यतः यह जाँचता है कि बच्चे को 12 तक के पहाड़े याद हैं या नहीं
- C दिखाता है कि बच्चा संक्रियाओं को कितनी अच्छी तरह समझता है, और अनेक सही उत्तरों की छूट देता है
- D शिक्षक को इस आधार पर रैंकिंग में मदद करता है कि बच्चे निश्चित समय में कितने प्रश्न लिखते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) दिखाता है कि बच्चा संक्रियाओं को कितनी अच्छी तरह समझता है, और अनेक सही उत्तरों की छूट देता है
खुला प्रश्न बच्चों को अपने स्तर पर उत्तर देने देता है (12 + 12, 30 − 6, 4 × 6, 48 ÷ 2, 48 का आधा), जिससे शिक्षक देखता है कि वे संक्रियाओं को कितनी लचीली समझ से जानते हैं। इसे जाँचने में वास्तव में अधिक विवेक लगता है, कम नहीं।
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Q.109
कक्षा 3 का एक शिक्षक लगभग पूरा वर्ष संख्या-संक्रियाओं पर लगाता है और आकृतियों, पैटर्न और आँकड़ों के प्रबंधन वाले अध्याय 'असली गणित नहीं' कहकर छोड़ देता है। NCF 2005 के अनुसार यह अनुचित है क्योंकि:
- A कक्षा 3 के पाठ्यक्रम में संख्या-संक्रियाएँ शामिल नहीं हैं, वे ऊँची कक्षाओं की हैं
- B इस स्तर पर आँकड़ों का प्रबंधन संख्या से अधिक महत्वपूर्ण है और उसे वर्ष का अधिकांश समय मिलना चाहिए
- C पाठ्यपुस्तक का हर अध्याय, उसकी विषय-वस्तु जो भी हो, दिए गए क्रम में पन्ना-दर-पन्ना पूरा करना ज़रूरी है
- D गणित केवल अंकगणित नहीं है; आकृति, स्थान, पैटर्न, मापन और आँकड़ों को भी उचित महत्व मिलना चाहिए
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सही उत्तर: (D) गणित केवल अंकगणित नहीं है; आकृति, स्थान, पैटर्न, मापन और आँकड़ों को भी उचित महत्व मिलना चाहिए
NCF 2005 ज़ोर देता है कि संख्याओं और संक्रियाओं के अलावा आकृतियों, स्थानिक समझ, पैटर्न, मापन और आँकड़ों के प्रबंधन को भी उचित महत्व दिया जाए। आपत्ति इन क्षेत्रों की उपेक्षा पर है, संख्याएँ पढ़ाने पर नहीं।
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Q.110
एक विद्यार्थी लिखता है: 'यदि 4 मज़दूर एक दीवार 12 दिन में बनाते हैं, तो 8 मज़दूर 24 दिन लेंगे।' शिक्षक के लिए मदद करने का सबसे अच्छा तरीका है:
- A पूछना कि अधिक मज़दूरों को अधिक समय लगेगा या कम: दोगुने मज़दूरों को आधा समय, 6 दिन, लगेगा
- B उसे कहना कि एक राशि दोगुनी होने पर ऐकिक विधि की तरह सदा गुणा करे
- C उत्तर स्वीकार करना, क्योंकि इसमें ऐकिक विधि का बिल्कुल सही उपयोग हुआ है और पूरा हल साफ़-सुथरा है
- D उसे वास्तविक स्थिति पर बिना किसी भी चर्चा के प्रतिलोम समानुपात का सूत्र सीधे रटने को देना
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) पूछना कि अधिक मज़दूरों को अधिक समय लगेगा या कम: दोगुने मज़दूरों को आधा समय, 6 दिन, लगेगा
यहाँ राशियाँ प्रतिलोम समानुपात में हैं: मज़दूर × दिन स्थिर रहता है (4 × 12 = 48 = 8 × 6)। गणना से पहले स्थिति पर तर्क करवाने से विद्यार्थी आँख मूँदकर प्रत्यक्ष समानुपात नहीं लगाते।
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Q.111
₹x प्रति पेन की दर से 3 पेन और ₹20 की एक कॉपी का कुल मूल्य लिखने को कहने पर एक विद्यार्थी 3x + 20 लिखती है, फिर यह कहकर मिटा देती है, 'यह उत्तर नहीं है; उत्तर एक ही संख्या होना चाहिए।' उसकी कठिनाई यह है कि वह:
- A अभी नहीं मानती कि 3x + 20 जैसा व्यंजक स्वयं एक पूर्ण उत्तर हो सकता है
- B नहीं जानती कि x का मान दिए बिना 3 को x से कैसे गुणा करें
- C उसने कॉपी का मूल्य तीनों पेनों के कुल मूल्य में गलत तरीके से जोड़ दिया है
- D उसे दोनों पदों को आपस में मिलाकर एकल अंतिम उत्तर के रूप में 23x लिखना चाहिए था
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) अभी नहीं मानती कि 3x + 20 जैसा व्यंजक स्वयं एक पूर्ण उत्तर हो सकता है
अंकगणित में हर उत्तर एक ही संख्या होता है, इसलिए विद्यार्थी प्रायः व्यंजक को अधूरा मानते हैं और असमान पदों को मिलाकर 23x भी लिख देते हैं। शिक्षक को दिखाना चाहिए कि 3x + 20 एक पूर्ण उत्तर है जो किसी भी मूल्य x के लिए कुल मूल्य बताता है।
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Q.112
एक विद्यार्थी 23 × 14 को 23 × 4 = 92 और 23 × 1 = 23 करके, दोनों जोड़कर 115 पाता है। भ्रांति क्या है?
