समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे: मुख्य तथ्य और अभ्यास प्रश्न

CTET और राज्य TET परीक्षाओं के लिए समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे दोहराएँ: बार-बार पूछे जाने वाले तथ्य और अंतर, एक नज़र में दोहराने की सूची, और उत्तर तथा स्पष्टीकरण सहित 10 अभ्यास प्रश्न।

AI की सहायता से तैयार किया गया और 2026-10-15 को तथ्यों की जाँच की गई; हिन्दी पाठ को प्रकाशक ने 16 अक्टूबर 2026 को पढ़कर स्वीकृत किया। कोई गलती दिखे तो हमें बताइए। संपादकीय मानक और सुधार

अभ्यास प्रश्नों पर जाएँ ↓

मुख्य अवधारणाएँ और तथ्य

  • पृथक्करण, एकीकरण, मुख्यधारा और समावेशन: पृथक्करण (segregation) का अर्थ है दिव्यांग बच्चों को विशेष विद्यालयों में अलग पढ़ाना। एकीकरण (integration) और पुराना अमेरिकी शब्द मुख्यधारा में लाना (mainstreaming) का अर्थ है बच्चे को सामान्य विद्यालय में रखना परंतु अपरिवर्तित व्यवस्था के अनुसार बच्चे से समायोजन की अपेक्षा करना; मुख्यधारा में प्रायः दिन के कुछ भाग के लिए सामान्य कक्षा में रखा जाता था। समावेशन (inclusion) दिशा उलट देता है: विद्यालय अपना पाठ्यक्रम, शिक्षण, आकलन और वातावरण बदलता है ताकि हर बच्चा साथ सीखे। समावेशन दिव्यांगता के सामाजिक मॉडल पर आधारित है (बाधाएँ समाज और विद्यालय में हैं, बच्चे में नहीं), जबकि चिकित्सीय मॉडल (व्यक्ति में कमी) और दया मॉडल (charity) इससे भिन्न हैं। न्यूनतम प्रतिबंधात्मक वातावरण (LRE) का सिद्धांत कहता है कि बच्चे को यथासंभव साथियों के साथ ही पढ़ाया जाए।
  • दिव्यांगता से परे विविधता: समावेशन वंचित समूहों के बच्चों को भी शामिल करता है: SC, ST, अन्य पिछड़ा वर्ग, बालिकाएँ, प्रथम-पीढ़ी के शिक्षार्थी (परिवार में विद्यालय जाने वाले पहले), प्रवासी बच्चे और भाषाई अल्पसंख्यक। RTE अधिनियम 2009 'वंचित समूह के बच्चे' को सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, भौगोलिक, भाषाई, लैंगिक या ऐसे अन्य कारणों से वंचित बच्चे के रूप में परिभाषित करता है; 2012 के संशोधन से दिव्यांग बच्चे भी जोड़े गए। अनुच्छेद 350A हर राज्य से भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षण की सुविधा माँगता है। शिक्षक की भूमिका है घर की भाषा और संस्कृति को संसाधन मानना, ऊँची अपेक्षाएँ रखना और रूढ़िबद्ध धारणाओं से बचना। लेबल लगाने से स्व-पूर्ण भविष्यवाणी (पिग्मेलियन प्रभाव, रोसेन्थल और जैकबसन, 1968) होती है। व्यक्ति-प्रथम भाषा का प्रयोग करें: 'अंधा लड़का' नहीं, 'दृष्टि बाधिता वाला बच्चा'।
