भारतीय कला एवं संस्कृति: मुख्य तथ्य और अभ्यास प्रश्न

SSC, रेलवे, पुलिस और राज्य PSC परीक्षाओं के लिए भारतीय कला एवं संस्कृति दोहराएँ: बार-बार पूछे जाने वाले तथ्य और अंतर, एक नज़र में दोहराने की सूची, और उत्तर तथा स्पष्टीकरण सहित 10 अभ्यास प्रश्न।

AI की सहायता से तैयार किया गया और 2026-10-15 को तथ्यों की जाँच की गई; हिन्दी पाठ को प्रकाशक ने 16 अक्टूबर 2026 को पढ़कर स्वीकृत किया। कोई गलती दिखे तो हमें बताइए। संपादकीय मानक और सुधार

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मुख्य अवधारणाएँ और तथ्य

  • शास्त्रीय और लोक नृत्य: संगीत नाटक अकादमी आठ शास्त्रीय नृत्यों को मान्यता देती है: भरतनाट्यम (तमिलनाडु, पहले 'सादिर' कहलाता था), कथक (उत्तर भारत; लखनऊ, जयपुर और बनारस घराने), कथकली (केरल, भारी श्रृंगार, परंपरागत रूप से पुरुषों द्वारा), मोहिनीअट्टम (केरल, महिलाओं का लास्य नृत्य), कुचिपुड़ी (आंध्र प्रदेश, सिद्धेंद्र योगी द्वारा व्यवस्थित), ओडिसी (ओडिशा, त्रिभंग और चौक मुद्राएँ), मणिपुरी (रासलीला, पुंग चोलम, बेलनाकार 'कुमिल' घाघरा) और सत्रिया (असम, श्रीमंत शंकरदेव द्वारा आरंभ, 2000 में मान्यता)। लोक नृत्य राज्य-मिलान का खेल हैं: भांगड़ा और गिद्दा (पंजाब), गरबा (गुजरात), घूमर और कालबेलिया (राजस्थान), बिहू (असम), लावणी (महाराष्ट्र), छऊ (सरायकेला-झारखंड, मयूरभंज-ओडिशा, पुरुलिया-पश्चिम बंगाल), दुम्हल और रऊफ (जम्मू-कश्मीर), करमा (झारखंड, छत्तीसगढ़)।
  • संगीत: हिंदुस्तानी (उत्तर) और कर्नाटक (दक्षिण) परंपराएँ 13वीं शताब्दी के बाद अलग हुईं। ध्रुपद हिंदुस्तानी गायन की सबसे पुरानी जीवित शैली है, ख्याल सबसे लोकप्रिय, जबकि ठुमरी और टप्पा उप-शास्त्रीय हैं। घरानों के नाम नगरों पर हैं: ग्वालियर (सबसे पुराना ख्याल घराना), आगरा, किराना, पटियाला और जयपुर-अतरौली। कर्नाटक संगीत वेंकटमखिन के 72 मेलकर्ता रागों पर आधारित है; इसकी त्रिमूर्ति त्यागराज, मुत्तुस्वामी दीक्षितर और श्यामा शास्त्री हैं, जबकि पुरंदर दास इसके पितामह कहलाते हैं। भातखंडे ने हिंदुस्तानी रागों को दस थाटों में बाँटा। वाद्य-कलाकार जोड़ियाँ: बिस्मिल्लाह खान शहनाई, रविशंकर सितार, अमजद अली खान सरोद, शिवकुमार शर्मा संतूर, हरिप्रसाद चौरसिया बाँसुरी, जाकिर हुसैन तबला।