- A वह 4 × 5 से आगे 4 का पहाड़ा नहीं जानता
- B वह 14 के 1 को 1 दहाई के बजाय 1 मानता है
- C उसने दोनों आंशिक गुणनफलों को जोड़ने में गलती की है
- D उसे बार-बार जोड़ का उपयोग करना चाहिए था, क्योंकि कलन-विधि बहुत कठिन है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) वह 14 के 1 को 1 दहाई के बजाय 1 मानता है
23 × 14 = 23 × 4 + 23 × 10 = 92 + 230 = 322। 14 को 10 + 4 लिखना और क्षेत्रफल (ग्रिड) मॉडल का उपयोग हर आंशिक गुणनफल का स्थानीय मान दिखा देता है।
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Q.113
आँकड़ों के प्रबंधन के शिक्षण के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चित्रालेख में कुंजी बताती है कि एक प्रतीक कितनी वस्तुओं को दर्शाता है, और आलेख पढ़ने के लिए बच्चों को उसका उपयोग करना चाहिए।
2. दंड आलेख में सभी दंडों की चौड़ाई बराबर होनी चाहिए, और दंड की ऊँचाई बारंबारता दर्शाती है।
कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- A केवल 1
- B केवल 2
- C 1 और 2 दोनों
- D न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) 1 और 2 दोनों
जब एक प्रतीक 5 को दर्शाता हो, तब गेंद के चार प्रतीकों को '4 बच्चे' पढ़ने वाले बच्चे ने कुंजी की अनदेखी की है। दंड आलेख में केवल ऊँचाई सूचना देती है, इसलिए असमान चौड़ाई वाले दंड पाठक को भ्रमित करेंगे।
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Q.114
कक्षा 3 का एक बच्चा 'छह सौ चार' को 64 लिखता है। यह त्रुटि मुख्यतः दर्शाती है कि बच्चा:
- A 'छह सौ' संख्या का नाम नहीं जानता, इसलिए उसे छोड़ देता है
- B संख्या लिखते समय अंक 6 और 4 में भ्रमित हो गया है
- C स्थानीय मान अच्छी तरह समझता है पर कक्षा में बहुत जल्दी लिखता है
- D दहाई का स्थान खाली दिखाने के लिए शून्य का उपयोग नहीं करता
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) दहाई का स्थान खाली दिखाने के लिए शून्य का उपयोग नहीं करता
दहाई के स्थान पर 0 के बिना 6 दहाई के स्थान पर खिसक जाता है और संख्या चौंसठ बन जाती है। अबेकस या स्थानीय मान तालिका पर 604 दिखाना, जहाँ दहाई की खूँटी स्पष्ट रूप से खाली है, यह स्पष्ट करता है कि 0 क्यों लिखना ज़रूरी है।
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Q.115
एक विद्यार्थी दावा करता है, 'सभी अभाज्य संख्याएँ विषम होती हैं।' शिक्षक केवल पूछता है, '2 के बारे में क्या?' शिक्षक का यह प्रश्न गणितीय तर्क की किस विशेषता को सामने लाता है?
- A किसी सामान्य कथन को असत्य सिद्ध करने के लिए एक प्रति-उदाहरण पर्याप्त है
- B यदि कोई सामान्य कथन जाँचे गए अधिकांश मामलों में सही है तो वह सत्य है
- C गणितीय कथन उन्हें कहने वाले व्यक्ति की राय पर निर्भर करते हैं
- D गणित में हर सामान्य कथन को स्वीकार करने के लिए कम से कम दस उदाहरण चाहिए
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) किसी सामान्य कथन को असत्य सिद्ध करने के लिए एक प्रति-उदाहरण पर्याप्त है
गणित में सामान्य दावा हर स्थिति में सत्य होना चाहिए, इसलिए एक प्रति-उदाहरण (2 अभाज्य है और सम है) उसे असत्य सिद्ध करने के लिए पर्याप्त है। अनेक मामलों में सही निकलना किसी सामान्य कथन को सत्य नहीं बनाता।
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Q.116
विद्यार्थी कई गोल वस्तुओं (चूड़ियाँ, ढक्कन, सिक्के) की परिधि और व्यास मापते हैं और पाते हैं कि अनुपात हमेशा 3 से थोड़ा अधिक है। यह गतिविधि किस विधि का उदाहरण है?
- A व्याख्यान-सह-प्रदर्शन विधि
- B शिक्षण की निगमन विधि
- C प्रयोगशाला विधि
- D संश्लेषण विधि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) प्रयोगशाला विधि
प्रयोगशाला विधि में वास्तविक वस्तुओं के साथ हाथ से मापन और प्रयोग होता है, ताकि विद्यार्थी अपनी क्रिया से गणितीय परिणाम (यहाँ पाई का सन्निकट मान) तक पहुँचें।
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Q.117
कक्षा 6 का एक शिक्षक समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना चाहता है। कौन-सा तरीका सबसे उपयुक्त है?
- A बोर्ड पर एक उदाहरण हल करके बीस मिलते-जुलते प्रश्न देना ताकि विद्यार्थी उसी विधि की नकल करें
- B समस्या देना, विद्यार्थियों को समूहों में अपनी रणनीतियाँ आज़माने देना, फिर विधियों की तुलना और चर्चा करना
- C पहले सूत्र बताकर विद्यार्थियों से पाठ्यपुस्तक के सभी अभ्यास क्रम से उसी सूत्र द्वारा हल करवाना
- D केवल सबसे तेज़ विद्यार्थियों को ज़ोर से उत्तर देने देना ताकि पाठ जल्दी बढ़े और पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो
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सही उत्तर: (B) समस्या देना, विद्यार्थियों को समूहों में अपनी रणनीतियाँ आज़माने देना, फिर विधियों की तुलना और चर्चा करना
समस्या समाधान की क्षमता तब बढ़ती है जब विद्यार्थी बिना दी गई विधि के समस्या का सामना करते हैं, रणनीतियाँ आज़माते हैं और अलग-अलग हलों पर विचार करते हैं। हल किए उदाहरण की नकल से विधि-पालन आता है, समस्या समाधान नहीं।
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Q.118
NCF 2005 में पूर्व-प्राथमिक स्तर के गणित के बारे में इन कथनों पर विचार कीजिए:
1. अधिगम उपदेशात्मक संप्रेषण के बजाय खेल के माध्यम से होना चाहिए।
2. इसी स्तर पर चारों संक्रियाओं के औपचारिक लिखित एल्गोरिद्म शुरू करने चाहिए।
इनमें से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A केवल 2
- B 1 और 2 दोनों
- C न तो 1, न ही 2
- D केवल 1
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) केवल 1
NCF 2005 कहता है कि पूर्व-प्राथमिक स्तर पर सारा अधिगम खेल से होता है, जिसमें सरल तुलना, वर्गीकरण और गिनती तथा मात्रा का संबंध शामिल है। लिखित एल्गोरिद्म बहुत बाद के स्तरों के हैं।
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Q.119
60 विद्यार्थियों के एक सर्वेक्षण में 15 ने क्रिकेट को अपना प्रिय खेल चुना। एक विद्यार्थी पाई चार्ट में क्रिकेट का त्रिज्यखंड 15° के कोण का बनाता है। शिक्षक को उसे यह समझाना चाहिए कि:
- A उसे क्रिकेट चुनने वाले हर विद्यार्थी के लिए एक, यानी 15 छोटे त्रिज्यखंड बनाने चाहिए
- B कोण 15 × 10 = 150° होना चाहिए, यानी हर विद्यार्थी के लिए दस डिग्री
- C प्रिय खेलों के आँकड़ों के लिए पाई चार्ट का उपयोग नहीं हो सकता, वह केवल धन या समय के लिए है
- D त्रिज्यखंड 360° का वही भिन्न हो जो क्रिकेट पूरे का है: 15/60 × 360° = 90°
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) त्रिज्यखंड 360° का वही भिन्न हो जो क्रिकेट पूरे का है: 15/60 × 360° = 90°
पाई चार्ट हर श्रेणी को पूरे वृत्त के भिन्न के रूप में दिखाता है। क्रिकेट 60 में से 15, यानी एक-चौथाई विद्यार्थी है, इसलिए उसे 360° का एक-चौथाई, 90° चाहिए; हर विद्यार्थी 360° ÷ 60 = 6° के बराबर है, 1° या 10° के नहीं।
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Q.120
एक-चौथाई की अवधारणा सिखाने के लिए शिक्षक मुड़ा हुआ कागज़, कटी हुई रोटी, मापने का कप और चार कंचों का समूह उपयोग करता है। यह ज़ोल्टन डीन्स के किस सिद्धांत को दर्शाता है?
