शिक्षाशास्त्र
CTET गणित शिक्षाशास्त्र प्रश्न उत्तर हिंदी में
CTET पेपर I और पेपर II (गणित) की तैयारी के लिए गणित शिक्षाशास्त्र पर उत्तर सहित 308 अभ्यास प्रश्न; ज़्यादातर के साथ व्याख्या या पूरा हल भी है। उत्तर खोलने से पहले हर प्रश्न खुद हल करें।
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Q.251
एक बच्चा 48 + 36 को बिना कुछ लिखे यों सोचकर निकालता है: '48 + 30 = 78, फिर 78 + 6 = 84'। यह किसका उदाहरण है?
- A पाठ्यपुस्तक से याद किया गया एक रटा हुआ लिखित एल्गोरिद्म
- B दहाई जोड़ते समय स्थानीय मान की त्रुटि
- C जोड़ के किसी सामान्य नियम से किया गया निगमनात्मक तर्क
- D संख्याओं के विघटन (decomposition) द्वारा मानसिक गणित
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) संख्याओं के विघटन (decomposition) द्वारा मानसिक गणित
36 को 30 और 6 में तोड़कर चरणों में जोड़ना स्थानीय मान की समझ पर आधारित मानसिक गणना की रणनीति है। NCF 2005 ऐसे मानसिक गणित और लचीली रणनीतियों को महत्व देता है।
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Q.252
कक्षा 1 की एक बच्ची 4 + 3 निकालने के लिए उँगलियों पर गिनती है। शिक्षक की सबसे उपयुक्त प्रतिक्रिया होगी:
- A उँगलियों पर गिनना मना कर दे क्योंकि यह एक बुरी आदत है जो आगे की ऊँची कक्षाओं में उसकी गति धीमी कर देगी
- B उसे कहे कि कक्षा में आने से पहले घर पर 20 तक के सभी जोड़ के तथ्य रट ले, ताकि उसे उँगलियों पर गिनना न पड़े
- C इसे स्वाभाविक रणनीति मानकर स्वीकार करे और धीरे-धीरे उसे 4 से आगे गिनने जैसी मानसिक रणनीतियों की ओर ले जाए
- D सही विधि न अपनाने पर उसके अंक काट ले ताकि वह उँगलियों पर निर्भर रहना छोड़ दे
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) इसे स्वाभाविक रणनीति मानकर स्वीकार करे और धीरे-धीरे उसे 4 से आगे गिनने जैसी मानसिक रणनीतियों की ओर ले जाए
उँगलियों पर गिनना संख्या-बोध के विकास की स्वाभाविक अवस्था है। शिक्षक को इसे स्वीकार करके बच्चे को धीरे-धीरे अधिक कुशल रणनीतियों की ओर ले जाना चाहिए, इस पर रोक नहीं लगानी चाहिए।
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Q.253
एक विद्यार्थी तर्क देता है: '10 के सभी गुणज 0 पर समाप्त होते हैं। 370, 10 का गुणज है। इसलिए 370 शून्य पर समाप्त होता है।' यह किसका उदाहरण है?
- A निगमनात्मक तर्क, सामान्य नियम से विशिष्ट उदाहरण की ओर
- B आगमनात्मक तर्क, विशिष्ट उदाहरणों से सामान्य नियम तक
- C सादृश्य द्वारा तर्क
- D प्रयास और त्रुटि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) निगमनात्मक तर्क, सामान्य नियम से विशिष्ट उदाहरण की ओर
किसी स्वीकृत सामान्य कथन को विशिष्ट मामले पर लागू करके निश्चित निष्कर्ष पर पहुँचना निगमन है। आगमन इसकी उलटी दिशा में चलता है, कई मामलों से सामान्य नियम की ओर।
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Q.254
कक्षा 6 की एक विद्यार्थी कहती है कि जो आयत वर्ग नहीं है उसमें दोनों विकर्णों सहित सममिति की चार रेखाएँ होती हैं। इसे सुधारने का सबसे उपयुक्त तरीका है:
- A उसे बताना कि आयत में सममिति की दो रेखाएँ होती हैं और परीक्षा हेतु यह याद रखने को कहना
- B उससे कागज़ का आयत विकर्ण के अनुदिश मुड़वाना, और जाँचना कि दोनों भाग मिलते हैं या नहीं
- C उससे दोनों विकर्ण मपवाकर दिखाना कि वे लंबाई में बराबर हैं
- D उसे अंग्रेज़ी के बड़े अक्षरों की सममिति रेखाएँ खोजने की वर्कशीट देना
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) उससे कागज़ का आयत विकर्ण के अनुदिश मुड़वाना, और जाँचना कि दोनों भाग मिलते हैं या नहीं
विकर्ण के अनुदिश मोड़ने पर दोनों भाग एक-दूसरे पर नहीं बैठते, इसलिए ऐसे आयत का विकर्ण सममिति रेखा नहीं है, जबकि सम्मुख भुजाओं के मध्य-बिंदुओं से होकर मोड़ने पर भाग मिल जाते हैं। विकर्णों का बराबर होना एक अलग गुण है, उससे सममिति की जाँच नहीं होती।
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Q.255
विद्यालय में गणित प्रयोगशाला का मुख्य उद्देश्य है:
- A गणित की पाठ्यपुस्तक को चार्ट, किट और बने-बनाए मॉडलों से पूरी तरह बदल देना
- B केवल चुने हुए विद्यार्थियों को उन्नत समस्या-समाधान की विशेष कोचिंग देकर उन्हें गणित ओलंपियाड के लिए तैयार करना
- C ऐसा स्थान देना जहाँ विद्यार्थी गतिविधियों, मॉडलों और सामग्रियों से गणितीय विचारों का सत्यापन और खोज करें
- D सूत्रों के चार्ट और मॉडलों से सजे अलग कमरे में लिखित परीक्षाएँ कराना
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) ऐसा स्थान देना जहाँ विद्यार्थी गतिविधियों, मॉडलों और सामग्रियों से गणितीय विचारों का सत्यापन और खोज करें
गणित प्रयोगशाला करके सीखने का समर्थन करती है: विद्यार्थी सामग्री सँभालते हैं, मॉडल बनाते हैं और ऐसी गतिविधियाँ करते हैं जो अमूर्त अवधारणाओं को मूर्त बनाती हैं। गणित क्लब इसी तरह पहेलियों, प्रोजेक्ट और प्रदर्शनियों से रुचि बढ़ाता है।
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Q.256
एक बच्ची लिखती है 47 + 38 = 715 और 56 + 27 = 713। यह त्रुटि क्या दर्शाती है?
- A वह जोड़ के तथ्य नहीं जानती, इसलिए इकाइयों के उसके सभी योग गलत आ जाते हैं
- B वह दस इकाइयों को एक दहाई में बदलने के बजाय पूरा स्तंभ-योग लिख देती है
- C वह दहाई के स्तंभ में लिखे दोनों अंकों को जोड़ने के बजाय उन्हें घटा देती है
- D वह उत्तर को खाने में उतारते समय उसके अंक उलट देती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) वह दस इकाइयों को एक दहाई में बदलने के बजाय पूरा स्तंभ-योग लिख देती है
7 + 8 = 15 और 4 + 3 = 7 दोनों सही हैं, पर 15 इकाइयों को 5 इकाई लिखकर 1 दहाई आगे ले जाने के बजाय '15' लिख दिया गया। दस खुली तीलियों को एक बंडल से, या दस इकाई घनों को एक छड़ से बदलना पुनर्समूहन को अर्थपूर्ण बनाता है।
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Q.257
एक बच्चा कहता है, 'यह वर्ग है क्योंकि यह वर्ग जैसा दिखता है', और उसकी भुजाओं या कोणों के बारे में कुछ नहीं बता पाता। वैन हीले के अनुसार बच्चा किस स्तर पर है?