  • वास्तुकला: हड़प्पा नगरों में ग्रिड योजना, पकी ईंटों की नालियाँ और मोहनजोदड़ो का विशाल स्नानागार था। अशोक ने स्तंभ, सांची का मूल ईंटों का स्तूप (भरहुत और अमरावती के अलंकृत स्तूप मौर्योत्तर काल के हैं) और आजीविकों के लिए बराबर गुफाएँ दीं, जो सबसे प्राचीन उपलब्ध शैलकृत गुफाएँ हैं। अजंता (भित्तिचित्र), एलोरा (राष्ट्रकूट कृष्ण प्रथम का कैलाश मंदिर) और एलिफेंटा (त्रिमूर्ति) तीनों महाराष्ट्र में हैं। मंदिर शैलियाँ: नागर (उत्तर, वक्ररेखीय शिखर: चंदेलों का खजुराहो, पूर्वी गंग नरसिंहदेव प्रथम का कोणार्क, भुवनेश्वर का लिंगराज), द्रविड़ (दक्षिण, पिरामिडाकार विमान और गोपुरम: राजराज चोल प्रथम का तंजावुर बृहदेश्वर, नायकों द्वारा पुनर्निर्मित मदुरै मीनाक्षी) और वेसर (कर्नाटक की मिश्रित शैली: बादामी-पट्टदकल के चालुक्य, बेलूर-हलेबिड के होयसल)। नटराज जैसी चोल कांस्य प्रतिमाएँ लुप्त-मोम विधि से ढाली गईं। इंडो-इस्लामी वास्तुकला सच्चा मेहराब, गुंबद, मीनार और पित्रा दुरा लाई: कुतुब मीनार (ऐबक और इल्तुतमिश), अलाई दरवाजा (अलाउद्दीन खिलजी), तुगलकाबाद (गयासुद्दीन तुगलक)। मुगल स्मारक: हुमायूँ का मकबरा (पहला चारबाग उद्यान-मकबरा), फतेहपुर सीकरी और बुलंद दरवाजा (अकबर, गुजरात विजय), ताजमहल और लाल किला (शाहजहाँ)। औपनिवेशिक: विक्टोरिया मेमोरियल (एमर्सन), राष्ट्रपति भवन (लुटियंस), संसद भवन (बेकर)।
  • मूर्तिकला और चित्रकला: गांधार (ग्रीको-रोमन, धूसर शिस्ट, कुषाण), मथुरा (लाल बलुआ पत्थर, देशी) और अमरावती (श्वेत चूना-पत्थर, जिसे स्थानीय रूप से पलनाड संगमरमर कहा जाता है; सातवाहन और इक्ष्वाकु) तीन प्रारंभिक शैलियाँ हैं; पटना की दीदारगंज यक्षी मौर्य पॉलिश दिखाती है। चित्रकला भीमबेटका शैलाश्रयों (मध्य प्रदेश) और अजंता भित्तिचित्रों (पद्मपाणि) से मुगल लघुचित्रों (हुमायूँ मीर सैयद अली और अब्दुस समद को लाया; जहाँगीर के दरबार में उस्ताद मंसूर), राजस्थानी शैलियों (किशनगढ़ की बनी-ठनी, मेवाड़, बूंदी), पहाड़ी शैलियों (बसोहली, कांगड़ा), दक्कनी, तंजौर (सोने की पन्नी) और मैसूर तक फैली है। राज्यवार लोक चित्रकला: मधुबनी (बिहार), वारली (महाराष्ट्र), पट्टचित्र (ओडिशा), कलमकारी (आंध्र प्रदेश), फड़ और पिछवाई (राजस्थान), गोंड (मध्य प्रदेश), चेरियाल (तेलंगाना)। आधुनिक: राजा रवि वर्मा, अबनींद्रनाथ टैगोर का बंगाल स्कूल (भारत माता), अमृता शेरगिल, प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप (बंबई, 1947)।
  • धरोहर, त्योहार और शिल्प: भारत के पहले UNESCO स्थल (1983) अजंता, एलोरा, आगरा किला और ताजमहल थे; बाद में खजुराहो और हम्पी (1986), सांची (1989), भीमबेटका (2003), पहला धरोहर शहर अहमदाबाद (2017) और जयपुर (2019) जुड़े। तीन पर्वतीय रेलवे दार्जिलिंग, नीलगिरि और कालका-शिमला हैं; कंचनजंगा एकमात्र मिश्रित स्थल है। त्योहार: पोंगल (तमिलनाडु), ओणम (केरल, महाबली), बिहू (असम), हॉर्नबिल (नागालैंड), हेमिस