- A गतिशील सिद्धांत (खेल, संरचना, फिर अभ्यास)
- B रचनात्मकता सिद्धांत (विश्लेषण से पहले स्वयं निर्माण करना)
- C गणितीय परिवर्तनशीलता सिद्धांत
- D प्रत्यक्षात्मक परिवर्तनशीलता (बहु-मूर्त रूप) सिद्धांत
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सही उत्तर: (D) प्रत्यक्षात्मक परिवर्तनशीलता (बहु-मूर्त रूप) सिद्धांत
प्रत्यक्षात्मक परिवर्तनशीलता का अर्थ है एक ही अवधारणा को कई अलग-अलग भौतिक सामग्रियों से प्रस्तुत करना, ताकि बच्चा किसी एक सामग्री के लक्षणों के बजाय साझा गणितीय विचार को अमूर्त करे।
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Q.121
एक लंबी वर्कशीट में बच्चा A एक बार 7 × 8 = 54 लिखता है पर बाकी सभी तथ्य सही करता है। बच्चा B लिखता है 0.3 × 0.2 = 0.6, 0.4 × 0.2 = 0.8 और 0.5 × 0.3 = 1.5। सबसे उचित निष्कर्ष कौन-सा है?
- A दोनों बच्चों ने गुणा में त्रुटियाँ की हैं, इसलिए दोनों को एक ही उपचारात्मक योजना चाहिए
- B A की त्रुटि चूक लगती है; B का पैटर्न एक भ्रांति दिखाता है
- C B दशमलव बिंदु के प्रति केवल लापरवाह है और उसे बस धीरे काम करना चाहिए
- D A की समस्या अधिक गहरी है, क्योंकि मूल तथ्यों की त्रुटियाँ अधिक गंभीर होती हैं
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सही उत्तर: (B) A की त्रुटि चूक लगती है; B का पैटर्न एक भ्रांति दिखाता है
B अंकों का गुणा करता है और हमेशा एक दशमलव स्थान रखता है (सही उत्तर 0.06, 0.08 और 0.15 हैं); यह व्यवस्थित त्रुटि तब तक दोहराई जाएगी जब तक दशांश × दशांश = शतांश समझ में न आए। कई सही तथ्यों के बीच एक अकेली त्रुटि चूक होने की अधिक संभावना है।
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Q.122
कक्षा 6 का शिक्षक भास्कर द्वितीय के बारहवीं शताब्दी के ग्रंथ लीलावती की एक पहेली सरल शब्दों में सुनाकर विद्यार्थियों से उसे हल करवाता है। इसका मुख्य लाभ यह है कि:
- A लीलावती में आधुनिक पाठ्यपुस्तक के सभी प्रमेयों के औपचारिक प्रमाण उसी क्रम में दिए गए हैं
- B लीलावती की अनेक समस्याएँ रोचक पद्यों और पहेलियों में हैं, जो शब्द-समस्याओं की लंबी परंपरा का भाग हैं
- C यह दिखाता है कि आज के + और − चिह्न पहले लीलावती में आविष्कृत हुए और वहीं से फैले
- D यह विद्यार्थियों के अपने परिवेश से ली गई समस्याओं की आवश्यकता समाप्त कर देता है, क्योंकि ये पुरानी पहेलियाँ ही पर्याप्त हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) लीलावती की अनेक समस्याएँ रोचक पद्यों और पहेलियों में हैं, जो शब्द-समस्याओं की लंबी परंपरा का भाग हैं
लीलावती अंकगणित की समस्याओं को काव्यात्मक, पहेली जैसे रूप में प्रस्तुत करने के लिए प्रसिद्ध है, जिससे समस्या समाधान आनंददायक बन सकता है और गणित भारत की सांस्कृतिक विरासत के अंग के रूप में दिखता है। आज के + और − चिह्न बहुत बाद में यूरोप से आए।
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Q.123
विद्यार्थी पाँच त्रिभुजों के कोण मापते हैं और कोण-योग 179°, 181°, 180°, 178° और 180° पाते हैं। कौन-सा निष्कर्ष सबसे सटीक है?
- A कोण-योग त्रिभुज के आकार और माप के अनुसार एक त्रिभुज से दूसरे त्रिभुज में बदलता रहता है
- B ये माप सिद्ध करते हैं कि हर संभव त्रिभुज में कोण-योग ठीक 180° ही होता है
- C गतिविधि बेकार है, क्योंकि सभी माप बराबर नहीं आए और इसलिए वे किसी भी बात को सिद्ध नहीं करते
- D परिणाम 180° योग का संकेत देते हैं, पर अकेला मापन हर त्रिभुज के लिए इसे ठीक-ठीक नहीं दिखा सकता
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सही उत्तर: (D) परिणाम 180° योग का संकेत देते हैं, पर अकेला मापन हर त्रिभुज के लिए इसे ठीक-ठीक नहीं दिखा सकता
मापन में त्रुटि होती है और वह कुछ ही मामलों को देखता है, इसलिए वह अनुमान (conjecture) का समर्थन करता है पर उसे सिद्ध नहीं करता; निश्चितता के लिए निगमनात्मक तर्क चाहिए। अनुमान बनाने के लिए गतिविधि फिर भी उपयोगी है।
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Q.124
निम्नलिखित में से कौन-सी कक्षा प्रथा विद्यार्थियों में गणित की चिंता (mathematics anxiety) को कम करने की सबसे अधिक संभावना रखती है?