  • अधिगम कठिनाइयाँ और दिव्यांगताएँ: RPwD अधिनियम 2016 के अंतर्गत विशिष्ट अधिगम अक्षमता (SLD) में डिस्लेक्सिया (पठन: b/d जैसे अक्षर-उलटाव, धीमा कष्टसाध्य पठन, कमजोर वर्तनी), डिस्ग्राफिया (लेखन: अपठनीय लिखावट, विचारों को कागज पर उतारने में कठिनाई), डिस्कैल्कुलिया (संख्या-बोध, प्रतीक, संख्या-तथ्य), डिस्प्रैक्सिया (गति-योजना और समन्वय) और विकासात्मक वाचाघात आते हैं। SLD का कारण कम बुद्धि या आलस्य नहीं है। ADHD में असावधानी, अतिसक्रियता और आवेगशीलता दिखती है; बच्चे को शिक्षक के पास बिठाएँ, छोटे कार्य और गति-विराम दें। ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार में सामाजिक संप्रेषण की कठिनाई, सीमित और दोहराव वाला व्यवहार, एकरूपता का आग्रह और कभी-कभी इकोलेलिया होता है; दृश्य समय-सारणी, पूर्वानुमेय दिनचर्या और ठोस निर्देश दें। बौद्धिक अक्षमता का अर्थ है बौद्धिक कार्य और अनुकूली व्यवहार दोनों में महत्वपूर्ण सीमाएँ, जिनकी शुरुआत विकासात्मक अवधि में होती है; डाउन सिंड्रोम (ट्राइसोमी 21) एक सामान्य कारण है; ठोस, छोटे चरणों में, दोहराव और प्रशंसा के साथ पढ़ाएँ। श्रवण बाधिता के संकेत: दोहराने को कहना, एक कान आगे करना, ऊँची आवाज़ में बोलना, पीछे से पुकारने पर प्रतिक्रिया न देना; शिक्षक बच्चे की ओर मुख करके बोले, आगे बिठाए और दृश्य संकेत दे। दृष्टि बाधिता के संकेत: किताब पास रखना, आँखें सिकोड़ना, आँखें मलना, सिरदर्द। प्रमस्तिष्क पक्षाघात (CP) विकासशील मस्तिष्क की क्षति से उत्पन्न गति और मुद्रा का अप्रगतिशील विकार है, न कि मांसपेशियों का रोग और न ही संक्रामक। वाक् एवं भाषा बाधिता में हकलाना (प्रवाह), उच्चारण विकार और वाचाघात आते हैं; बच्चे को समय दें और उसके वाक्य पूरे न करें। संवेगात्मक एवं व्यवहारगत विकार लगातार आक्रामकता, अवज्ञा, अलगाव या चिंता के रूप में दिखते हैं और सकारात्मक व्यवहार समर्थन माँगते हैं: व्यवहार का उद्देश्य खोजें, वैकल्पिक कौशल सिखाएँ, वांछित व्यवहार को पुनर्बलित करें।
  • प्रतिभाशाली, मेधावी और सृजनशील शिक्षार्थी: प्रतिभाशाली बच्चे तेज़ी से सीखते हैं, उन्नत शब्दावली, जिज्ञासा और संबंध देखने की क्षमता दिखाते हैं; चुनौती न मिले तो वे ऊब सकते हैं, व्यवधान डाल सकते हैं या न्यून-उपलब्धि दिखा सकते हैं। रेंज़ुली की त्रि-वलय अवधारणा: औसत से अधिक योग्यता, कार्य-प्रतिबद्धता और सृजनशीलता। त्वरण (acceleration) का अर्थ है तेज़ी से आगे बढ़ना (कक्षा छोड़ना, जल्दी प्रवेश); संवर्धन (enrichment) का अर्थ है उसी स्तर पर अधिक व्यापक और गहन अध्ययन। सृजनशीलता अपसारी चिंतन है (गिलफोर्ड) जिसमें प्रवाह, लचीलापन, मौलिकता और विस्तार (टॉरेंस) होते हैं। दिव्यांगता वाला प्रतिभाशाली बच्चा 'द्वि-असाधारण' (twice-exceptional) कहलाता है।
  • समावेशन के प्रमुख उपकरण: WHO (ICIDH 1980) क्षति/impairment (संरचना या कार्य की हानि), अक्षमता/disability (गतिविधि की सीमा) और विकलांगता/handicap (सामाजिक अलाभ) में अंतर करता है। सार्वभौमिक अधिगम डिज़ाइन (UDL, CAST) के तीन सिद्धांत: प्रस्तुति के, क्रिया एवं अभिव्यक्ति के, और सहभागिता के अनेक साधन। व्यक्तिगत शिक्षा कार्यक्रम (IEP) कक्षा-शिक्षक, विशेष शिक्षक, अभिभावक और बच्चे की टीम द्वारा बनाई गई लक्ष्यों, सेवाओं और सुविधाओं की लिखित योजना है। शिक्षण रणनीतियाँ: निदानात्मक आकलन के बाद उपचारात्मक शिक्षण, फर्नाल्ड और ऑर्टन-गिलिंघम जैसी बहु-संवेदी (VAKT) विधियाँ, सहपाठी शिक्षण, विषम समूहों में सहयोगी अधिगम, बडी प्रणाली, विभेदित अनुदेशन (टॉमलिंसन: विषयवस्तु, प्रक्रिया, उत्पाद, वातावरण), और प्रस्तुति में विविधता के लिए बहु-बुद्धि (गार्डनर) और अधिगम शैलियाँ। सुविधाएँ/accommodations (अतिरिक्त समय, लेखक, ब्रेल या बड़ा प्रिंट, मौखिक परीक्षा) यह बदलती हैं कि बच्चा सीख कैसे दिखाए; संशोधन/modifications यह बदलते हैं कि क्या पढ़ाया जाए। सहायक उपकरण: ब्रेल (छह-बिंदु कोष्ठ, फ्रांस के लुई ब्रेल, 1824), गणित के लिए टेलर फ्रेम और अबेकस, दृष्टि बाधिता के लिए ऑडियो पुस्तकें और स्क्रीन रीडर (JAWS, NVDA); श्रवण बाधिता के लिए श्रवण यंत्र, कॉक्लियर इम्प्लांट, FM प्रणाली और भारतीय सांकेतिक भाषा; बाधा-मुक्त परिसर के लिए रैंप, रेलिंग, सुलभ शौचालय और स्पर्शनीय पथ। संसाधन शिक्षक या विशेष शिक्षक (भारतीय पुनर्वास परिषद में पंजीकृत) सामान्य कक्षा में और उसके साथ बच्चे व कक्षा-शिक्षक की सहायता करता है। कक्षा-शिक्षक जाँच (screening) करके संदर्भित करता है; निदान विशेषज्ञ करते हैं। अभिभावकों को जोड़ें: वे जानकारी, घर पर निरंतरता और IEP के लिए समर्थन देते हैं।
  • कानूनी और नीतिगत ढाँचा: कोठारी आयोग (1964-66) ने समान विद्यालय प्रणाली की सिफारिश की। IEDC योजना 1974 (एकीकृत शिक्षा)। NPE 1986 ने कहा कि हल्की और गतिक बाधिता वाले बच्चे सामान्य विद्यालयों में पढ़ें। भारतीय पुनर्वास परिषद अधिनियम 1992। सलामांका घोषणा 1994 (UNESCO) ने विद्यालयों से सभी बच्चों को समायोजित करने को कहा। PWD अधिनियम 1995 ने 7 दिव्यांगताओं को मान्यता दी। राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999। सर्व शिक्षा अभियान (2001) ने शून्य अस्वीकृति अपनाई: किसी भी विशेष आवश्यकता वाले बच्चे को प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा। NCF 2005 ने कहा कि समावेशन सभी विद्यालयों में लागू हो। UNCRPD 2006 में अपनाया गया, भारत ने 2007 में अनुसमर्थन किया। RTE अधिनियम 2009: निजी गैर-सहायता प्राप्त विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें (धारा 12(1)(c))। RPwD अधिनियम 2016: 21 दिव्यांगताएँ, 40 प्रतिशत पर बेंचमार्क दिव्यांगता, समावेशी शिक्षा पर धारा 17, 6 से 18 वर्ष के बेंचमार्क दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क शिक्षा (धारा 31)।
  • जाल: एकीकरण समावेशन नहीं है; मुख्यधारा में लाना एकीकरण का एक रूप है। डिस्लेक्सिया पठन, डिस्ग्राफिया लेखन, डिस्कैल्कुलिया गणित, डिस्प्रैक्सिया गति। PWD अधिनियम 1995 है, RPwD अधिनियम 2016 (21 श्रेणियाँ, 7 नहीं)। UNCRPD 2006 में अपनाया गया और भारत ने 2007 में अनुसमर्थन किया। सलामांका UNESCO का था, WHO का नहीं। उपचारात्मक शिक्षण दंड नहीं है और निदान का स्थान कभी नहीं लेता। सुविधा देना मानक घटाना नहीं है।