और लोसर (लद्दाख), छठ (बिहार, सूर्य देव), दुर्गा पूजा (बंगाल), पुष्कर मेला (राजस्थान), सोनपुर पशु मेला (बिहार), कुंभ प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में। शिल्प: पश्मीना (कश्मीर), फुलकारी (पंजाब), चिकनकारी (लखनऊ), बनारसी रेशम, ब्लू पॉटरी (जयपुर), बिदरी (बीदर), चन्नपटना खिलौने (कर्नाटक), कांजीवरम रेशम (तमिलनाडु), ढोकरा लुप्त-मोम धातु शिल्प (छत्तीसगढ़, ओडिशा)।
  • साहित्य, रंगमंच और दर्शन: पाणिनि की अष्टाध्यायी, कालिदास के अभिज्ञानशाकुंतलम् और मेघदूतम्, शूद्रक का मृच्छकटिकम्, विशाखदत्त का मुद्राराक्षस; तमिल क्लासिक: संगम परंपरा का व्याकरण तोल्काप्पियम तथा बाद की संगमोत्तर रचनाएँ शिलप्पदिकारम (इलंगो अडिगल), मणिमेकलै (सत्तनार) और तिरुक्कुरल (तिरुवल्लुवर)। भाषा के अनुसार भक्ति कवि: तुलसीदास (अवधी), सूरदास (ब्रज), तुकाराम (मराठी), बसवन्ना (कन्नड़ वचन), नरसी मेहता (गुजराती), शंकरदेव (असमिया)। अबुल फजल की आइन-ए-अकबरी अकबरनामा का भाग है; जायसी का पद्मावत अवधी में है; टैगोर की गीतांजलि को 1913 का नोबेल मिला। ज्ञानपीठ (पहली बार 1965 में जी. शंकर कुरुप को) सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार है; अक्तूबर 2024 तक 11 शास्त्रीय भाषाएँ: तमिल, संस्कृत, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और ओड़िया (2014 तक मान्यता प्राप्त) तथा मराठी, पालि, प्राकृत, असमिया और बांग्ला (अक्तूबर 2024 में जोड़ी गईं)। रंगमंच और कठपुतली: कुटियाट्टम (केरल), यक्षगान (कर्नाटक), जात्रा (बंगाल), नौटंकी (उत्तर प्रदेश), भवाई (गुजरात), तमाशा (महाराष्ट्र), कठपुतली (राजस्थान), थोलु बोम्मलता (आंध्र प्रदेश)। मार्शल आर्ट: कलरीपयट्टू (केरल), सिलंबम (तमिलनाडु), थांग-ता (मणिपुर), गतका (पंजाब)। दर्शन: न्याय-गौतम, वैशेषिक-कणाद, सांख्य-कपिल, योग-पतंजलि, मीमांसा-जैमिनि, वेदांत-बादरायण; चार बौद्ध संगीतियाँ राजगृह, वैशाली, पाटलिपुत्र और कुंडलवन (कनिष्क) में; पार्श्वनाथ 23वें तीर्थंकर थे; गुरु अर्जुन देव ने आदि ग्रंथ संकलित किया और गुरु गोबिंद सिंह ने 1699 में खालसा की स्थापना की। संस्थाएँ: संगीत नाटक अकादमी (1953), ललित कला और साहित्य अकादमी (1954), ASI (1861, कनिंघम), राष्ट्रीय संग्रहालय (नई दिल्ली), IGNCA।
  • सामान्य भ्रम: छऊ शास्त्रीय नृत्य नहीं है; कोणार्क पूर्वी गंगों ने बनाया, चोलों ने नहीं; पहला चारबाग मकबरा हुमायूँ का मकबरा है, ताज नहीं; पुरंदर दास पितामह हैं, त्रिमूर्ति के सदस्य नहीं; बनी-ठनी किशनगढ़ की है, कांगड़ा की नहीं; सोनपुर मेला बिहार में, पुष्कर राजस्थान में।

