भारतीय राजव्यवस्था और संविधान: मुख्य तथ्य और अभ्यास प्रश्न

SSC, रेलवे, पुलिस और राज्य PSC परीक्षाओं के लिए भारतीय राजव्यवस्था और संविधान दोहराएँ: बार-बार पूछे जाने वाले तथ्य और अंतर, एक नज़र में दोहराने की सूची, और उत्तर तथा स्पष्टीकरण सहित 10 अभ्यास प्रश्न।

AI की सहायता से तैयार किया गया और 2026-10-15 को तथ्यों की जाँच की गई; हिन्दी पाठ को प्रकाशक ने 16 अक्टूबर 2026 को पढ़कर स्वीकृत किया। कोई गलती दिखे तो हमें बताइए। संपादकीय मानक और सुधार

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मुख्य अवधारणाएँ और तथ्य

  • संविधान का निर्माण: कैबिनेट मिशन योजना 1946 के अंतर्गत गठित संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को अस्थायी अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा की अध्यक्षता में हुई; डॉ. राजेंद्र प्रसाद इसके स्थायी अध्यक्ष बने। नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया, जो प्रस्तावना का आधार बना। प्रारूप समिति (29 अगस्त 1947) के अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे और बी.एन. राव संवैधानिक सलाहकार थे। संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत हुआ और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, जो 1930 के पूर्ण स्वराज दिवस की तिथि थी। इसमें 2 वर्ष, 11 माह और 17 दिन (कई पुस्तकों में दोनों छोर के दिन गिनकर 18 दिन लिखा जाता है) लगे। मूल संविधान में 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियाँ थीं; आज 25 भाग और 12 अनुसूचियाँ हैं।
  • स्रोत और प्रस्तावना: मौलिक अधिकार और न्यायिक पुनरावलोकन अमेरिका से; संसदीय शासन और एकल नागरिकता ब्रिटेन से; नीति निदेशक तत्व आयरलैंड से; समवर्ती सूची और संयुक्त बैठक ऑस्ट्रेलिया से; संघीय ढाँचा भारत शासन अधिनियम 1935 से; मौलिक कर्तव्य सोवियत संघ से लिए गए। समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्द 42वें संशोधन 1976 द्वारा प्रस्तावना में जोड़े गए। केशवानंद भारती (1973) में सर्वोच्च न्यायालय ने बेरुबारी संघ (1960) के निर्णय को पलटते हुए प्रस्तावना को संविधान का भाग माना।
  • अधिकार, निदेशक तत्व और कर्तव्य: मौलिक अधिकार भाग III, अनुच्छेद 12 से 35 में हैं। अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समता, अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत, अनुच्छेद 19 छह स्वतंत्रताएँ, अनुच्छेद 21 जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा, अनुच्छेद 21A (86वाँ संशोधन, 2002) 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देता है, और अनुच्छेद 32, जिसे अंबेडकर ने संविधान का हृदय और आत्मा कहा, सर्वोच्च न्यायालय को पाँच रिट जारी करने का अधिकार देता है: बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण और अधिकार-पृच्छा। संपत्ति का अधिकार 44वें संशोधन 1978 द्वारा भाग III से हटाया गया और अब अनुच्छेद 300A में है। नीति निदेशक तत्व (भाग IV) न्यायालय में प्रवर्तनीय नहीं हैं (अनुच्छेद 37); अनुच्छेद 40 (ग्राम पंचायत), 44 (समान नागरिक संहिता) और 39A (निःशुल्क विधिक सहायता) याद रखें। मौलिक कर्तव्य स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संशोधन द्वारा अनुच्छेद 51A में जोड़े गए; ग्यारहवाँ कर्तव्य 86वें संशोधन से आया।
  • संघीय कार्यपालिका और संसद: राष्ट्रपति का निर्वाचन निर्वाचित सांसदों और राज्यों, दिल्ली व पुडुचेरी के निर्वाचित विधायकों द्वारा होता है, और संविधान के उल्लंघन पर अनुच्छेद 61 के तहत महाभियोग चलाया जा सकता है। प्रमुख अनुच्छेद: 72 (क्षमादान, मृत्युदंड सहित), 123 (अध्यादेश संसद के पुनः समवेत होने के छह सप्ताह बाद समाप्त), 76 (महान्यायवादी)। उपराष्ट्रपति सभी सांसदों द्वारा चुना जाता है। राज्यसभा में अधिकतम 250 सदस्य होते हैं, यह स्थायी सदन है और एक-तिहाई सदस्य हर दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं। धन विधेयक (अनुच्छेद 110) को अध्यक्ष प्रमाणित करता है, यह केवल लोकसभा में पेश होता है और राज्यसभा इसे केवल 14 दिन रोक सकती है। संयुक्त बैठक (अनुच्छेद 108) की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करता है और यह धन विधेयक व संविधान संशोधन विधेयक पर लागू नहीं होती। अविश्वास प्रस्ताव के लिए 50 सदस्यों का समर्थन चाहिए और यह केवल लोकसभा में लाया जाता है। लोक लेखा समिति में 22 सदस्य (15 लोकसभा, 7 राज्यसभा) होते हैं।
  • न्यायपालिका, राज्य और केंद्र-राज्य संबंध: सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश 65 वर्ष और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं। अनुच्छेद 141 सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी बनाता है, अनुच्छेद 143 परामर्शी क्षेत्राधिकार है, और अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालयों को अनुच्छेद 32 से व्यापक रिट शक्ति देता है। कॉलेजियम द्वितीय न्यायाधीश वाद (1993) से निकला। राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है; संसद अनुच्छेद 169 के तहत राज्य विधानसभा के संकल्प पर विधान परिषद बनाती या समाप्त करती है। सातवीं अनुसूची में संघ, राज्य और समवर्ती सूचियाँ हैं; अवशिष्ट शक्तियाँ संसद के पास हैं (अनुच्छेद 248)। 42वें संशोधन ने शिक्षा, वन, माप-तौल, वन्यजीव और न्याय प्रशासन को समवर्ती सूची में डाला। अंतर्राज्यीय परिषद अनुच्छेद 263 में है और सरकारिया आयोग (1983) ने केंद्र-राज्य संबंधों का अध्ययन किया।
  • आपातकाल, स्थानीय शासन और संस्थाएँ: अनुच्छेद 352 (राष्ट्रीय आपातकाल: युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह; 1962, 1971 और 1975 में लगा), अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) और अनुच्छेद 360 (वित्तीय आपातकाल, कभी नहीं लगा)। अनुच्छेद 20 और 21 कभी निलंबित नहीं होते। 73वें और 74वें संशोधन (1992) ने भाग IX और IXA, ग्यारहवीं अनुसूची (29 विषय) और बारहवीं अनुसूची (18 विषय) जोड़ीं; 73वाँ संशोधन 24 अप्रैल 1993 को लागू हुआ। बलवंत राय मेहता (1957) ने त्रिस्तरीय और अशोक मेहता (1977) ने द्विस्तरीय व्यवस्था सुझाई। संवैधानिक संस्थाएँ: निर्वाचन आयोग (324), CAG (148), UPSC (315), वित्त आयोग (280), NCSC (338), NCST (338A)। गैर-संवैधानिक: NHRC (1993 अधिनियम), CVC (1964), NITI आयोग (2015)।
  • संशोधन और ऐतिहासिक वाद: पहला (1951, नौवीं अनुसूची), 7वाँ (1956, राज्य पुनर्गठन), 42वाँ (1976), 44वाँ (1978), 52वाँ (1985, दल-बदल विरोधी), 61वाँ (1988 का अधिनियम, 28 मार्च 1989 से लागू, मतदान आयु 18), 86वाँ (2002), 91वाँ (2003, मंत्रिपरिषद का आकार), 101वाँ (2016, GST)। वाद: गोलकनाथ (1967) ने मौलिक अधिकारों के संशोधन पर रोक लगाई; केशवानंद भारती (1973) ने मूल ढाँचे का सिद्धांत दिया; मेनका गांधी (1978) ने अनुच्छेद 21 का विस्तार किया; मिनर्वा मिल्स (1980) ने अधिकारों और निदेशक तत्वों में संतुलन बनाया; एस.आर. बोम्मई (1994) ने अनुच्छेद 356 पर अंकुश लगाया।
  • सामान्य गलतियाँ: अंगीकरण (26 नवंबर 1949) बनाम प्रवर्तन (26 जनवरी 1950); 42वाँ बनाम 44वाँ संशोधन; अनुच्छेद 32 बनाम 226; राज्यपाल मृत्युदंड को क्षमा नहीं कर सकता; राज्यसभा धन विधेयक को अस्वीकार नहीं कर सकती, जिसे लोकसभा अध्यक्ष प्रमाणित करता है; उपराष्ट्रपति सभी सांसदों द्वारा, जबकि राष्ट्रपति केवल निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुना जाता है।