- A निगमन
- B विश्लेषण
- C दृश्यीकरण
- D अनौपचारिक निगमन
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) दृश्यीकरण
दृश्यीकरण स्तर पर बच्चे आकृतियों को गुणों से नहीं, समग्र रूप-रंग से पहचानते हैं। विश्लेषण स्तर पर वे गुण गिना सकते हैं, और अनौपचारिक निगमन पर गुणों और आकृतियों के वर्गों को जोड़ते हैं।
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Q.258
असमान हर वाली भिन्नों की तुलना का कोई नियम पढ़ाने से पहले कक्षा 5 का एक शिक्षक बच्चों से 2/3 और 3/4 की पट्टियाँ एक पूर्ण की पट्टी के नीचे रखवाता है। इसका मुख्य लाभ यह है कि:
- A यह भिन्नों के हर जोड़े के लिए, चाहे वे कितनी भी बड़ी हों, किसी भी लिखित विधि से तेज़ है
- B बच्चों को भिन्नों की तुलना के लिए कभी लिखित नियम की ज़रूरत नहीं पड़ेगी
- C यह सिद्ध करता है कि बड़े अंश वाली भिन्न हमेशा बड़ी भिन्न होती है
- D बच्चे देखते हैं कि कौन बड़ी है, और भिन्न के आकार का बोध बनता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) बच्चे देखते हैं कि कौन बड़ी है, और भिन्न के आकार का बोध बनता है
यह देखना कि 3/4 पूर्ण का 2/3 से अधिक भाग ढकती है, बच्चों के मन में भिन्न के आकार का चित्र बनाता है, जिससे बाद की विधि (जैसे समान हर वाली तुल्य भिन्न) समझ में आती है और जाँची जा सकती है। पट्टियाँ हर जोड़े के लिए तेज़ नहीं हैं, और बड़े अंश का अर्थ हमेशा बड़ी भिन्न नहीं होता।
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Q.259
वृत्त पढ़ाते समय शिक्षक बताता है कि लगभग 1,500 वर्ष पहले आर्यभट ने π का मान लगभग 3.1416 दिया था। एक विद्यार्थी पूछता है, 'तो क्या π ठीक 22/7 है या ठीक 3.1416?' सबसे सटीक उत्तर है:
- A कोई भी नहीं: दोनों सन्निकट मान हैं, क्योंकि π को ठीक-ठीक भिन्न या सांत दशमलव में नहीं लिखा जा सकता
- B π ठीक 22/7 है; आर्यभट का मान गलत था, इसीलिए हमारी सभी पाठ्यपुस्तकें 22/7 लेती हैं
- C π ठीक 3.1416 है, जैसा आर्यभट ने पाया, और 22/7 विद्यालय का केवल मोटा मान है
- D π हर वृत्त में थोड़ा-बहुत बदलता है, इसलिए विद्यालय के सभी सवालों में 3 के निकट कोई भी मान चल जाएगा
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) कोई भी नहीं: दोनों सन्निकट मान हैं, क्योंकि π को ठीक-ठीक भिन्न या सांत दशमलव में नहीं लिखा जा सकता
π = 3.14159... न कभी समाप्त होता है, न दोहराता है; 22/7 (= 3.142857...) और 3.1416 सुविधाजनक सन्निकट मान हैं, और आर्यभट का मान अधिक निकट है। परिधि और व्यास का अनुपात हर वृत्त के लिए समान है।
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Q.260
कक्षा 6 का एक शिक्षक कहता है, 'कुछ बच्चों में जन्म से ही गणित का दिमाग नहीं होता, इसलिए मैं होशियार बच्चों पर ध्यान देता हूँ।' NCF 2005 के अनुसार शिक्षकों को इसके बजाय:
- A बच्चों को क्षमता के आधार पर स्थायी समूहों में बाँटना चाहिए ताकि होशियार बच्चे दूसरों के कारण कभी पीछे न रहें
- B केवल शीर्ष विद्यार्थियों को गणित ओलंपियाड के लिए तैयार करना चाहिए
- C जिन्हें वे कमज़ोर मानते हैं उन्हें आसान प्रश्न-पत्र देने चाहिए ताकि सभी उत्तीर्ण हो सकें
- D इस विश्वास के साथ कक्षा के हर बच्चे को जोड़ना चाहिए कि हर कोई गणित सीख सकता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) इस विश्वास के साथ कक्षा के हर बच्चे को जोड़ना चाहिए कि हर कोई गणित सीख सकता है
विद्यालयी गणित के लिए NCF 2005 की दृष्टि में यह शामिल है कि शिक्षक इस विश्वास के साथ हर बच्चे को जोड़ें कि हर कोई गणित सीख सकता है। जन्मजात 'गणित-दिमाग' की धारणा अनेक बच्चों की उपेक्षा और भय का कारण बनती है।
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Q.261
वैन हीले के ज्यामितीय चिंतन के स्तरों के बारे में कौन-सा कथन सही है?
- A स्तरों में प्रगति मुख्यतः बच्चे की आयु पर निर्भर करती है, जैसे पियाजे की विकास अवस्थाओं में
- B स्तर क्रमिक हैं, और प्रगति आयु से अधिक शिक्षण और अनुभव पर निर्भर करती है
- C यदि शिक्षक जल्दी प्रमाण दे तो बच्चा विश्लेषण स्तर को छोड़कर सीधे निगमन पर जा सकता है
- D ये स्तर केवल त्रिविमीय ज्यामिति पर लागू होते हैं, समतल आकृतियों पर नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) स्तर क्रमिक हैं, और प्रगति आयु से अधिक शिक्षण और अनुभव पर निर्भर करती है
वैन हीले का मत था कि स्तर पदानुक्रमित और क्रमिक हैं और आगे बढ़ना जैविक परिपक्वता के बजाय उपयुक्त शिक्षण पर निर्भर करता है, इसीलिए शिक्षण बच्चे के वर्तमान स्तर के अनुरूप होना चाहिए।
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Q.262
ज्यामिति का प्रमेय सिद्ध करते समय शिक्षक जो सिद्ध करना है वहाँ से शुरू करता है और 'इसके सत्य होने के लिए क्या सत्य होना चाहिए?' पूछता रहता है, जब तक दिए गए तथ्यों तक न पहुँच जाए। यह है:
- A विश्लेषण विधि
- B संश्लेषण विधि
- C आगमन विधि
- D प्रोजेक्ट विधि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) विश्लेषण विधि
विश्लेषण विधि समस्या को तोड़ती है, अज्ञात (निष्कर्ष) से पीछे ज्ञात (परिकल्पना) की ओर चलती है। संश्लेषण विधि इसके विपरीत, दिए गए तथ्यों से निष्कर्ष की ओर जाती है।
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Q.263
कक्षा 7 की एक विद्यार्थी लिखती है 1 वर्ग मीटर = 100 वर्ग सेंटीमीटर। सबसे सहायक गतिविधि है:
- A उससे 1 मी² = 10,000 सेमी² रटवाना और कॉपी में दस बार लिखवाना
- B उससे 1 मी² को 100 × 100 छोटे 1 सेमी² वर्गों के रूप में सोचने को कहना
- C उसे मीटर को सेंटीमीटर में बदलते समय हर बार केवल 100 से गुणा करने को कहना
- D उसे अपनी कॉपी में चिपकाकर रखने के लिए सभी रूपांतरणों की छपी हुई तालिका देना
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) उससे 1 मी² को 100 × 100 छोटे 1 सेमी² वर्गों के रूप में सोचने को कहना
उसने क्षेत्रफल के लिए लंबाई वाला रूपांतरण (1 मी = 100 सेमी) प्रयोग कर लिया है। वर्ग को 100-100 छोटे वर्गों की 100 पंक्तियों के रूप में देखना दिखाता है कि 1 मी² = 10,000 सेमी² क्यों है; इस चित्र के बिना रटा नियम फिर गड्डमड्ड हो जाता है।
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Q.264
आँकड़ों के प्रत्येक समूह का मिलान सबसे उपयुक्त आलेख से कीजिए।