- A कक्षा में अंक ज़ोर से घोषित करना ताकि विद्यार्थी शीर्ष स्थान के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा को प्रेरित हों
- B कई विधियों को प्रोत्साहित करना, प्रयास और तर्क को महत्व देना, और नियमित कार्य से समय का दबाव हटाना
- C ज़ोर देना कि हर समस्या को हल करने का केवल एक सही तरीका है, ताकि विद्यार्थी कभी भ्रमित न हों
- D विद्यार्थियों को सतर्क और तैयार रखने के लिए कड़ी समय-सीमा के साथ बार-बार आकस्मिक परीक्षाएँ
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) कई विधियों को प्रोत्साहित करना, प्रयास और तर्क को महत्व देना, और नियमित कार्य से समय का दबाव हटाना
गणित की चिंता समय के दबाव, सार्वजनिक असफलता के भय और कठोर 'एक ही सही तरीका' शिक्षण से बढ़ती है। अलग-अलग रणनीतियों को स्वीकारना और तर्क को महत्व देना आत्मविश्वास बनाता है और चिंता घटाता है।
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Q.125
क्विज़नेयर रॉड 1 से 10 इकाई लंबाई की रंगीन छड़ें हैं। निम्नलिखित में से उनका सबसे उपयुक्त उपयोग क्या है?
- A लंबाइयों की तुलना से 3 + 4 = 7 जैसे संख्या संबंध, गुणनखंड और सरल भिन्नें खोजना
- B त्रिभुज की तीनों भुजाओं पर अलग-अलग रंग की छड़ें रखकर उसके कोणों को मापना
- C घन, घनाभ, शंकु और बेलन जैसे त्रिविमीय ठोसों के नाम और उनके फलक सिखाना
- D मिलान चार्ट में आँकड़े दर्ज करना और उनसे दंड आलेख बनाना
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) लंबाइयों की तुलना से 3 + 4 = 7 जैसे संख्या संबंध, गुणनखंड और सरल भिन्नें खोजना
हर छड़ की लंबाई एक संख्या दर्शाती है, इसलिए छड़ों को सिरे से सिरा या साथ-साथ रखने पर जोड़, घटाव, गुणनखंड और भिन्न संबंध अलग-अलग वस्तुएँ गिने बिना दिखाई देते हैं।
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Q.126
जियोबोर्ड पर बच्चे 6 इकाई वर्ग घेरने वाला आयत बनाते हैं, फिर उसके विकर्ण पर रबर बैंड खींचते हैं और पाते हैं कि हर त्रिभुज 3 वर्ग घेरता है। यह गतिविधि बच्चों को इस विचार की ओर ले जाती है कि:
- A त्रिभुज का परिमाप हमेशा उसके चारों ओर के आयत के परिमाप का आधा होता है
- B त्रिभुज का क्षेत्रफल समान आधार और ऊँचाई वाले आयत से हमेशा अधिक होता है
- C समकोण त्रिभुज का क्षेत्रफल उसी आधार और ऊँचाई वाले आयत का आधा होता है
- D जियोबोर्ड पर बनने वाले सभी त्रिभुजों का क्षेत्रफल समान होता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) समकोण त्रिभुज का क्षेत्रफल उसी आधार और ऊँचाई वाले आयत का आधा होता है
विकर्ण आयत को दो बराबर समकोण त्रिभुजों में बाँटता है, इसलिए हर एक का क्षेत्रफल आधा है; यह 1/2 × आधार × ऊँचाई सूत्र की तैयारी है। त्रिभुज का क्षेत्रफल उसे घेरने वाले आयत से कभी अधिक नहीं होता, और उसका परिमाप आयत का आधा नहीं होता।
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Q.127
इन कथनों पर विचार कीजिए:
1. NEP 2020 की 5+3+3+4 संरचना में बुनियादी चरण 3 से 8 वर्ष की आयु का है: तीन वर्ष पूर्व-प्राथमिक या आंगनवाड़ी तथा कक्षा 1 और 2।
2. निपुण भारत 3 से 9 वर्ष की आयु के बच्चों को शामिल करता है।
3. इसी संरचना में प्रारंभिक (preparatory) चरण कक्षा 6 से 8 तक का है।
कौन-से कथन सही हैं?
- A केवल 2 और 3
- B केवल 1 और 3
- C 1, 2 और 3
- D केवल 1 और 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) केवल 1 और 2
बुनियादी चरण 3 से 8 वर्ष (पूर्व-प्राथमिक या आंगनवाड़ी तथा कक्षा 1 और 2) का है, और निपुण भारत 3 से 9 वर्ष के बच्चों को शामिल करता है। कथन 3 असत्य है: प्रारंभिक चरण कक्षा 3 से 5 (8 से 11 वर्ष) का है, और कक्षा 6 से 8 मध्य चरण में आती हैं।
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Q.128
दशमलव की तुलना पर दो सप्ताह के उपचारात्मक कार्य के बाद सना वही पाँच प्रश्न सही कर लेती है जो उसने पहले गलत किए थे। यह निष्कर्ष निकालने से पहले कि उसकी भ्रांति दूर हो गई है, शिक्षक को चाहिए कि:
- A उपचारात्मक कार्य पूरा घोषित कर दे, क्योंकि अब पाँचों उत्तर सही हैं
- B अधिगम पक्का करने के लिए एक सप्ताह तक हर दिन वही पाँच प्रश्न दे
- C दूसरे रूप में नए प्रश्न दे, जैसे 0.4 और 0.38 को संख्या रेखा पर रखना
- D उसे अगले अध्याय पर ले जाए और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए प्रमाण-पत्र दे
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) दूसरे रूप में नए प्रश्न दे, जैसे 0.4 और 0.38 को संख्या रेखा पर रखना
दोहराए गए प्रश्नों के सही उत्तर समझ के बजाय याद से भी आ सकते हैं। अलग रूप वाले नए प्रश्न, जिन्हें भ्रांति वाला बच्चा गलत करेगा (0.38 देखने में 0.4 से बड़ा लगता है), दिखाते हैं कि समझ वास्तव में बदली या नहीं।
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Q.129
गणित की कक्षा में ICT का सबसे उपयुक्त उपयोग निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A शिक्षक द्वारा पाठ्यपुस्तक के अभ्यास कदम-दर-कदम हल करने का वीडियो दिखाना ताकि विद्यार्थी घर पर हर चरण की नकल करें