एक नज़र में दोहराने की सूची

  • दिशा-परीक्षण: एकीकरण में बच्चा विद्यालय के अनुसार ढलता है; समावेशन में विद्यालय बच्चे के अनुसार ढलता है।
  • SLD के चार D: डिस्लेक्सिया = पठन, डिस्ग्राफिया = लेखन, डिस्कैल्कुलिया = गणित, डिस्प्रैक्सिया = गति-समन्वय।
  • रेंज़ुली की त्रि-वलय प्रतिभा: औसत से अधिक योग्यता + कार्य-प्रतिबद्धता + सृजनशीलता।
  • क्षति (impairment) शरीर के स्तर पर (पैर का न होना), अक्षमता (disability) गतिविधि के स्तर पर (चल न पाना), विकलांगता (handicap) सामाजिक स्तर पर (नौकरी न मिलना)।
  • UDL त्रिकोण (CAST): प्रस्तुति, क्रिया एवं अभिव्यक्ति, सहभागिता के अनेक साधन।
  • याद रखने योग्य वर्ष: IEDC 1974, NPE 1986, RCI 1992, सलामांका 1994, PWD अधिनियम 1995, SSA 2001, NCF 2005, UNCRPD 2006, RTE 2009, RPwD 2016।
  • PWD अधिनियम 1995 में 7 दिव्यांगताएँ; RPwD अधिनियम 2016 में 21; बेंचमार्क दिव्यांगता का अर्थ 40 प्रतिशत या अधिक।
  • ब्रेल कोष्ठ में 6 उभरे बिंदु; लुई ब्रेल फ्रांसीसी थे; टेलर फ्रेम और अबेकस दृष्टिबाधित शिक्षार्थियों के गणित के लिए हैं।
  • सुविधा (accommodation) बदलती है कि बच्चा सीख कैसे दिखाए (लेखक, अतिरिक्त समय, ब्रेल); संशोधन (modification) बदलता है कि क्या पढ़ाया जाए।
  • त्वरण = तेज़ (कक्षा छोड़ना); संवर्धन = उसी कक्षा में अधिक व्यापक और गहन।
  • पहचान में शिक्षक की भूमिका: अवलोकन, जाँच, सहायता और संदर्भन; निदान और लेबल विशेषज्ञों का काम है, कक्षा-शिक्षक का कभी नहीं।
  • शून्य अस्वीकृति (SSA): दिव्यांगता के प्रकार या मात्रा चाहे जो हो, किसी विशेष आवश्यकता वाले बच्चे को प्रवेश से वंचित नहीं किया जाता।

विस्तार से पाठ

समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे पर 6 विस्तृत पाठ, हर उप-विषय पर एक, अपने मुख्य तथ्यों और एक नज़र में दोहराव के साथ।

  1. पृथक्करण, एकीकरण और समावेशन: दिव्यांगता के मॉडल और सलामांका वक्तव्य
  2. समावेशन के लिए कानून और नीति: RPwD अधिनियम 2016, RTE अधिनियम 2009, समग्र शिक्षा और NEP 2020
  3. अधिगम अक्षमताएँ, ADHD और ऑटिज्म: शिक्षक को दिखने वाले लक्षण और कक्षा-रणनीतियाँ
  4. दृष्टि, श्रवण और चलन दिव्यांगता: ब्रेल, भारतीय सांकेतिक भाषा और कक्षा में बदलाव
  5. प्रतिभाशाली, सृजनशील और वंचित शिक्षार्थी: बिना लेबल लगाए पहचान और सहायता
  6. समावेशी कक्षा-प्रथाएँ: UDL, विभेदित अनुदेशन, सहपाठी अधिगम, IEP और आकलन

अभ्यास प्रश्न

उत्तर खोलने से पहले हर प्रश्न स्वयं हल करें।

1. निम्नलिखित में से कौन समावेशी शिक्षा का सर्वोत्तम वर्णन करता है? (A) दिव्यांग बच्चों को प्रशिक्षित स्टाफ वाले सुसज्जित विशेष विद्यालयों में पढ़ाना (B) दिव्यांग बच्चों को सामान्य विद्यालयों में प्रवेश देना और उनसे मौजूदा व्यवस्था के अनुसार ढलने की अपेक्षा करना (C) विद्यालय का पुनर्गठन ताकि दिव्यांग और गैर-दिव्यांग सभी बच्चे आवश्यक सहायता के साथ एक साथ सीखें (D) सामान्य विद्यालय के भीतर संसाधन कक्ष में दिव्यांग बच्चों को अलग से पढ़ाना

उत्तर: (C) विद्यालय का पुनर्गठन ताकि दिव्यांग और गैर-दिव्यांग सभी बच्चे आवश्यक सहायता के साथ एक साथ सीखें. समावेशी शिक्षा का अर्थ है विद्यालय अपना पाठ्यक्रम, शिक्षण और वातावरण बदले ताकि सभी बच्चे साथ सीखें। विकल्प B एकीकरण का वर्णन है, जिसमें बच्चे से अपरिवर्तित विद्यालय के अनुसार ढलने की अपेक्षा की जाती है।