P. एक परिवार का मासिक बजट भोजन, किराया, यात्रा और बचत में कैसे बँटा है
Q. कक्षा 6, 7 और 8 में से प्रत्येक में विद्यार्थियों की संख्या
R. 40 विद्यार्थियों की ऊँचाइयाँ, 140–145 सेमी, 145–150 सेमी आदि वर्गों में समूहित
i. दंड आलेख
ii. आयतचित्र
iii. पाई चार्ट
- A P-i, Q-iii, R-ii
- B P-iii, Q-i, R-ii
- C P-iii, Q-ii, R-i
- D P-ii, Q-i, R-iii
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) P-iii, Q-i, R-ii
पाई चार्ट एक पूरे के भाग दिखाता है; दंड आलेख अलग-अलग श्रेणियों की तुलना करता है; आयतचित्र सतत वर्ग-अंतरालों में समूहित आँकड़े दिखाता है, इसलिए उसके दंड सटे होते हैं।
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Q.265
(−3) × (−2) को अर्थपूर्ण बनाने के लिए शिक्षक 3 × (−2) = −6, 2 × (−2) = −4, 1 × (−2) = −2, 0 × (−2) = 0 लिखकर विद्यार्थियों से पैटर्न आगे बढ़ाने को कहता है। इस उपागम का मुख्य लाभ यह है कि विद्यार्थी:
- A 'ऋण गुणा ऋण बराबर धन' का नारा पहले से जल्दी और पक्के ढंग से रट लेते हैं
- B पूर्णांकों के गुणन को समझने की आवश्यकता से ही पूरी तरह बच जाते हैं
- C देखते हैं कि हर गुणनफल 2 बढ़ता है, अतः (−1) × (−2) = 2 और (−3) × (−2) = 6
- D सीखते हैं कि पूर्णांकों के गुणनफल किसी भी निश्चित नियम का पालन नहीं करते
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) देखते हैं कि हर गुणनफल 2 बढ़ता है, अतः (−1) × (−2) = 2 और (−3) × (−2) = 6
पहला गुणनखंड 1 घटने पर गुणनफल 2 बढ़ता है; पैटर्न आगे बढ़ाने पर 2, 4, 6 मिलते हैं, इसलिए चिह्न का नियम मनमाना नारा नहीं, पैटर्न को सुसंगत रखने का परिणाम दिखता है।
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Q.266
कक्षा 6 में ऋणात्मक पूर्णांकों का परिचय देने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा संदर्भ सबसे कम उपयुक्त है?
- A हर दिन कक्षा में उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या गिनना
- B सर्दी की सुबह किसी पहाड़ी नगर में 0 °C से ऊपर और नीचे के तापमान
- C समुद्र तल से ऊपर और नीचे की ऊँचाइयाँ
- D किसी भवन में भूतल से ऊपर और नीचे की मंज़िलें, जैसे लिफ़्ट में दिखती हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) हर दिन कक्षा में उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या गिनना
ऋणात्मक संख्याएँ वहाँ अर्थपूर्ण हैं जहाँ किसी शून्य बिंदु से दो विपरीत दिशाएँ हों, जैसे तापमान, समुद्र तल या मंज़िलें। उपस्थित विद्यार्थियों की गिनती कभी ऋणात्मक नहीं हो सकती, इसलिए उसमें ऋणात्मक संख्याओं की आवश्यकता ही नहीं बनती।
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Q.267
एक कक्षा में लड़कों और लड़कियों का अनुपात 3 : 2 है। एक विद्यार्थी कहती है कि कक्षा का 2/3 भाग लड़कियाँ हैं। उसकी त्रुटि यह है कि वह:
- A अनुपात उलट देती है; वास्तव में लड़कियाँ पूरी कक्षा का 3/2 हैं, न कि 2/3 जैसा वह कह रही है
- B सही है, क्योंकि गणित में अनुपात और भिन्न का अर्थ सदा बिल्कुल एक ही होता है
- C वह भूल गई है कि इस अनुपात से बनी किसी भी भिन्न में लड़कों की संख्या सदा पहले लिखी जाती है
- D भाग-से-भाग अनुपात को भाग-से-पूर्ण भिन्न मान लेती है; हर 5 में 2 लड़कियाँ हैं, यानी 2/5
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सही उत्तर: (D) भाग-से-भाग अनुपात को भाग-से-पूर्ण भिन्न मान लेती है; हर 5 में 2 लड़कियाँ हैं, यानी 2/5
3 : 2 लड़कों की तुलना लड़कियों से करता है, इसलिए हर 5 बच्चों के समूह में 2 लड़कियाँ हैं और कक्षा में लड़कियों का भिन्न 2/5 है। भाग-भाग और भाग-पूर्ण तुलना में भेद करना अनुपात समझने का केंद्रीय अंग है।
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Q.268
निम्नलिखित में से कौन-सी समस्या कक्षा 5 के बच्चों के जीवन से गणित को सबसे अच्छी तरह जोड़ती है?
- A ₹1,500 में 30 बच्चों की कक्षा-पिकनिक की योजना बनाओ: क्या ख़रीदना है और हर वस्तु पर कितना ख़र्च हो
- B एक रेलगाड़ी 72 किमी प्रति घंटे की चाल से चलती है। यदि वह रास्ते में कहीं न रुके तो 5 घंटे में कितनी दूरी तय करेगी?
- C 49 का 3/7 ज्ञात करो और गुणा करके उत्तर की जाँच करो।
- D संक्रियाओं के सही क्रम से 12 + 8 × 2 - 6 को सरल करो।
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) ₹1,500 में 30 बच्चों की कक्षा-पिकनिक की योजना बनाओ: क्या ख़रीदना है और हर वस्तु पर कितना ख़र्च हो
निश्चित बजट में कक्षा के वास्तविक आयोजन की योजना बनाने में बच्चे ऐसी स्थिति में निर्णय लेते हैं, अनुमान लगाते हैं और गणना करते हैं जिसकी उन्हें परवाह है। बाकी विकल्प सामान्य अभ्यास-प्रश्न हैं जिनका बच्चों के अपने जीवन से कम संबंध है।
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Q.269
एक शिक्षक भिन्नों पर एक गतिविधि के लिए मिश्रित-योग्यता वाले छोटे समूह बनाता है। वाइगोत्स्की के विचारों के अनुसार इसका मुख्य लाभ है कि:
- A कमज़ोर बच्चे सक्षम बच्चों के उत्तर नकल करके कार्य को समय पर अच्छी तरह पूरा कर लेते हैं
- B शिक्षक को गतिविधि की योजना बनाने की ज़रूरत नहीं रहती, क्योंकि समूह स्वयं ही अपना सारा काम सँभाल लेते हैं
- C सक्षम बच्चे और तेज़ी से सीखते हैं, क्योंकि उन्हें हर बार शिक्षक की सहायता की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती
- D सक्षम साथी दूसरों को उनके ZPD में स्कैफोल्डिंग देते हैं, और समझाने से उनकी अपनी समझ गहरी होती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) सक्षम साथी दूसरों को उनके ZPD में स्कैफोल्डिंग देते हैं, और समझाने से उनकी अपनी समझ गहरी होती है
वाइगोत्स्की के अनुसार अधिगम किसी अधिक जानकार व्यक्ति के साथ सामाजिक अंतःक्रिया से होता है, जो कोई सहपाठी भी हो सकता है। मिश्रित समूहों में साथी एक-दूसरे को स्कैफोल्डिंग (scaffolding) देते हैं, और समझाने वाले बच्चे को अपनी सोच व्यवस्थित करके उसका औचित्य देना पड़ता है।
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Q.270
आँकड़ों के प्रबंधन के एक कार्य पर समूह कार्य के दौरान शिक्षक देखता है कि एक समूह में एक ही बच्चा सब कुछ करता है और बाकी देखते रहते हैं। इसका सबसे अच्छा उपाय कौन-सा है?