एक नज़र में दोहराने की सूची

  • आठ शास्त्रीय नृत्यों में दो केरल के: कथकली (पुरुष, भारी श्रृंगार) और मोहिनीअट्टम (महिलाएँ)। याद रखें, 'क' और 'म' दोनों केरल के हैं।
  • छऊ शास्त्रीय नहीं है: यह युद्धक लोक नृत्य है; सरायकेला (झारखंड) और पुरुलिया (पश्चिम बंगाल) शैलियों में मुखौटे लगते हैं, जबकि मयूरभंज (ओडिशा) बिना मुखौटे के होता है।
  • कर्नाटक त्रिमूर्ति = त्यागराज, मुत्तुस्वामी दीक्षितर और श्यामा शास्त्री, तीनों तिरुवारूर में जन्मे; पुरंदर दास कर्नाटक संगीत के पितामह हैं, त्रिमूर्ति के सदस्य नहीं।
  • मंदिर शैलियाँ एक पंक्ति में: नागर = वक्र शिखर (उत्तर); द्रविड़ = पिरामिडाकार विमान और गोपुरम (दक्षिण); वेसर = मिश्रित (कर्नाटक, चालुक्य और होयसल)।
  • इंडो-इस्लामी वास्तुकला की 'पहली' चीजें: अलाई दरवाजा (अलाउद्दीन खिलजी, सबसे प्राचीन सुरक्षित सच्चा गुंबद; पहला सच्चा मेहराब बलबन के मकबरे, लगभग 1287 ईस्वी, को श्रेय दिया जाता है); हुमायूँ का मकबरा (पहला चारबाग उद्यान-मकबरा); इतमाद-उद-दौला का मकबरा (पूर्णतः श्वेत संगमरमर से बनी पहली मुगल इमारत, पित्रा दुरा जड़ाई सहित)।
  • तीन प्रारंभिक मूर्तिकला शैलियाँ: गांधार = धूसर शिस्ट और यूनानी रूप; मथुरा = चित्तीदार लाल बलुआ पत्थर और भारतीय रूप; अमरावती = सफेद चूना-पत्थर (पलनाड संगमरमर) और सातवाहन कथात्मक पट्टिकाएँ।
  • लोक चित्रकला का राज्य-मानचित्र: मधुबनी-बिहार, वारली-महाराष्ट्र, पट्टचित्र-ओडिशा, कलमकारी-आंध्र प्रदेश, फड़ और पिछवाई-राजस्थान, गोंड-मध्य प्रदेश, चेरियाल-तेलंगाना।
  • UNESCO के पहले चार (1983): अजंता, एलोरा, आगरा किला, ताजमहल। भारत का एकमात्र मिश्रित (प्राकृतिक और सांस्कृतिक) स्थल कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान, सिक्किम है।
  • कुंभ नगर और नदियाँ: प्रयागराज (संगम), हरिद्वार (गंगा), उज्जैन (शिप्रा), नासिक (गोदावरी)। वाराणसी कुंभ नगर नहीं है।
  • छह दर्शन और प्रवर्तक: न्याय-गौतम, वैशेषिक-कणाद, सांख्य-कपिल, योग-पतंजलि, मीमांसा-जैमिनि, वेदांत-बादरायण।
  • मेला-मानचित्र: पुष्कर ऊँट मेला (राजस्थान, कार्तिक पूर्णिमा) बनाम सोनपुर पशु मेला (बिहार, गंडक-गंगा संगम, हरिहर क्षेत्र)।
  • महान जीवंत चोल मंदिर (UNESCO): तंजावुर का बृहदेश्वर, गंगैकोंडचोलपुरम और दारासुरम का ऐरावतेश्वर, तीनों तमिलनाडु में।

विस्तार से पाठ

भारतीय कला एवं संस्कृति पर 10 विस्तृत पाठ, हर उप-विषय पर एक, अपने मुख्य तथ्यों और एक नज़र में दोहराव के साथ।