2. एक प्रधानाचार्य कहते हैं: 'हर बच्चे को यथासंभव सामान्य कक्षा में साथियों के साथ पढ़ाया जाए, और केवल तभी अलग किया जाए जब दिव्यांगता की प्रकृति इसे अपरिहार्य बना दे।' यह किस सिद्धांत को दर्शाता है? (A) समजातीय समूहन (B) न्यूनतम प्रतिबंधात्मक वातावरण (LRE) (C) दिव्यांगता का चिकित्सीय मॉडल (D) योग्यता-आधारित ट्रैकिंग

उत्तर: (B) न्यूनतम प्रतिबंधात्मक वातावरण (LRE). न्यूनतम प्रतिबंधात्मक वातावरण का सिद्धांत कहता है कि दिव्यांग बच्चों को अधिकतम उपयुक्त सीमा तक गैर-दिव्यांग साथियों के साथ पढ़ाया जाए। समजातीय समूहन और ट्रैकिंग बच्चों को योग्यता के आधार पर अलग करते हैं।

3. संविधान का कौन-सा अनुच्छेद प्रत्येक राज्य को भाषाई अल्पसंख्यक समूहों के बच्चों के लिए प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षण की पर्याप्त सुविधाएँ देने का निर्देश देता है? (A) अनुच्छेद 29 (B) अनुच्छेद 30 (C) अनुच्छेद 350A (D) अनुच्छेद 46

उत्तर: (C) अनुच्छेद 350A. 7वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया अनुच्छेद 350A प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षण की सुविधाओं से संबंधित है। अनुच्छेद 29 अल्पसंख्यक संस्कृति की रक्षा करता है, अनुच्छेद 30 उनके संस्थान चलाने का अधिकार और अनुच्छेद 46 SC, ST व कमजोर वर्गों की उन्नति।

4. दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में 'विशिष्ट अधिगम अक्षमता' के अंतर्गत कौन-सा समूह आता है? (A) अंधता और अल्प दृष्टि (B) ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार और प्रमस्तिष्क पक्षाघात (C) थैलेसीमिया और हीमोफीलिया (D) डिस्लेक्सिया, डिस्ग्राफिया, डिस्कैल्कुलिया, डिस्प्रैक्सिया और विकासात्मक वाचाघात

उत्तर: (D) डिस्लेक्सिया, डिस्ग्राफिया, डिस्कैल्कुलिया, डिस्प्रैक्सिया और विकासात्मक वाचाघात. RPwD अधिनियम 2016 अपनी 21 श्रेणियों में विशिष्ट अधिगम अक्षमता को शामिल करता है, जिसमें प्रत्यक्षण अक्षमता, डिस्लेक्सिया, डिस्ग्राफिया, डिस्कैल्कुलिया, डिस्प्रैक्सिया और विकासात्मक वाचाघात के नाम हैं। अन्य विकल्प अधिनियम की अलग श्रेणियाँ हैं।

5. एक बच्चा उत्तर देने के बजाय उससे कहे गए शब्द या वाक्यांश दोहराता है, हर दिन एक ही दिनचर्या पर अड़ा रहता है और छोटे बदलावों से बहुत परेशान हो जाता है। दूसरों के शब्द दोहराना क्या कहलाता है? (A) हकलाना (B) इकोलेलिया (echolalia) (C) वाचाघात (aphasia) (D) डिस्लेलिया

उत्तर: (B) इकोलेलिया (echolalia). इकोलेलिया, यानी सुने गए शब्दों या वाक्यांशों की प्रतिध्वनि, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार में एकरूपता के आग्रह के साथ सामान्यतः देखी जाती है। हकलाना प्रवाह का विकार है और वाचाघात भाषा-क्षमता का ह्रास।

6. संकेतों का कौन-सा समूह प्राथमिक शिक्षक को बच्चे में संभावित दृष्टि-समस्या के प्रति सचेत करना चाहिए? (A) अक्षरों का उलटाव और बहुत धीमा पठन (B) उत्तर बोल देना और सामान खो देना (C) किताब बहुत पास रखना, आँखें सिकोड़ना, आँखें मलना और सिरदर्द की शिकायत करना (D) दूसरों के शब्द दोहराना और दिनचर्या पर अड़े रहना

उत्तर: (C) किताब बहुत पास रखना, आँखें सिकोड़ना, आँखें मलना और सिरदर्द की शिकायत करना. पठन सामग्री पास रखना, आँखें सिकोड़ना, आँखें मलना, आँखों से पानी आना और सिरदर्द दृष्टि बाधिता के चेतावनी संकेत हैं जिनके लिए नेत्र-परीक्षण आवश्यक है। अन्य समूह क्रमशः डिस्लेक्सिया, ADHD और ऑटिज्म की ओर संकेत करते हैं।