- A उस कक्षा में समूह कार्य पूरी तरह बंद करके फिर से व्यक्तिगत कार्य करवाना
- B केवल काम करने वाले बच्चे को ही अंक देना, ताकि बाकी बच्चों को प्रयास की ज़रूरत महसूस हो
- C हर सदस्य को भूमिका देना, और बताना कि किसी से भी परिणाम समझाने को कहा जा सकता है
- D समूह बड़ा कर देना, ताकि सारा काम बाँटने के लिए अधिक बच्चे उपलब्ध हों
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) हर सदस्य को भूमिका देना, और बताना कि किसी से भी परिणाम समझाने को कहा जा सकता है
भूमिकाएँ (पाठक, लेखक, जाँचकर्ता, प्रस्तुतकर्ता) देना और हर सदस्य को समूह के काम की व्याख्या के लिए उत्तरदायी बनाना सुनिश्चित करता है कि सभी बच्चे सोचें और भाग लें। समूह बड़ा करने से प्रायः कुछ सदस्यों के लिए निष्क्रिय रहना और आसान हो जाता है।
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Q.271
एक बच्ची लिखती है 63 − 29 = 44 और 81 − 37 = 54। इसका सबसे संभावित कारण कौन-सा है?
- A वह सवाल के हर स्तंभ में बड़े अंक में से छोटा अंक घटाती है
- B वह इकाई के स्तंभ में अंकों को घटाने के बजाय जोड़ती है
- C वह पुनर्समूहन करती है पर पहली संख्या के दहाई अंक को एक कम नहीं करती
- D वह अभी 10 तक के घटाव के तथ्य नहीं जानती और इकाई का अंदाज़ा लगाती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) वह पुनर्समूहन करती है पर पहली संख्या के दहाई अंक को एक कम नहीं करती
13 − 9 = 4 और 11 − 7 = 4 सही हैं, पर दहाई में 5 − 2 और 7 − 3 के बजाय 6 − 2 और 8 − 3 किया गया (सही उत्तर 34 और 44)। बड़े से छोटा घटाने पर 46 और 56 आता। डीन्स ब्लॉक में बच्चे को एक छड़ भौतिक रूप से तोड़नी पड़ती है, जिससे दहाई का एक कम होना दिखता है।
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Q.272
प्रत्येक गणितज्ञ का मिलान उसके योगदान से कीजिए।
P. आर्यभट
Q. भास्कर द्वितीय
R. श्रीनिवास रामानुजन
S. बौधायन
i. लीलावती, अंकगणित और ज्यामिति का एक ग्रंथ
ii. शुल्बसूत्र का नियम: आयत के विकर्ण पर बने वर्ग का क्षेत्रफल उसकी दोनों भुजाओं पर बने वर्गों के क्षेत्रफलों के योग के बराबर होता है
iii. आर्यभटीय में π का मान लगभग 3.1416
iv. संख्या सिद्धांत में कार्य; संख्या 1729 उनके नाम से जुड़ी है
- A P-iii, Q-i, R-iv, S-ii
- B P-ii, Q-i, R-iv, S-iii
- C P-iii, Q-iv, R-i, S-ii
- D P-i, Q-iii, R-iv, S-ii
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) P-iii, Q-i, R-iv, S-ii
आर्यभट के आर्यभटीय (5वीं शताब्दी ई.) में π ≈ 3.1416 दिया गया है; भास्कर द्वितीय ने लीलावती (12वीं शताब्दी) लिखी; बौधायन के शुल्बसूत्र (लगभग 800 ई.पू.) में वह नियम है जिसे अब बौधायन–पाइथागोरस प्रमेय कहा जाता है; रामानुजन (1887–1920) ने संख्या सिद्धांत में कार्य किया, और 1729 को हार्डी–रामानुजन संख्या कहा जाता है।
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Q.273
'3 को 8 में से घटाओ' कहने पर कक्षा 2 का एक बच्चा 3 - 8 लिखता है। यह त्रुटि मुख्यतः इसलिए होती है क्योंकि:
- A बच्चे को घटाव का तथ्य 8 - 3 = 5 अभी नहीं आता, इसलिए वह तय नहीं कर पाता कि पहले कौन-सी संख्या आए
- B '3 को 8 में से घटाओ' में शब्दों का क्रम प्रतीकों को लिखने के क्रम से भिन्न है
- C बच्चे में दृश्य-प्रत्यक्षीकरण संबंधी अक्षमता है जिससे वह संख्याओं को उलटे क्रम में देखता और लिखता है
- D बच्चा लापरवाह है और उसे घटाव के तथ्यों में गति के अभ्यास की ज़रूरत है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) '3 को 8 में से घटाओ' में शब्दों का क्रम प्रतीकों को लिखने के क्रम से भिन्न है
मौखिक निर्देश में 3 पहले आता है, पर संख्या-वाक्य 8 से शुरू होता है; रोज़मर्रा की भाषा और गणितीय प्रतीकों के बीच अनुवाद एक कौशल है जिसे सिखाना पड़ता है। त्रुटि से यह नहीं लगता कि बच्चे को तथ्य ही नहीं आता।
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Q.274
कक्षा 2 के बच्चों को रूलर देने से पहले शिक्षक उनसे मेज़ की लंबाई बालिश्त और पेंसिल से मापने को कहता है। इसका उद्देश्य है:
- A अमानक इकाइयों से अलग-अलग परिणाम पाने के बाद बच्चों में मानक इकाई की आवश्यकता का अनुभव जगाना
- B रूलर खरीदने का पैसा बचाना, क्योंकि बालिश्त और पेंसिल हमेशा उपलब्ध रहते हैं
- C हर बालिश्त को सेंटीमीटर और मीटर में बदलवाकर मीट्रिक प्रणाली सीधे सिखाना
- D जाँचना कि पूरी कक्षा को रूलर बाँटने से पहले बच्चे पैमाने पर लिखी संख्याएँ पहले से पढ़ सकते हैं या नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) अमानक इकाइयों से अलग-अलग परिणाम पाने के बाद बच्चों में मानक इकाई की आवश्यकता का अनुभव जगाना
बालिश्त जैसी अमानक इकाइयों से मापने पर अलग-अलग बच्चों के उत्तर अलग आते हैं, जिससे मानक इकाई की आवश्यकता पैदा होती है। मापन सिखाने का यही अनुशंसित क्रम है।
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Q.275
एक बच्ची मानती है कि हर चार भुजाओं वाली आकृति 'वर्ग' है। कई आकृतियों को मापने और उनकी तुलना करने के बाद वह अपनी धारणा बदल लेती है और वर्गों को अन्य चतुर्भुजों से अलग करती है। पियाजे के अनुसार यह परिवर्तन है:
- A समायोजन (accommodation)
- B आत्मसात्करण (assimilation)
- C संख्या का संरक्षण (conservation)
- D केंद्रीकरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) समायोजन (accommodation)
जब नया अनुभव पुराने स्कीमा में नहीं बैठता तो उस स्कीमा को बदलना समायोजन है। आत्मसात्करण का अर्थ होगा नई आकृतियों को बिना धारणा बदले पुराने विचार में ही बैठा देना।
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Q.276
कक्षा 6 की एक विद्यार्थी लिखती है 7 ÷ 0 = 0। शिक्षक के लिए इसे सुधारने का सबसे अच्छा तरीका है:
- A पूछना: किस संख्या को 0 से गुणा करने पर 7 मिलता है? कोई नहीं, अतः 7 ÷ 0 परिभाषित नहीं
- B बताना कि उत्तर 7 है, क्योंकि 'कुछ नहीं' से भाग देने पर संख्या बिल्कुल नहीं बदलती, वही रहती है
- C रटवाना कि 'किसी संख्या को 0 से भाग देना परिभाषित नहीं है' और आगे बढ़ जाना
- D अभी इसे छोड़ देना, क्योंकि शून्य से भाग कक्षा 6 के लिए बहुत अमूर्त है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) पूछना: किस संख्या को 0 से गुणा करने पर 7 मिलता है? कोई नहीं, अतः 7 ÷ 0 परिभाषित नहीं
भाग को गुणा से जोड़ने पर विद्यार्थी स्वयं तर्क कर पाती है कि किसी भी संख्या को 0 से गुणा करने पर 7 नहीं मिलता, इसलिए शून्य से भाग परिभाषित नहीं है। बिना तर्क के परिणाम रटाना, या 7 जैसा गलत उत्तर देना, भ्रांति को बना रहने देता है।
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Q.277
एक शिक्षक कक्षा 5 के बच्चों से पैटर्न 3, 7, 11, 15, ... आगे बढ़ाने और यह समझाने को कहता है कि वे सभी पद लिखे बिना 20वाँ पद कैसे निकालेंगे। इस कार्य का मुख्य उद्देश्य किसका विकास है?