  1. प्राचीन भारतीय वास्तुकला: हड़प्पा नगर, स्तूप, शैलकृत गुफाएँ और मंदिर शैलियाँ
  2. इंडो-इस्लामी और परवर्ती वास्तुकला: सल्तनत, मुगल, राजपूत और औपनिवेशिक इमारतें
  3. भारतीय मूर्तिकला और चित्रकला: मौर्य पॉलिश से पहाड़ी लघुचित्रों तक
  4. भारतीय राज्यों की लोक चित्रकला, वस्त्र और हस्तशिल्प
  5. भारत के शास्त्रीय नृत्य: आठ शैलियाँ, उनके ग्रंथ और प्रमुख कलाकार
  6. भारत के लोक नृत्य, लोक रंगमंच और कठपुतली कला: राज्यवार
  7. भारतीय शास्त्रीय संगीत: हिंदुस्तानी और कर्नाटक परंपराएँ, राग, घराने और वाद्य
  8. भारतीय भाषाएँ, लिपियाँ और साहित्य: आठवीं अनुसूची, ब्राह्मी और शास्त्रीय कृतियाँ
  9. भारतीय दर्शन, धार्मिक ग्रंथ, मेले, त्योहार और राष्ट्रीय पंचांग
  10. UNESCO सूचियों में भारत: विश्व धरोहर स्थल और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत

अभ्यास प्रश्न

उत्तर खोलने से पहले हर प्रश्न स्वयं हल करें।

1. केरल का कौन-सा शास्त्रीय नृत्य परंपरागत रूप से पुरुषों द्वारा भारी श्रृंगार और वेशभूषा के साथ किया जाता है, जिसकी कथाएँ महाकाव्यों से ली जाती हैं? (A) कथकली (B) कुचिपुड़ी (C) ओडिसी (D) सत्रिया

उत्तर: (A) कथकली. कथकली केरल का नृत्य-नाटक है, जिसे परंपरागत रूप से पुरुष कलाकार रंग-संकेत वाले भारी श्रृंगार (नायक के लिए हरा, खलनायक के लिए लाल) के साथ करते हैं। कुचिपुड़ी आंध्र प्रदेश और सत्रिया असम का नृत्य है।

2. वेंकटमखिन द्वारा प्रतिपादित 72 'मेलकर्ता' राग वर्गीकरण प्रणाली किस संगीत परंपरा से संबंधित है? (A) हिंदुस्तानी शास्त्रीय (B) कर्नाटक शास्त्रीय (C) सूफी कव्वाली (D) रवींद्र संगीत

उत्तर: (B) कर्नाटक शास्त्रीय. 72 मेलकर्ता (जनक) राग कर्नाटक संगीत का आधार हैं, जिन्हें वेंकटमखिन ने अपने ग्रंथ चतुर्दंडी प्रकाशिका (17वीं शताब्दी) में व्यवस्थित किया। हिंदुस्तानी रागों को भातखंडे ने दस थाटों में बाँटा है।

3. निम्नलिखित में से कौन-सा लोक चित्रकला और राज्य का युग्म सही सुमेलित नहीं है? (A) वारली - महाराष्ट्र (B) फड़ - राजस्थान (C) चेरियाल स्क्रॉल - तेलंगाना (D) गोंड - ओडिशा

उत्तर: (D) गोंड - ओडिशा. गोंड चित्रकला मध्य प्रदेश की गोंड जनजाति की है, जिसे जनगढ़ सिंह श्याम ने लोकप्रिय बनाया। ओडिशा की लोक चित्रकला पट्टचित्र है। वारली, फड़ और चेरियाल सही सुमेलित हैं।

4. संस्कृत नाटक 'मृच्छकटिकम्' (मिट्टी की गाड़ी), जो व्यापारी चारुदत्त और गणिका वसंतसेना की कथा है, किसने लिखा? (A) कालिदास (B) भास (C) शूद्रक (D) विशाखदत्त

उत्तर: (C) शूद्रक. मृच्छकटिकम् शूद्रक की रचना मानी जाती है। भास ने स्वप्नवासवदत्तम् और विशाखदत्त ने मुद्राराक्षस लिखा, जो चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य से संबंधित है।

5. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की स्थापना 1861 में हुई। इसके पहले महानिदेशक कौन थे, जिन्हें भारतीय पुरातत्व का जनक कहा जाता है? (A) जेम्स प्रिंसेप (B) जॉन मार्शल (C) मॉर्टिमर व्हीलर (D) अलेक्जेंडर कनिंघम