- B सभी हाथ से की जाने वाली गतिविधियों की जगह कंप्यूटर-आधारित ड्रिल लगाना जो तुरंत अंक दे और हर विद्यार्थी को रैंक करे
- C कक्षा 1 से कैलकुलेटर का उपयोग ताकि विद्यार्थियों को मूल संख्या तथ्य सीखने ही न पड़ें
- D गतिशील ज्यामिति सॉफ्टवेयर का उपयोग, जिसमें विद्यार्थी शीर्ष खींचकर खोजें कि त्रिभुज के कौन-से गुण नहीं बदलते
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) गतिशील ज्यामिति सॉफ्टवेयर का उपयोग, जिसमें विद्यार्थी शीर्ष खींचकर खोजें कि त्रिभुज के कौन-से गुण नहीं बदलते
ICT तब सबसे मूल्यवान है जब वह ऐसी खोज और दृश्यीकरण संभव बनाए जो अन्यथा कठिन हो, जैसे गतिशील ज्यामिति। इसे केवल ड्रिल या चरणों की नकल के लिए उपयोग करने से समझ नहीं बढ़ती।
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Q.130
विद्यार्थी स्प्रेडशीट के एक स्तंभ में n = 1 से 50 तक लिखते हैं और अगले स्तंभ में सूत्र 3n + 1, फिर दोनों स्तंभों का आलेख बनाते हैं। इस गतिविधि का मुख्य लाभ यह है कि विद्यार्थी:
- A व्यंजक को ऐसा नियम मानते हैं जो हर n के लिए मान देता है, और अनेक मामले व आलेख जल्दी जाँचते हैं
- B व्यंजकों में मान रखना सीखने की आवश्यकता से मुक्त हो जाते हैं, क्योंकि यह काम स्प्रेडशीट उनके लिए करती है
- C मुख्यतः स्प्रेडशीट में सेल सजाना और रंग चुनना सीखते हैं, जो कंप्यूटर चलाने का एक उपयोगी कौशल है
- D पाते हैं कि 3n + 1 का केवल एक ही सही मान है, जो स्प्रेडशीट हर पंक्ति में दिखाती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) व्यंजक को ऐसा नियम मानते हैं जो हर n के लिए मान देता है, और अनेक मामले व आलेख जल्दी जाँचते हैं
स्प्रेडशीट हर n के लिए 3n + 1 का मान एक साथ देती है, इसलिए अक्षर चर के रूप में और व्यंजक एक संबंध के रूप में दिखता है जिसकी सारणी और आलेख बन सकते हैं। मान रखना समझना फिर भी आवश्यक है; यह साधन उसे आगे बढ़ाता है।
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Q.131
सामग्री का उस विचार से मिलान कीजिए जिसे वह सबसे अच्छी तरह सहारा देती है:
A. स्थानीय मान कार्ड B. दस-फ़्रेम (ten-frame) C. दस-दस के समूहों वाली 100 मनकों की माला D. आइसोमेट्रिक बिंदु-कागज़
(i) त्रिविमीय आकृतियाँ बनाना
(ii) विस्तारित रूप, जैसे 345 = 300 + 40 + 5
(iii) छोटी संख्याओं को 5 और 10 के संदर्भ में देखना
(iv) दस-दस में गिनना और 100 तक संख्याओं का क्रम
- A A-iii, B-ii, C-iv, D-i
- B A-ii, B-iii, C-iv, D-i
- C A-ii, B-iv, C-i, D-iii
- D A-i, B-iii, C-iv, D-ii
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) A-ii, B-iii, C-iv, D-i
स्थानीय मान कार्ड अलग करने पर 300, 40 और 5 दिखाते हैं; दस-फ़्रेम से बच्चे 8 को '5 और 3' या '10 से 2 कम' के रूप में देखते हैं; दस-दस के समूहों वाली मनकों की माला 100 तक दस-दस में गिनने में सहायक है; आइसोमेट्रिक बिंदु-कागज़ ठोस आकृतियाँ बनाने में काम आता है।
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Q.132
एक बच्ची 26 तीलियाँ सही गिन लेती है। जब उससे कहा जाता है कि 26 का '2' जितनी तीलियाँ दर्शाता है उन पर घेरा बनाओ, तो वह 2 तीलियों पर घेरा बनाती है। यह दर्शाता है कि वह:
- A सोचती है कि अंक 2 का अर्थ दो है, दो दहाई नहीं
- B स्थानीय मान पूरी तरह समझ चुकी है, क्योंकि उसने सभी 26 सही गिनीं
- C अभी 20 से आगे बिना गलती के नहीं गिन पाती
- D अंक 2 और 6 में भ्रमित है क्योंकि वे मिलते-जुलते दिखते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) सोचती है कि अंक 2 का अर्थ दो है, दो दहाई नहीं
'2' का अर्थ 2 दहाई, यानी 20 तीलियाँ है। सही गिनना और लिखना इस कमी को छिपा सकता है; तीलियों को दस-दस के बंडलों में बाँधना और बंडलों को दहाई के अंक से जोड़ना स्थानीय मान का अर्थ बनाता है।
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Q.133
निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य कक्षा 4 की गणित कक्षा में छोटे समूह कार्य के लिए उपयुक्त नहीं है?
- A 345 + 128 जैसा सामान्य सवाल, जिसे हर बच्चा अकेले एक मिनट में कर सकता है
- B ₹1, ₹2, ₹5 और ₹10 के सिक्कों से ₹20 बनाने के सभी तरीके खोजना
- C कक्षा के पसंदीदा फलों के आँकड़े जुटाना और तय करना कि उन्हें कैसे दिखाएँ
- D तय करना कि 'जो संख्या 0 पर समाप्त हो वह हमेशा 5 से विभाज्य है' सही है या नहीं, और क्यों
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 345 + 128 जैसा सामान्य सवाल, जिसे हर बच्चा अकेले एक मिनट में कर सकता है
समूह कार्य तब सार्थक होता है जब कार्य के कई हल हों, मिलकर प्रयास चाहिए हो या तर्क-वितर्क की गुंजाइश हो, ताकि सदस्यों को विचार साझा करने पड़ें। एक उत्तर वाला सामान्य सवाल चर्चा के लिए कुछ नहीं देता और अकेले करना बेहतर है।
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Q.134
गणित शिक्षा में किसी शिक्षार्थी के लिए कोई कार्य 'अभ्यास' के बजाय 'समस्या' कब कहलाता है?