- A सामान्यीकरण और प्रारंभिक बीजगणितीय चिंतन
- B बार-बार 4 जोड़ते हुए जोड़ने की गति बढ़ाना
- C गुणा का 4 का पहाड़ा क्रम से रटकर याद करना
- D अभाज्य और भाज्य संख्याओं की पहचान
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) सामान्यीकरण और प्रारंभिक बीजगणितीय चिंतन
पैटर्न पर काम करना और किसी भी पद का नियम खोजना बच्चों को सामान्यीकरण की ओर ले जाता है, जो उच्च प्राथमिक स्तर पर बीजगणितीय चिंतन की नींव है।
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Q.278
कक्षा 8 के विद्यार्थी आयत के वे सभी गुण सूचीबद्ध करते हैं जो वे जानते हैं। फिर शिक्षक पूछता है, 'इनमें से कौन-से गुण अकेले ही यह निश्चित करने के लिए पर्याप्त हैं कि कोई चतुर्भुज आयत है?' इस प्रश्न का मुख्य उद्देश्य है:
- A विद्यार्थियों को गुणों की सूची से आगे, एक गुण से दूसरा कैसे निकलता है यह देखने तक ले जाना
- B जाँचना कि विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक में दिया गया आयत का हर एक गुण ठीक से याद है या नहीं
- C परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को रटने पड़ने वाले गुणों की संख्या जितनी हो सके, उतनी घटाना
- D जाँचना कि विद्यार्थी भुजाएँ और कोण कितनी सटीकता से माप सकते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) विद्यार्थियों को गुणों की सूची से आगे, एक गुण से दूसरा कैसे निकलता है यह देखने तक ले जाना
उदाहरण के लिए, यह देखना कि एक समकोण वाले समांतर चतुर्भुज के चारों कोण समकोण होंगे, दिखाता है कि गुण आपस में जुड़े हैं। वैन हीले मॉडल में यह विश्लेषण स्तर से अनौपचारिक निगमन की ओर बढ़ना है, और यही परिभाषाओं और निगमन का आधार है।
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Q.279
कक्षा 3 का एक बच्चा कहता है कि लंबी, पतली बोतल में छोटे, चौड़े जग से अधिक पानी आएगा क्योंकि वह ऊँची है। इसे सुधारने का सबसे अच्छा तरीका है:
- A पैमाने से दोनों बर्तनों की ऊँचाई मापकर उनकी तुलना करना
- B बच्चे को सीधे बता देना कि जग में अधिक पानी आता है, क्योंकि वह चौड़ा है
- C बोतल में पानी भरकर उसे जग में उँडेलना, ताकि दिखे कि किसमें अधिक आता है
- D बच्चे से यह नियम रटवाना कि ऊँचे बर्तनों में हमेशा अधिक पानी नहीं आता
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सही उत्तर: (C) बोतल में पानी भरकर उसे जग में उँडेलना, ताकि दिखे कि किसमें अधिक आता है
धारिता ऊँचाई और चौड़ाई दोनों पर निर्भर करती है, इसलिए केवल ऊँचाई भ्रामक हो सकती है। एक बर्तन से दूसरे में पानी उँडेलना प्रत्यक्ष तुलना है जिससे बच्चा अपने दावे की स्वयं जाँच करता है; इसके बाद अमानक और मानक इकाइयाँ आती हैं।
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Q.280
'x में 3 जोड़ो, और फिर परिणाम को 2 से गुणा करो' लिखने को कहने पर एक विद्यार्थी 2x + 3 लिखती है। कौन-सी गतिविधि उसे त्रुटि देखने में सबसे अधिक मदद करती है?
- A उसे कहना कि हमेशा संख्या को अक्षर से पहले लिखे, जैसा पाठ्यपुस्तकों में 2x जैसे पदों में होता है
- B उसे बताना कि अर्थ स्पष्ट होने पर बीजगणित में कोष्ठक छोड़े जा सकते हैं
- C x = 5 लेकर देखना: (5 + 3) × 2 = 16 पर 2 × 5 + 3 = 13, फिर चर्चा करना कि कोष्ठक क्यों चाहिए
- D उसे नियम देना कि किसी भी बीजीय व्यंजक में गुणा हमेशा पहले लिखा जाता है
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सही उत्तर: (C) x = 5 लेकर देखना: (5 + 3) × 2 = 16 पर 2 × 5 + 3 = 13, फिर चर्चा करना कि कोष्ठक क्यों चाहिए
किसी संख्या से जाँचने पर दिखता है कि दोनों व्यंजक अलग परिणाम देते हैं, इसलिए शब्दों में दिया संक्रियाओं का क्रम कोष्ठक से दिखाना होगा: 2(x + 3), जो 2x + 6 के बराबर है, 2x + 3 के नहीं।
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Q.281
प्रत्येक गतिविधि का मिलान ब्रूनर के निरूपण के रूप से कीजिए।
P. चार बच्चे पेड़ पर बैठी चिड़ियाँ बनते हैं और एक 'उड़ जाती है'
Q. बच्चे चार चिड़ियाँ बनाकर एक को काट देते हैं
R. बच्चे 4 - 1 = 3 लिखते हैं
i. प्रतीकात्मक ii. क्रियात्मक iii. चित्रात्मक
- A P-iii, Q-ii, R-i
- B P-ii, Q-i, R-iii
- C P-i, Q-iii, R-ii
- D P-ii, Q-iii, R-i
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सही उत्तर: (D) P-ii, Q-iii, R-i
क्रियात्मक निरूपण क्रिया से, चित्रात्मक निरूपण चित्रों या छवियों से, और प्रतीकात्मक निरूपण अंकों और चिह्नों से होता है। ये CPA उपागम के मूर्त, चित्रात्मक और अमूर्त चरणों के अनुरूप हैं।
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Q.282
गणित में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) का तात्पर्य है कि:
- A केवल अंतिम लिखित परीक्षा गिनी जाती है, भले ही अभ्यास के लिए पूरे वर्ष इकाई परीक्षाएँ होती रहें
- B मूल्यांकन निरंतर होता है और केवल लिखित उत्तर नहीं, तर्क, संप्रेषण, अभिवृत्ति और प्रक्रियाओं को समेटता है
- C हर दिन औपचारिक लिखित परीक्षाएँ ली जाती हैं और उनके सभी अंक जोड़कर अंतिम परिणाम बनता है
- D अंकों की जगह कोई मूल्यांकन नहीं होता, क्योंकि अनुत्तीर्ण न करने की नीति में हर बच्चा अपने आप उत्तीर्ण होता है
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सही उत्तर: (B) मूल्यांकन निरंतर होता है और केवल लिखित उत्तर नहीं, तर्क, संप्रेषण, अभिवृत्ति और प्रक्रियाओं को समेटता है
'सतत' का अर्थ है मूल्यांकन निरंतर और शिक्षण से एकीकृत है; 'व्यापक' का अर्थ है यह अधिगम के सभी पहलुओं, प्रक्रियाओं और अभिवृत्तियों सहित, को अवलोकन, प्रोजेक्ट और मौखिक कार्य जैसे विविध साधनों से समेटता है।
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Q.283
एक विद्यार्थी कहती है, 'कल या तो बारिश होगी या नहीं होगी, इसलिए बारिश की प्रायिकता 1/2 है।' शिक्षक को उसे यह समझाना चाहिए कि:
- A दो संभव परिणाम समप्रायिक हों, यह आवश्यक नहीं; 1/2 तभी लागू होता है जब वे समप्रायिक हों
- B वह सही है, क्योंकि ठीक दो परिणाम हैं और दोनों का हिस्सा बराबर होना चाहिए
- C प्रायिकता केवल सिक्कों और पासों के लिए ही निकाली जा सकती है, मौसम जैसी घटनाओं के लिए नहीं
- D बारिश की प्रायिकता 0 होनी चाहिए, क्योंकि भविष्य अज्ञात है और उसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता
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सही उत्तर: (A) दो संभव परिणाम समप्रायिक हों, यह आवश्यक नहीं; 1/2 तभी लागू होता है जब वे समप्रायिक हों
परिणाम गिनकर प्रायिकता तभी मिलती है जब परिणाम समप्रायिक हों, जैसे निष्पक्ष सिक्के में। बारिश ऋतु और मौसम पर निर्भर करती है, इसलिए उसकी संभावना आँकड़ों से आँकी जाती है, परिणामों की संख्या से नहीं।
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Q.284
a = 3 होने पर 2a का मान ज्ञात करने को कहने पर कक्षा 7 की एक विद्यार्थी 23 लिखती है। यह त्रुटि क्या दर्शाती है?
