प्रधानमंत्री ने लगभग 21,800 करोड़ रुपये की पुणे मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया; हिंजेवाड़ी-शिवाजीनगर कॉरिडोर शुरू
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 3 नवंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लगभग 21,800 करोड़ रुपये की पुणे मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। दस वर्ष पहले पुणे मेट्रो के पहले चरण का शिलान्यास करने को याद करते हुए उन्होंने कहा कि हिंजेवाड़ी से शिवाजीनगर कॉरिडोर के उद्घाटन से एक बड़े आईटी हब को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जबकि उसी दिन जिस नई लाइन पर काम शुरू हुआ, वह शहर के पुराने और नए इलाकों को और जोड़ेगी। उन्होंने बताया कि नए उद्घाटित कॉरिडोर का निर्माण सरकार और निजी क्षेत्र के साझा प्रयासों से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश का मेट्रो नेटवर्क 26 शहरों में लगभग 1,200 किलोमीटर तक फैल गया है, जिसमें प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक लोग यात्रा करते हैं, और भारतीय मेट्रो नेटवर्क की गिनती दुनिया के शीर्ष तीन मेट्रो नेटवर्क में होती है। उन्होंने कहा कि 2014 में महाराष्ट्र में केवल 10 से 11 किलोमीटर मेट्रो लाइनें चालू थीं, जबकि अब लगभग 175 किलोमीटर लाइनें सेवा में हैं और 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 680 किलोमीटर से अधिक लाइनों पर काम चल रहा है। उन्होंने फरवरी 2026 में अर्बन चैलेंज फंड को दी गई स्वीकृति का उल्लेख किया, जिसके लिए केंद्र सरकार एक लाख करोड़ रुपये की सहायता दे रही है और जिसका लक्ष्य शहरों में लाखों करोड़ रुपये का निवेश जुटाना है, और स्थानीय निकायों तथा निजी क्षेत्र के साझेदारों से मिशन मोड में इस प्रयास से जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत ने कठिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में दुनिया की सबसे तेज़ विकास दर बनाए रखी है और विश्व बैंक की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार 10 से 12 वर्षों के भीतर भारत में 50 करोड़ नागरिक अत्यधिक गरीबी से बाहर निकले हैं।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
इस कार्यक्रम की घोषणा करने वाली PIB की 2 नवंबर 2026 की रिलीज़ के अनुसार प्रधानमंत्री को 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित पुणे मेट्रो लाइन 3 का उद्घाटन करना था, जिसे पिंक लाइन के रूप में भी जाना जाता है। लगभग 23 किलोमीटर तक फैली पिंक लाइन मान को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन से जोड़ती है और हिंजेवाड़ी आईटी हब और शिवाजीनगर के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। यह लाइन पूरी तरह से महिला ट्रेन ऑपरेटरों द्वारा संचालित की जाएगी, जिसे रिलीज़ ने अपनी तरह की पहली पहल बताया, और इसकी कुल बिजली आवश्यकताओं का लगभग 30 प्रतिशत सौर ऊर्जा से पूरा करने की परिकल्पना की गई है। प्रधानमंत्री को लगभग 13,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले पुणे मेट्रो के दूसरे चरण (चरण-II) की आधारशिला भी रखनी थी, जिसमें लाइन 2ए और 2बी (कुल लगभग 12.75 किलोमीटर; लाइन 2ए वनाज से चांदनी चौक और लाइन 2बी रामवाड़ी से विट्ठलवाड़ी तक, जो मौजूदा पूर्व-पश्चिम मेट्रो नेटवर्क का विस्तार करेंगी), लाइन 4 (लगभग 25.52 किलोमीटर, खराडी से खड़कवासला) और लाइन 4ए (6.12 किलोमीटर, नल स्टॉप से माणिक बाग) शामिल हैं। नए कॉरिडोर स्वारगेट, नल स्टॉप और खराडी बाईपास पर इंटरचेंज सुविधाओं के माध्यम से इंटरसिटी बस सेवाओं और मौजूदा पुणे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ेंगे।
खुद जाँचें: पुणे मेट्रो लाइन 3 को और किस नाम से जाना जाता है, यह किन दो स्टेशनों को जोड़ती है, और पुणे मेट्रो के दूसरे चरण में कौन-सी चार लाइनें शामिल हैं?
पिंक लाइन; मान और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन; लाइन 2ए, 2बी, 4 और 4ए।
अभ्यास: इस रिलीज़ से परियोजनाओं का कुल मूल्य, उद्घाटित कॉरिडोर और वह किस मॉडल पर बना, प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए देश और महाराष्ट्र के मेट्रो आंकड़े, और अर्बन चैलेंज फंड लिखें; नोट से लाइन 3 का दूसरा नाम, लागत, लंबाई, छोर के स्टेशन, संचालक और सौर ऊर्जा का हिस्सा, तथा दूसरे चरण की अनुमानित लागत और उसकी चारों लाइनें व उनके छोर।
खुद को परखें
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 3 नवंबर 2026 को उद्घाटित पुणे मेट्रो का वह कॉरिडोर, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि इससे एक बड़े आईटी हब को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और जिसका निर्माण सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर हुआ है, किन दो स्थानों के बीच है?
उत्तर देखें
उत्तर: हिंजेवाड़ी और शिवाजीनगर
प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंजेवाड़ी से शिवाजीनगर कॉरिडोर के उद्घाटन से एक बड़े आईटी हब को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, और बताया कि इस लाइन का निर्माण सरकार और निजी क्षेत्र के साझा प्रयासों से सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर हुआ है। 3 नवंबर 2026 को जिन पुणे मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ, वे लगभग 21,800 करोड़ रुपये की हैं।