- A जब उसमें बड़ी संख्याएँ या गणना के कई चरण हों, जिन्हें पूरा करने में काफ़ी लंबा समय लगता हो
- B जब वह परीक्षा के प्रश्न-पत्र में आए और अन्य प्रश्नों से अधिक अंकों का हो
- C जब शिक्षार्थी के पास उसकी कोई बनी-बनाई विधि न हो और उसे हल का तरीका स्वयं निकालना पड़े
- D जब वह पाठ्यपुस्तक के अध्याय के अंत से, हल किए गए उदाहरणों के बाद, लिया गया हो
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) जब शिक्षार्थी के पास उसकी कोई बनी-बनाई विधि न हो और उसे हल का तरीका स्वयं निकालना पड़े
अभ्यास किसी ज्ञात विधि का अभ्यास कराता है; समस्या में शिक्षार्थी को स्वयं तरीका निकालना पड़ता है, इसलिए एक ही कार्य एक बच्चे के लिए समस्या और दूसरे के लिए अभ्यास हो सकता है। बड़ी संख्याएँ किसी कार्य को समस्या नहीं बनातीं।
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Q.135
समांतर चतुर्भुज की अवधारणा सिखाने के लिए शिक्षक अलग-अलग आकार, भुजा-लंबाई, कोण और स्थिति वाले समांतर चतुर्भुज दिखाता है, जबकि 'सम्मुख भुजाएँ समांतर' वाला गुण सभी में समान रहता है। यह डीन्स के किस सिद्धांत का अनुप्रयोग है?
- A गणितीय परिवर्तनशीलता सिद्धांत
- B प्रत्यक्षात्मक परिवर्तनशीलता (बहु-मूर्त रूप) सिद्धांत
- C गतिशील सिद्धांत
- D रचनात्मकता सिद्धांत
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) गणितीय परिवर्तनशीलता सिद्धांत
गणितीय परिवर्तनशीलता का अर्थ है अवधारणा के अप्रासंगिक लक्षणों को बदलना जबकि आवश्यक लक्षण स्थिर रहे, ताकि शिक्षार्थी सामान्यीकरण कर सके। इसके विपरीत प्रत्यक्षात्मक परिवर्तनशीलता एक ही अवधारणा को अलग-अलग सामग्रियों से प्रस्तुत करती है।
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Q.136
'यदि 12 पेंसिलों का मूल्य ₹30 है, तो 18 पेंसिलों का मूल्य क्या होगा?' के लिए विद्यार्थी अनुपात सारणी बनाते हैं: 12 → 30, 6 → 15, 18 → 45। इस रणनीति का मुख्य लाभ यह है कि यह:
- A गुणा और भाग से पूरी तरह बचाती है, ताकि विद्यार्थियों को केवल जोड़ना पड़े
- B केवल तभी काम करती है जब संख्याएँ 6 की गुणज हों, जैसी वे इस प्रश्न में हैं
- C प्रश्न वास्तव में क्या पूछ रहा है, यह समझने की आवश्यकता समाप्त कर देती है, क्योंकि सारा चिंतन तालिका करती है
- D आधा करने और जोड़ने जैसे आसान चरणों से उत्तर बनाते हुए दोनों राशियों का अनुपात समान रखती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) आधा करने और जोड़ने जैसे आसान चरणों से उत्तर बनाते हुए दोनों राशियों का अनुपात समान रखती है
दोनों राशियों को आधा करना (6 → 15) और पंक्तियाँ जोड़ना (12 + 6 → 30 + 15) अनुपात को स्थिर रखता है, इसलिए ₹45 का उत्तर ऐसे तर्क से मिलता है जिसे विद्यार्थी समझ सकते हैं। इसमें गुणा-भाग फिर भी होता है, पर उन चरणों में जिन्हें विद्यार्थी स्वयं चुनते हैं।
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Q.137
4 लोगों के लिए एक व्यंजन में 6 कप चावल लगते हैं। 6 लोगों के लिए कितना चाहिए, यह पूछने पर एक विद्यार्थी कहता है 8 कप: 'दो लोग अधिक, इसलिए दो कप अधिक'। विद्यार्थी:
- A वहाँ जोड़ पर आधारित तर्क लगा रहा है जहाँ समानुपाती (गुणन पर आधारित) तर्क चाहिए
- B पूर्ण संख्याएँ सही ढंग से नहीं जोड़ पाता, इसलिए कप की कुल संख्या गलत आती है
- C पहले एक व्यक्ति के लिए आवश्यक चावल निकालकर ऐकिक विधि का बिल्कुल सही उपयोग कर रहा है
- D अनुपात की पूरी समझ दिखा रहा है, क्योंकि लोगों की संख्या और कपों की संख्या का अंतर समान रहता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) वहाँ जोड़ पर आधारित तर्क लगा रहा है जहाँ समानुपाती (गुणन पर आधारित) तर्क चाहिए
समानुपात में अंतर नहीं, अनुपात स्थिर रहता है: 4 लोगों के लिए 6 कप यानी प्रति व्यक्ति 1.5 कप, अतः 6 लोगों के लिए 9 कप चाहिए। जोड़ पर आधारित (अंतर वाली) तुलना से गुणन पर आधारित (अनुपात वाली) तुलना की ओर बढ़ना अनुपात सीखने का मुख्य चरण है।
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Q.138
गणित शिक्षण में तकनीक के बारे में इन कथनों पर विचार कीजिए:
1. आभासी (virtual) सामग्री, जैसे स्क्रीन पर भिन्न-पट्टियाँ, चर्चा और प्रतीकों से जोड़ी जाए तो अधिगम में सहायक हो सकती है।
2. गणित में तकनीक मुख्यतः गणना के ड्रिल और अभ्यास के लिए उपयोगी है।
3. सॉफ्टवेयर द्वारा बनाए गए आलेखों को भी विद्यार्थियों को पढ़ना और उनकी व्याख्या करनी होती है।
कौन-से कथन सही हैं?
- A केवल 1 और 2
- B केवल 2 और 3
- C 1, 2 और 3
- D केवल 1 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) केवल 1 और 3
मूर्त सामग्री की तरह आभासी सामग्री भी तभी मदद करती है जब विद्यार्थी उस पर विचार करें और उसे प्रतीकों से जोड़ें, और सॉफ्टवेयर का आलेख तभी उपयोगी है जब विद्यार्थी उसकी व्याख्या करें। तकनीक को गणना के ड्रिल तक सीमित करना उसके मुख्य मूल्य, खोज और दृश्यीकरण, को खो देना है।
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Q.139
दो एक जैसे कागज़ी समलंब, जिनमें से हर एक की समांतर भुजाएँ a और b तथा ऊँचाई h है, (एक को उलटकर) जोड़कर समांतर चतुर्भुज बनाया जाता है। इससे विद्यार्थी देखते हैं कि एक समलंब का क्षेत्रफल है:
- A (a + b) × h, जो समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल है और वही एक समलंब का क्षेत्रफल है
- B a × b × h
- C ½ × a × b
- D ½ × (a + b) × h, क्योंकि समांतर चतुर्भुज का आधार a + b और ऊँचाई h है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) ½ × (a + b) × h, क्योंकि समांतर चतुर्भुज का आधार a + b और ऊँचाई h है
साथ रखने पर दोनों समलंब एक समांतर चतुर्भुज बनाते हैं जिसका आधार a + b और ऊँचाई h है, और हर समलंब उसका आधा है। इस तरह सूत्र रटने के बजाय ज्ञात सूत्र से बनता है।
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Q.140
सटीक गणना किए बिना एक बच्चा कहता है कि 498 + 297, 800 से थोड़ा कम होगा। इस क्षमता को सबसे अच्छी तरह क्या कहेंगे?