- A उसने गणना से पहले व्यंजक में a के स्थान पर गलत मान रख दिया है
- B वह अभी 2 का पहाड़ा नहीं जानती
- C वह सही है, क्योंकि 2a का अर्थ है अंक 2 और a से बनी दो अंकों वाली संख्या
- D वह 2a को 2 × a नहीं, बल्कि स्थानीय मान की तरह दो अंकों की संख्या पढ़ती है
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सही उत्तर: (D) वह 2a को 2 × a नहीं, बल्कि स्थानीय मान की तरह दो अंकों की संख्या पढ़ती है
अंकगणित में साथ-साथ लिखे अंक (23) स्थानीय मान दिखाते हैं, पर बीजगणित में 2a का अर्थ 2 × a है, जो यहाँ 6 है। बच्ची अंकगणित की परिपाटी को बीजगणित में ले आती है, इसलिए शिक्षक को दोनों परिपाटियों पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए, जैसे 2a की तुलना 23 और 2 + a से करके।
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Q.285
बच्चे एक ही मेज़ को नापते हैं और पाते हैं कि वह 10 बालिश्त और 25 माचिस की तीलियों जितनी लंबी है। एक बच्चा कहता है, 'तीलियों से नापने पर मेज़ ज़्यादा लंबी हो जाती है।' शिक्षक को यह विचार विकसित करना चाहिए कि:
- A इकाई जितनी छोटी, उतनी अधिक इकाइयाँ लगती हैं; मेज़ नहीं बदली
- B तीलियाँ मेज़ की सही लंबाई बताती हैं और बालिश्त नहीं, क्योंकि बालिश्त बदलते रहते हैं
- C बच्चे ने बालिश्त या तीलियाँ ज़रूर गलत गिनी होंगी, इसलिए उसे दोबारा गिनना चाहिए
- D कक्षा में लंबाई कभी भी ऐसी अमानक इकाइयों से नहीं नापनी चाहिए
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सही उत्तर: (A) इकाई जितनी छोटी, उतनी अधिक इकाइयाँ लगती हैं; मेज़ नहीं बदली
माचिस की तीली बालिश्त से छोटी है, इसलिए उसी मेज़ पर अधिक तीलियाँ समाती हैं। इकाई के आकार और इकाइयों की संख्या के इस व्युत्क्रम संबंध की समझ मापन के लिए और आगे चलकर इकाइयों के रूपांतरण के लिए केंद्रीय है।
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Q.286
निम्नलिखित में से किस प्रश्न के लिए स्मरण के बजाय तार्किक चिंतन की सबसे अधिक आवश्यकता है?
- A 7 × 8 कितना होता है? उत्तर खाने में लिखो।
- B क्या किसी त्रिभुज में दो समकोण हो सकते हैं? कारण सहित समझाओ।
- C तीन भुजाओं वाली एक आकृति का नाम बताओ और उसे अपनी कॉपी में साफ़-साफ़ बनाओ।
- D शिक्षक जैसा बोलें, ठीक वैसे ही बयालीस को अंकों में लिखो।
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सही उत्तर: (B) क्या किसी त्रिभुज में दो समकोण हो सकते हैं? कारण सहित समझाओ।
इसका उत्तर देने के लिए तर्क चाहिए: दो समकोण मिलकर ही 180° हो जाते हैं, तीसरे कोण के लिए कुछ नहीं बचता, इसलिए दोनों भुजाएँ कभी नहीं मिलेंगी। बाकी प्रश्नों के उत्तर स्मृति से दिए जा सकते हैं।
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Q.287
NCF 2005 में वर्णित विद्यालयी गणित के 'उच्च उद्देश्य' की पूर्ति कौन-सा कक्षा-कार्य सबसे अच्छी तरह करता है?
- A यह जाँचना कि क्या किन्हीं तीन क्रमागत संख्याओं का योग हमेशा 3 से विभाज्य होता है, और क्यों
- B एक कालांश में तीन अंकों की संख्याओं के गुणा के 30 प्रश्न हल करना
- C मिलीमीटर से किलोमीटर तक लंबाई की इकाइयों की रूपांतरण तालिका याद करना
- D अध्याय के सभी हल किए गए उदाहरण अपनी कॉपी में उतारना और परीक्षा के लिए उनका हर चरण रट लेना
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सही उत्तर: (A) यह जाँचना कि क्या किन्हीं तीन क्रमागत संख्याओं का योग हमेशा 3 से विभाज्य होता है, और क्यों
उच्च उद्देश्य बच्चे में गणितीय ढंग से सोचने और तर्क करने, मान्यताओं को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने और अमूर्तता सँभालने की क्षमता विकसित करना है; कोई सामान्य दावा बनाकर उसका औचित्य देना यही करता है। गणना का अभ्यास अधिक से अधिक संख्यात्मकता के संकीर्ण उद्देश्य की पूर्ति करता है।
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Q.288
क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई सूत्र देने से पहले शिक्षक बच्चों से आयतों को इकाई वर्गों से ढकवाता है और ध्यान दिलाता है कि वर्ग पंक्तियाँ और स्तंभ बनाते हैं। इसका उद्देश्य है:
- A क्षेत्रफल के सूत्र का असली पाठ शुरू होने तक बच्चों को व्यस्त और रुचिपूर्ण रखना
- B जाँचना कि बच्चे इकाई वर्गों के बड़े समूह ठीक-ठीक और तेज़ी से गिन सकते हैं या नहीं
- C बच्चों को दिखाना कि लंबाई × चौड़ाई सूत्र केवल वर्गों पर लागू होता है, आयतों पर कभी नहीं
- D सूत्र को पंक्ति × स्तंभ की संरचना से उभरने देना, ताकि वह रटा नहीं, समझा जाए
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सही उत्तर: (D) सूत्र को पंक्ति × स्तंभ की संरचना से उभरने देना, ताकि वह रटा नहीं, समझा जाए
जब बच्चे देखते हैं कि 5-5 वर्गों की 3 पंक्तियाँ 15 बनाती हैं, तो लंबाई × चौड़ाई वर्ग गिनने का छोटा तरीका बन जाता है। इस संरचना पर बना सूत्र सही ढंग से लागू करना और याद रखना आसान होता है।
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Q.289
गुणा सिखाने के मूर्त-चित्रात्मक-अमूर्त (CPA) उपागम में गतिविधियों का सही क्रम है:
- A 3 x 4 = 12 लिखो; 4-4 बिंदुओं के 3 समूह बनाओ; 4-4 कंकड़ों के 3 समूह बनाओ
- B 4-4 कंकड़ों के 3 समूह बनाओ; 4-4 बिंदुओं के 3 समूह बनाओ; 3 x 4 = 12 लिखो
- C 4-4 बिंदुओं के 3 समूह बनाओ; 3 x 4 = 12 लिखो; 4-4 कंकड़ों के 3 समूह बनाओ
- D 3 x 4 = 12 लिखो; 4-4 कंकड़ों के 3 समूह बनाओ; 4-4 बिंदुओं के 3 समूह बनाओ
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सही उत्तर: (B) 4-4 कंकड़ों के 3 समूह बनाओ; 4-4 बिंदुओं के 3 समूह बनाओ; 3 x 4 = 12 लिखो
CPA मूर्त वस्तुओं को सँभालने से चित्रात्मक निरूपण और अंत में अमूर्त प्रतीकों की ओर बढ़ता है, जो ब्रूनर के क्रियात्मक-चित्रात्मक-प्रतीकात्मक क्रम से मेल खाता है।
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Q.290
गणित की चिंता घटाने के लिए शिक्षक का माता-पिता को कौन-सा संदेश सबसे उपयुक्त है?