उत्तर: (D) अलेक्जेंडर कनिंघम. अलेक्जेंडर कनिंघम ने 1861 में ASI की स्थापना की और इसके पहले महानिदेशक रहे। जेम्स प्रिंसेप ने ब्राह्मी लिपि पढ़ी, जॉन मार्शल ने 1920 के दशक में हड़प्पा उत्खनन की देखरेख की और मॉर्टिमर व्हीलर 1940 के दशक में महानिदेशक थे।

6. अजंता की गुफाओं के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सबसे आरंभिक गुफाएँ लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व की हैं। 2. यहाँ बौद्ध गुफाओं के साथ-साथ जैन गुफाएँ भी हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) 1 और 2 दोनों (D) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: (A) केवल 1. अजंता की पहली गुफाएँ दूसरी-पहली शताब्दी ईसा पूर्व में काटी गईं और दूसरा चरण 5वीं शताब्दी ईस्वी में आया। सभी गुफाएँ बौद्ध हैं; महाराष्ट्र में एलोरा वह स्थल है जहाँ जैन गुफाएँ भी हैं।

7. मुंबई का गेटवे ऑफ इंडिया 1911 में अपोलो बंदर पर किसके आगमन की स्मृति में बनाया गया था? (A) महारानी विक्टोरिया (B) लॉर्ड कर्ज़न (C) सम्राट जॉर्ज पंचम और महारानी मैरी (D) प्रिंस ऑफ़ वेल्स एडवर्ड

उत्तर: (C) सम्राट जॉर्ज पंचम और महारानी मैरी. जॉर्ज विटेट द्वारा डिज़ाइन किया गया और 1924 में पूर्ण यह द्वार दिसंबर 1911 में सम्राट जॉर्ज पंचम और महारानी मैरी की यात्रा की स्मृति में बना। महारानी विक्टोरिया कभी भारत नहीं आईं।

8. पद्म श्री से सम्मानित जिव्या सोमा माशे ने किस जनजातीय चित्रकला परंपरा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई? (A) वारली (B) गोंड (C) सौरा (D) पिथोरा

उत्तर: (A) वारली. महाराष्ट्र के ठाणे-पालघर क्षेत्र के जिव्या सोमा माशे ने वारली चित्रकला को, जो मिट्टी की दीवारों पर चावल के सफेद लेप से वृत्त, त्रिभुज और रेखाओं द्वारा बनती है, प्रसिद्ध कला बना दिया। गोंड कला मध्य प्रदेश की और सौरा ओडिशा की है।

9. कथकली और केरल की अन्य प्रदर्शन कलाओं के पुनरुद्धार के लिए 1930 में स्थापित 'केरल कलामंडलम' की स्थापना किस मलयालम कवि ने की थी? (A) कुमारन आशान (B) वल्लत्तोल नारायण मेनन (C) उल्लूर एस. परमेश्वर अय्यर (D) जी. शंकर कुरुप

उत्तर: (B) वल्लत्तोल नारायण मेनन. कवि वल्लत्तोल नारायण मेनन ने मनक्कुलम मुकुंद राजा के साथ 1930 में केरल कलामंडलम की स्थापना की; यह अब त्रिशूर जिले के चेरुतुरुत्ति में स्थित है। कुमारन आशान और उल्लूर उनके साथ आधुनिक मलयालम कविता की 'कवित्रयी' में गिने जाते हैं।

10. इकतारे के साथ गाने वाले घुमंतू रहस्यवादी गायक 'बाउल' मुख्य रूप से भारत के किस राज्य की परंपरा से जुड़े हैं? (A) ओडिशा (B) असम (C) पश्चिम बंगाल (D) बिहार

उत्तर: (C) पश्चिम बंगाल. बंगाल के बाउल अपने गीतों में वैष्णव और सूफ़ी विचारों का मेल करते हैं, और लालन फ़कीर उनके सबसे पूज्य कवियों में हैं। रवींद्रनाथ टैगोर बाउल संगीत से गहराई से प्रभावित थे।

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यह कहाँ पूछा जाता है

भारतीय कला एवं संस्कृति से प्रश्न SSC, रेलवे, पुलिस और राज्य PSC परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। यह देखने के लिए कि आपकी परीक्षा में इसे कैसे शामिल किया गया है, उस परीक्षा की वर्तमान आधिकारिक अधिसूचना और पाठ्यक्रम देखें।

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