- A रटी हुई स्मृति
- B संख्या बोध
- C संख्या का संरक्षण
- D एल्गोरिद्म-कौशल
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) संख्या बोध
संख्या बोध संख्याओं, उनके परिमाण और संबंधों की सहज समझ है, यहाँ 498 और 297 को 500 और 300 से ज़रा कम देखना। यह न कोई याद किया हुआ तथ्य है, न कोई लिखित विधि।
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Q.141
एक बच्चा 5 x 0 = 5 और 7 x 0 = 7 लिखता है। यह शून्य के बारे में कौन-सी भ्रांति प्रकट करता है?
- A बच्चा मानता है कि शून्य सबसे बड़ी संख्या है क्योंकि यह 10 और 100 जैसी संख्याओं को बड़ा बना देता है
- B बच्चा सोचता है कि शून्य को अंक के रूप में नहीं लिखा जा सकता, इसलिए सवाल में आने पर वह उसे छोड़ देता है
- C बच्चा मानता है कि किसी संख्या को शून्य से भाग देने पर वही संख्या मिलती है
- D बच्चा शून्य को 'कुछ नहीं' मानता है, इसलिए उससे गुणा करने पर संख्या अपरिवर्तित लगती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) बच्चा शून्य को 'कुछ नहीं' मानता है, इसलिए उससे गुणा करने पर संख्या अपरिवर्तित लगती है
बच्चे प्रायः शून्य को 'कुछ नहीं होना' समझते हैं और इसे जोड़ के तत्समक गुण (5 + 0 = 5) से मिला देते हैं। शिक्षक को शून्य वस्तुओं के 5 समूह दिखाकर अर्थ मूर्त बनाना चाहिए।
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Q.142
शिक्षक इकाई घनों से एक घनाभ बनाती है: हर परत 4 घन लंबी और 3 घन चौड़ी है, और ऐसी 5 परतें हैं। वह विद्यार्थियों से घनों को एक-एक करके गिने बिना उनकी संख्या ज्ञात करने को कहती है। इससे मुख्यतः यह विचार बनता है कि:
- A आयतन घनाभ के सभी बारह किनारों की कुल लंबाई है, जो इकाई लंबाइयों में मापी जाती है
- B आयतन घनाभ के सबसे बड़े फलक के क्षेत्रफल के बराबर है, यहाँ 4 × 5 = 20 वर्ग
- C किसी भी सूत्र की जाँच के लिए, कुल संख्या जानने को घनों को सदा एक-एक करके गिनना चाहिए
- D आयतन = एक परत के घन (4 × 3) × परतों की संख्या (5) = 60, जिससे l × b × h बनता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) आयतन = एक परत के घन (4 × 3) × परतों की संख्या (5) = 60, जिससे l × b × h बनता है
घनाभ को परतों के रूप में देखने पर, जहाँ हर परत 4 × 3 = 12 घनों का आयत है, 12 × 5 = 60 घन मिलते हैं, इसलिए सूत्र l × b × h ठोस की संरचना से बनता है, रटने से नहीं।
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Q.143
गणित को प्रायः पैटर्न और संबंधों का अध्ययन कहा जाता है। कौन-सा कक्षा-कार्य इस दृष्टिकोण को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?
- A परीक्षा में जल्दी याद आने के लिए 1 से 20 तक की सभी संख्याओं के वर्ग याद करना
- B बोर्ड से लंबे भाग के चरण कॉपी में उतारना और फिर घर पर ऐसे दस सवाल करना
- C पाठ्यपुस्तक में दी गई 'पैटर्न' की परिभाषा पाँच बार लिखना ताकि वह शब्दशः याद हो जाए
- D यह खोजना कि क्या 9 के हर गुणज के अंकों का योग 9 का गुणज होता है, और क्यों
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) यह खोजना कि क्या 9 के हर गुणज के अंकों का योग 9 का गुणज होता है, और क्यों
गणित को पैटर्न का अध्ययन मानने का अर्थ है नियमितताओं को पहचानना, यह पूछना कि वे क्यों होती हैं और उन्हें परखना। वर्ग याद करने या चरण उतारने में कोई पैटर्न या संबंध खोजना शामिल नहीं है।
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Q.144
वर्गमूल की कुंजी का उपयोग किए बिना विद्यार्थी कैलकुलेटर से ऐसी संख्या खोजते हैं जिसका वर्ग 50 के निकट हो: 7² = 49, 7.1² = 50.41, 7.05² = 49.7025, ... यह गतिविधि मुख्यतः क्या विकसित करती है?
- A बिना देखे कैलकुलेटर की कुंजियाँ सही और तेज़ी से दबाने की गति
- B अनुमान और परिशोधन: कदम-दर-कदम उस संख्या तक पहुँचना जिसका वर्ग 50 के निकट हो
- C यह धारणा कि पर्याप्त दशमलव स्थान लेने पर वर्गमूल सदा ठीक-ठीक निकाले जा सकते हैं
- D 1 से 10 तक की संख्याओं के वर्ग याद रखना, जो यहाँ हर चरण पर बार-बार काम आते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) अनुमान और परिशोधन: कदम-दर-कदम उस संख्या तक पहुँचना जिसका वर्ग 50 के निकट हो
क्योंकि 49 < 50 < 50.41, √50 का मान 7 और 7.1 के बीच है, और आगे के प्रयास इसे और सीमित करते हैं (यह लगभग 7.07 है)। वर्ग करने का काम कैलकुलेटर करता है, ताकि विद्यार्थी अनुमान-जाँच-सुधार के तर्क पर ध्यान दे सकें।
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Q.145
कक्षा 7 की एक विद्यार्थी a + a + a को सरल करके a³ लिखती है। शिक्षक की कौन-सी प्रतिक्रिया इसे सबसे अच्छी तरह दूर करती है?