- A बच्चे को खरीदारी, खाना पकाने जैसे रोज़ के गणित में शामिल करें, प्रयास की प्रशंसा करें
- B बच्चे को बताएँ कि आप भी गणित में कमज़ोर थे, इसलिए उसे भी इस बारे में चिंता करने की कोई बात नहीं
- C परीक्षा में गति और शुद्धता के लिए बच्चे से हर दिन सौ सवालों का अभ्यास करवाएँ
- D प्रेरणा बनाए रखने के लिए बच्चे के अंकों की तुलना अन्य बच्चों से करें
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सही उत्तर: (A) बच्चे को खरीदारी, खाना पकाने जैसे रोज़ के गणित में शामिल करें, प्रयास की प्रशंसा करें
घर पर गणित का रोज़मर्रा का उपयोग इसे उपयोगी और सहज दिखाता है, और प्रयास व तर्क की प्रशंसा आत्मविश्वास बनाती है। बच्चे को यह बताना कि गणित में कमज़ोरी परिवार में चलती है, एक स्थिर, नकारात्मक धारणा आगे बढ़ाता है।
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Q.291
कक्षा 6 की एक विद्यार्थी कहती है कि पत्ती का क्षेत्रफल नहीं निकाला जा सकता, 'क्योंकि पत्ती का कोई सूत्र नहीं है'। शिक्षक को चाहिए कि वह:
- A सहमत हो, क्योंकि क्षेत्रफल केवल उन्हीं नियमित आकृतियों का निकलता है जिनके सूत्र हैं, जैसे आयत और वृत्त
- B उससे आयत की तरह पत्ती की लंबाई और चौड़ाई मापकर गुणा करने को कहे
- C विद्यार्थियों से पत्ती को वर्गांकित कागज़ पर उतरवाकर पूरे और आंशिक वर्ग गिनकर क्षेत्रफल का अनुमान लगवाए
- D उसे इसके बजाय धागे से पत्ती का परिमाप निकालने को कहे, क्योंकि उसका क्षेत्रफल निकाला ही नहीं जा सकता
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सही उत्तर: (C) विद्यार्थियों से पत्ती को वर्गांकित कागज़ पर उतरवाकर पूरे और आंशिक वर्ग गिनकर क्षेत्रफल का अनुमान लगवाए
क्षेत्रफल ढकी गई सतह की मात्रा है, जिसका अनुमान किसी भी आकृति के लिए इकाई वर्ग गिनकर लगाया जा सकता है (जैसे आधे से अधिक ढके वर्ग को एक गिनना और आधे से कम ढके को छोड़ देना)। सूत्र नियमित आकृतियों के लिए छोटा रास्ता हैं, क्षेत्रफल का अर्थ नहीं।
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Q.292
एक बच्चा वर्ग को सही पहचानता है जब उसकी भुजाएँ क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर हों, पर उसी वर्ग को घुमा देने पर कहता है, 'यह वर्ग नहीं, डायमंड है।' सबसे उपयुक्त शिक्षण प्रतिक्रिया है:
- A बच्चे को बताना कि डायमंड भी वर्ग है और सीधे अगले विषय पर बढ़ जाना
- B वर्गों को अनेक स्थितियों और आकारों में दिखाना और बच्चों से भुजाएँ व कोण जाँचवाना
- C भ्रम से बचने के लिए बोर्ड पर वर्ग हमेशा क्षैतिज आधार पर ही बनाना, ताकि बच्चा फिर कभी भ्रमित न हो
- D बच्चे से वर्ग की परिभाषा याद करवाना और ज़ोर से दोहरवाना
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सही उत्तर: (B) वर्गों को अनेक स्थितियों और आकारों में दिखाना और बच्चों से भुजाएँ व कोण जाँचवाना
दृश्य स्तर पर बच्चा आकृतियों को उनके सामान्य रूप से पहचानता है, इसलिए घुमाया हुआ वर्ग उसे अलग लगता है। विविध स्थितियाँ दिखाना और साथ में गुण जाँचना बच्चे को रूप से गुणों की ओर ले जाता है।
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Q.293
यांत्रिक ड्रिल के विपरीत, गणित में सार्थक ड्रिल और अभ्यास का उदाहरण निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A कॉपी में रोज़ 7 का पहाड़ा दस बार लिखना ताकि वह स्मृति में पक्का हो जाए
- B दो पासे फेंककर संख्याओं का गुणा करना, ग्रिड पर गुणनफल ढकना और चर्चा करना कि कौन-से गुणनफल सबसे अधिक आते हैं
- C हर सुबह बीस मिनट तक समवेत स्वर में जोड़ के सभी तथ्य तब तक दोहराना जब तक कक्षा का हर बच्चा उन्हें पूरा सुना न सके
- D बोर्ड से हल किए उदाहरण नकल करना और फिर ऐसे बीस सवाल करना जिनमें केवल संख्याएँ बदली हों
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सही उत्तर: (B) दो पासे फेंककर संख्याओं का गुणा करना, ग्रिड पर गुणनफल ढकना और चर्चा करना कि कौन-से गुणनफल सबसे अधिक आते हैं
अभ्यास तब सार्थक है जब वह उद्देश्यपूर्ण गतिविधि में निहित हो, सोच शामिल करे (कौन-से गुणनफल अधिक संभावित हैं) और समझ के बाद आए। नकल और समवेत दोहराव यांत्रिक हैं और समझ नहीं बनाते।
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Q.294
एक चर्चा में बच्चे 25 × 12 निकालने के अलग-अलग तरीके बताते हैं: '25 × 10 + 25 × 2', '25 × 4 = 100, अतः 100 × 3', और '12 × 100 ÷ 4'। इस चर्चा का मुख्य महत्त्व यह है कि यह:
- A बच्चों को भ्रमित करती है, जिन्हें पहले एक मानक विधि में पूरी तरह निपुण होना चाहिए
- B रणनीतियों की तुलना और औचित्य से लचीलापन और संख्या बोध बनाती है
- C वह समय नष्ट करती है जो मानक कलन-विधि के लिखित अभ्यास में बेहतर लगता
- D शिक्षक को कक्षा को यह दिखाने में मदद करती है कि उसकी अपनी विधि सबसे तेज़ है
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सही उत्तर: (B) रणनीतियों की तुलना और औचित्य से लचीलापन और संख्या बोध बनाती है
तीनों विधियों से 300 मिलता है। उनकी तुलना दिखाती है कि स्थानीय मान और गुणा के गुणों से संख्याओं को कैसे तोड़ा और जोड़ा जा सकता है, और विधियों का औचित्य पूछना तर्क और संप्रेषण विकसित करता है।
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Q.295
7 मनकों की एक माला से कक्षा 1 का एक बच्चा 7 को 5 और 2, फिर 4 और 3, फिर 6 और 1 के रूप में दिखाता है। यह गतिविधि मुख्यतः क्या विकसित करती है?