7. रेंज़ुली की त्रि-वलय अवधारणा के अनुसार प्रतिभाशालिता किनकी अंतःक्रिया से उत्पन्न होती है? (A) औसत से अधिक योग्यता, कार्य-प्रतिबद्धता और सृजनशीलता (B) बुद्धि-लब्धि, स्मृति और प्रसंस्करण की गति (C) पठन, लेखन और अंकगणित कौशल (D) ध्यान, संवेग और अभिप्रेरणा

उत्तर: (A) औसत से अधिक योग्यता, कार्य-प्रतिबद्धता और सृजनशीलता. जोसेफ रेंज़ुली ने प्रतिभाशाली व्यवहार को तीन समूहों के अतिव्यापन के रूप में वर्णित किया: औसत से अधिक (आवश्यक रूप से असाधारण नहीं) योग्यता, उच्च कार्य-प्रतिबद्धता और सृजनशीलता। इस मॉडल में केवल IQ पर्याप्त नहीं है।

8. WHO के क्लासिक भेद के अनुसार, एक पैर का न होना ___ है, उससे चल न पाना ___ है, और उसके कारण नौकरी न मिल पाना ___ है। (A) क्षति (impairment); अक्षमता (disability); विकलांगता (handicap) (B) अक्षमता (disability); क्षति (impairment); विकलांगता (handicap) (C) विकलांगता (handicap); अक्षमता (disability); क्षति (impairment) (D) क्षति (impairment); विकलांगता (handicap); अक्षमता (disability)

उत्तर: (A) क्षति (impairment); अक्षमता (disability); विकलांगता (handicap). WHO ICIDH (1980) ढाँचे में क्षति शरीर की संरचना या कार्य की हानि है, अक्षमता उससे उत्पन्न गतिविधि की सीमा है, और विकलांगता उसके बाद आने वाला सामाजिक अलाभ है। क्रम है शरीर, गतिविधि, समाज।

9. टेलर फ्रेम दृष्टि बाधित विद्यार्थियों द्वारा मुख्यतः किसके लिए प्रयुक्त सहायक उपकरण है? (A) कहानी की किताबें पढ़ने (B) चित्रकारी और रंगाई (C) शारीरिक शिक्षा (D) अंकगणित सीखने

उत्तर: (D) अंकगणित सीखने. टेलर फ्रेम तारे के आकार के छेदों वाली एक स्लेट है जिसमें अंकों और चिह्नों के लिए धातु के टाइप रखे जाते हैं, जिससे नेत्रहीन शिक्षार्थी अंकगणितीय प्रश्न लिखकर हल कर सकते हैं। अबेकस भी इसी उद्देश्य से प्रयुक्त होता है।

10. सहपाठी शिक्षण (peer tutoring) में: (A) शिक्षक प्रत्येक विद्यार्थी को बारी-बारी से व्यक्तिगत रूप से पढ़ाता है (B) माता-पिता घर पर पाठ फिर से पढ़ाते हैं (C) विद्यार्थी रैंक के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं (D) एक विद्यार्थी शिक्षक के मार्गदर्शन में सहपाठी को सीखने में मदद करता है

उत्तर: (D) एक विद्यार्थी शिक्षक के मार्गदर्शन में सहपाठी को सीखने में मदद करता है. सहपाठी शिक्षण में विद्यार्थियों को जोड़े में रखा जाता है ताकि एक दूसरे के अधिगम में सहायता करे; शिक्षक-साथी और शिक्षार्थी-साथी दोनों को लाभ होता है, और बड़ी कक्षाओं में यह व्यावहारिक समावेशी रणनीति है। यह सहयोगी है, प्रतिस्पर्धी नहीं।

समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे के सभी 79 अभ्यास प्रश्न, उत्तर सहित →

यह कहाँ पूछा जाता है

समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे से प्रश्न CTET और राज्य TET परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। यह देखने के लिए कि आपकी परीक्षा में इसे कैसे शामिल किया गया है, उस परीक्षा की वर्तमान आधिकारिक अधिसूचना और पाठ्यक्रम देखें।

अगला कदम

पहले उत्तर याद करने की कोशिश करें, फिर उसे खोलें; जो चूक जाए उसे दोबारा पढ़ें।

इस विषय का क्विज़ शुरू करें →

सभी विषय देखें