- A उसे ऐसे सवालों के लिए 'अक्षर जोड़ो, संख्याएँ गुणा करो' नियम रटने को कहना
- B उसे सरल करने के लिए इसी प्रकार के बीस और व्यंजक देना
- C a = 2 लेकर a + a + a और a × a × a की तुलना करना (6 और 8), और a + a + a को 3a से जोड़ना
- D उत्तर स्वीकार कर लेना, क्योंकि दोनों ही व्यंजकों में अक्षर a ठीक तीन-तीन बार आता है, अतः दोनों समान हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) a = 2 लेकर a + a + a और a × a × a की तुलना करना (6 और 8), और a + a + a को 3a से जोड़ना
a को बार-बार जोड़ने से 3a मिलता है, जबकि बार-बार गुणा करने से a³; कोई संख्या रखने पर दोनों का अंतर दिखता है (2 + 2 + 2 = 6 पर 2 × 2 × 2 = 8)। रटा हुआ नियम या अधिक अभ्यास दोनों संक्रियाओं के बीच के भ्रम को दूर नहीं करता।
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Q.146
शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान के राष्ट्रीय मिशन 'निपुण भारत' (NIPUN Bharat) में NIPUN का पूरा रूप है:
- A National Institute for Primary Understanding of Numbers
- B New Initiative for Primary Upliftment of Numeracy and Literacy in Government Schools
- C National Initiative for Primary Universal Numeracy and Reading Comprehension Skills
- D National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and Numeracy
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and Numeracy
NIPUN का पूरा रूप National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and Numeracy है। यह NEP 2020 के बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्थापित मिशन है।
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Q.147
एक विद्यार्थी अपना हल इस प्रकार लिखती है: 25 + 15 = 40 ÷ 2 = 20। उसका अंतिम उत्तर 20 वही है जो प्रश्न में पूछा गया था। शिक्षक को क्या इंगित करना चाहिए?
- A कुछ नहीं, क्योंकि अंतिम उत्तर सही है और अंक केवल उत्तर के लिए मिलते हैं
- B हर '=' दो बराबर राशियों को जोड़ता है; 25 + 15 = 40 ÷ 2 असत्य है, अतः चरण अलग कथनों में लिखें
- C उसे हल के चरण बिल्कुल नहीं, केवल उत्तर लिखना चाहिए, ताकि ऐसी त्रुटियाँ दिखें ही नहीं
- D ऐसी गलतियों से बचने के लिए आगे से उसे कैलकुलेटर का उपयोग करना चाहिए और केवल वही लिखना चाहिए जो कैलकुलेटर दिखाए
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) हर '=' दो बराबर राशियों को जोड़ता है; 25 + 15 = 40 ÷ 2 असत्य है, अतः चरण अलग कथनों में लिखें
जैसा लिखा है वैसा पढ़ने पर पंक्ति कहती है कि 25 + 15 बराबर 40 ÷ 2, यानी 40 = 20, जो असत्य है। 25 + 15 = 40 और फिर 40 ÷ 2 = 20 लिखने से हर कथन सत्य रहता है; प्रतीकों का सटीक उपयोग गणितीय संप्रेषण का अंग है।
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Q.148
निम्नलिखित में से कौन-सा ज्ञान की कमी के बजाय गणित की चिंता का संकेत होने की सबसे अधिक संभावना रखता है?
- A आराम से सवाल ठीक करने वाला बच्चा कक्षा परीक्षा में घबराकर सब भूल जाता है
- B बच्चा सामने वस्तुएँ रखी होने पर भी अभी 20 से आगे नहीं गिन पाता
- C बच्चा घटाव के हर एक सवाल में पुनर्समूहन की बिल्कुल एक ही तरह की त्रुटि करता है
- D बच्चा बोर्ड से संख्याएँ उतारते समय प्रायः 6 को 9 लिख देता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) आराम से सवाल ठीक करने वाला बच्चा कक्षा परीक्षा में घबराकर सब भूल जाता है
जब बच्चा तनावमुक्त स्थिति में काम कर लेता है पर परीक्षा के दबाव में नहीं, तो समस्या चिंता है जो सोचने में बाधा डालती है, ज्ञान की कमी नहीं। एक जैसी पुनर्समूहन त्रुटि भ्रांति की ओर संकेत करती है, और केवल 20 तक गिनना अधिगम-अंतराल की ओर।
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Q.149
यह दिखाए जाने पर कि 7 + 5 = 12, एक बच्चा बिना गिने तुरंत कहता है, 'तो 12 - 5 = 7 होगा।' पियाजे के अनुसार बच्चा क्या प्रदर्शित कर रहा है?
- A किसी एक ही पहलू पर केंद्रीकरण (centration)
- B अहंकेंद्रितता (egocentrism)
- C विचार की उत्क्रमणीयता (reversibility)
- D जीववाद (animism), निर्जीव वस्तुओं में जीवन मानना
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) विचार की उत्क्रमणीयता (reversibility)
उत्क्रमणीयता किसी संक्रिया को मन में उलटने की क्षमता है, यहाँ घटाव को जोड़ की विपरीत संक्रिया के रूप में देखना; पियाजे ने इसे मूर्त संक्रियात्मक अवस्था से जोड़ा। केंद्रीकरण और अहंकेंद्रितता पूर्व-संक्रियात्मक चिंतन की सीमाएँ हैं।
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Q.150
कक्षा 7 के एक समूह में हर विद्यार्थी 50°, 60° और 70° कोणों वाला एक त्रिभुज बनाता है। तुलना करने पर उन्हें ऐसे त्रिभुज मिलते हैं जिनकी आकृति एक जैसी पर माप अलग-अलग है। यह गतिविधि विद्यार्थियों को यह देखने में मदद करती है कि:
- A त्रिभुज का कोण-योग इस बात पर निर्भर करता है कि त्रिभुज कितना बड़ा है
- B उनके चाँदे निश्चित रूप से गलत पाठ्यांक दे रहे होंगे
- C बराबर कोणों वाले त्रिभुजों की संगत भुजाएँ भी सदा बराबर होती हैं
- D केवल कोणों के बराबर होने से त्रिभुज सर्वांगसम नहीं हो जाते
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) केवल कोणों के बराबर होने से त्रिभुज सर्वांगसम नहीं हो जाते
तीनों कोण तय करने से आकृति तय होती है, माप नहीं, इसलिए AAA सर्वांगसमता की शर्त नहीं है; इसके विपरीत, समान तीन भुजा-लंबाइयों से बने त्रिभुज (SSS) सब एक-दूसरे पर ठीक बैठते हैं। विद्यार्थियों के अपने त्रिभुज यह बात दिखा देते हैं।
ये प्रश्न कैसे बने
एक AI सहायक (Claude) ने स्थिर, सुस्थापित तथ्यों के अपने सामान्य ज्ञान से अंग्रेज़ी में लिखा और हिंदी में अनुवाद किया (कोई लाइव खोज नहीं) - किसी विषय-विशेषज्ञ या हिंदी मातृभाषी ने इसकी समीक्षा नहीं की है; किसी तथ्य पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक स्रोत से मिला लें।