- A संख्या की अंश-पूर्ण समझ (संख्या को जोड़कर बनाना और तोड़ना)
- B वस्तुओं को सबसे छोटी से सबसे बड़ी तक आकार के क्रम में लगाना (क्रमबद्धता)
- C संख्याओं के नाम सही क्रम में रटकर गिनना
- D धागे में पिरोए मनकों जैसी अमानक इकाइयों से किसी वस्तु की लंबाई मापना
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सही उत्तर: (A) संख्या की अंश-पूर्ण समझ (संख्या को जोड़कर बनाना और तोड़ना)
एक ही संख्या को भागों के अलग-अलग जोड़ों से बना देखना अंश-पूर्ण चिंतन है, जो जोड़-घटाव के तथ्यों और मानसिक रणनीतियों का आधार है। यह संख्याओं के नाम बोलने से आगे की बात है।
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Q.296
पासे के बिंदुओं को देखकर कक्षा 1 का एक बच्चा उन्हें एक-एक करके गिने बिना तुरंत 'पाँच' कह देता है। इस क्षमता को कहते हैं:
- A सबिटाइज़िंग (एक नज़र में संख्या पहचानना)
- B क्रमबद्धता (seriation)
- C रटकर गिनना (rote counting)
- D संख्या संरक्षण (conservation of number)
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) सबिटाइज़िंग (एक नज़र में संख्या पहचानना)
सबिटाइज़िंग किसी छोटे समूह की संख्या को एक नज़र में पहचानना है, विशेषकर पासे जैसी परिचित व्यवस्थाओं में। यह संख्या बोध और आगे गिनने में सहायक है, जबकि क्रमबद्धता आकार के क्रम में लगाना है।
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Q.297
चार वर्ष की एक बच्ची 1 से 20 तक की संख्याएँ धाराप्रवाह बोल देती है, पर 6 ब्लॉक देने को कहने पर मुट्ठी भर कितने भी ब्लॉक पकड़ा देती है। इससे क्या पता चलता है?
- A उसे 20 तक की संख्याएँ पूरी तरह समझ आ गई हैं, ब्लॉक देते समय वह बस खेल रही है
- B संख्याओं के नाम रटकर बोलना संख्या की समझ नहीं है; गिनती को मात्रा से जोड़ना होगा
- C उसे स्मृति की समस्या है जिसका आकलन पढ़ाई आगे बढ़ाने से पहले किसी विशेषज्ञ से होना चाहिए
- D अब उसे 100 तक संख्याएँ बोलना सिखाना चाहिए, क्योंकि वह 1 से 20 तक में पूरी तरह निपुण है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) संख्याओं के नाम रटकर बोलना संख्या की समझ नहीं है; गिनती को मात्रा से जोड़ना होगा
NCF 2005 पूर्व-प्राथमिक स्तर पर संख्या-क्रम को रटने के विरुद्ध सावधान करता है और चाहता है कि बच्चे छोटे समूहों के संदर्भ में गिनती को मात्रा से जोड़ें। बच्ची को क्रम आता है, पर अभी यह नहीं कि वह 'कितने' को कैसे बताता है।
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Q.298
NCF 2005 के अनुसार गणित की पाठ्यपुस्तक की भूमिका का सबसे अच्छा वर्णन है:
- A संपूर्ण पाठ्यचर्या, जिसे पृष्ठ-दर-पृष्ठ पढ़ाना और उसका हर अभ्यास दिए गए क्रम में पूरा करना अनिवार्य है
- B मूल्यांकन के लिए अभ्यासों का एकमात्र मान्य स्रोत, इसलिए परीक्षा के सारे प्रश्न केवल इसी से आने चाहिए
- C कई संसाधनों में से एक, जिसका गतिविधियों, स्थानीय संदर्भों और अन्य सामग्री के साथ लचीला उपयोग हो
- D एक संदर्भ पुस्तक जो मुख्यतः शिक्षक के लिए है और जिससे बच्चे नोट्स उतारते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) कई संसाधनों में से एक, जिसका गतिविधियों, स्थानीय संदर्भों और अन्य सामग्री के साथ लचीला उपयोग हो
NCF 2005 पाठ्यपुस्तक को एक साधन मानता है, स्वयं पाठ्यक्रम नहीं; शिक्षकों से अपेक्षा है कि वे गतिविधियों, स्थानीय संदर्भ और अन्य अधिगम सामग्री के माध्यम से उससे आगे जाएँ।
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Q.299
कक्षा का हर समूह एक सिक्का 10 बार उछालता है, और चित की संख्या 3 से 8 तक अलग-अलग आती है। सभी समूहों के परिणाम (300 उछालें) मिलाने पर चित का भिन्न 1/2 के निकट आता है। यह मुख्यतः सिखाता है कि:
- A प्रयोगों की संख्या बढ़ने पर प्रायोगिक प्रायिकता सैद्धांतिक मान के निकट आती जाती है
- B यदि सिक्का ठीक से उछाला जाए तो कम उछालों में भी सदा ठीक आधे चित आते हैं
- C जिन समूहों को 3 चित मिले, उनके सिक्के खराब या असमान भार वाले रहे होंगे
- D प्रायिकता के प्रयोगों से कोई उपयोगी जानकारी नहीं मिलती, क्योंकि परिणाम हर समूह में अलग आते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) प्रयोगों की संख्या बढ़ने पर प्रायोगिक प्रायिकता सैद्धांतिक मान के निकट आती जाती है
छोटे प्रयोगों के परिणाम संयोग से बहुत बदलते हैं, पर अनेक प्रयोगों में सापेक्ष बारंबारता 1/2 के आसपास स्थिर हो जाती है। इससे प्रायिकता के प्रायोगिक और सैद्धांतिक दृष्टिकोण जुड़ते हैं।
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Q.300
कक्षा 8 की एक विद्यार्थी (a + b)² = a² + b² लिखती है। कौन-सी गतिविधि उसे यह देखने में सबसे अधिक मदद करती है कि यह गलत क्यों है?
- A उससे (a + b)² = a² + 2ab + b² बार-बार ज़ोर से तब तक दोहरवाना जब तक वह पक्का याद न हो जाए
- B कागज़ के टुकड़ों से a + b भुजा का वर्ग बनाना: उसमें a², b² और ab क्षेत्रफल वाले दो आयत हैं
- C उसे अभ्यास के लिए इसी प्रकार के दस और प्रसार देना
- D उसे बताना कि उसका लिखा परिणाम केवल तभी सत्य है जब a और b बराबर हों, इसलिए पहले वह जाँचे
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सही उत्तर: (B) कागज़ के टुकड़ों से a + b भुजा का वर्ग बनाना: उसमें a², b² और ab क्षेत्रफल वाले दो आयत हैं
क्षेत्रफल मॉडल दिखाता है कि a + b भुजा वाला वर्ग a², b² और ab के दो आयतों में बँटा है, इसलिए (a + b)² = a² + 2ab + b²। संख्याओं से जाँच भी यही बताती है: (2 + 3)² = 25, पर 2² + 3² = 13।
ये प्रश्न कैसे बने
एक AI सहायक (Claude) ने स्थिर, सुस्थापित तथ्यों के अपने सामान्य ज्ञान से अंग्रेज़ी में लिखा और हिंदी में अनुवाद किया (कोई लाइव खोज नहीं) - किसी विषय-विशेषज्ञ या हिंदी मातृभाषी ने इसकी समीक्षा नहीं की है; किसी तथ्य पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक स्रोत से मिला लें।