एक नज़र में दोहराने की सूची

  • कभी न मिलाने वाली तिथियाँ: संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946; संविधान अंगीकृत 26 नवंबर 1949; लागू 26 जनवरी 1950।
  • 42वें संशोधन द्वारा प्रस्तावना में जोड़े गए शब्दों का सूत्र: स-प-अ: समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, अखंडता (1976)।
  • अनुच्छेद 32 के पाँच रिट: बंदी प्रत्यक्षीकरण (शरीर प्रस्तुत करो), परमादेश (हम आदेश देते हैं), प्रतिषेध (कार्यवाही रोको), उत्प्रेषण (आदेश रद्द करो), अधिकार-पृच्छा (किस अधिकार से)।
  • आयु सीढ़ी: लोकसभा 25, राज्यसभा 30, राष्ट्रपति 35, उपराष्ट्रपति 35, राज्यपाल 35; सेवानिवृत्ति: उच्च न्यायालय न्यायाधीश 62, सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीश 65।
  • धन विधेयक की पहचान: केवल लोकसभा में पेश, राष्ट्रपति की सिफारिश आवश्यक, अध्यक्ष द्वारा प्रमाणित, राज्यसभा को 14 दिन और वह इसे अस्वीकार नहीं कर सकती।
  • आपातकाल त्रयी: अनुच्छेद 352 राष्ट्रीय (3 बार: 1962, 1971, 1975), अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति शासन (100 से अधिक बार), अनुच्छेद 360 वित्तीय (कभी नहीं)।
  • स्थानीय शासन जोड़ी: 73वाँ संशोधन = पंचायत, भाग IX, ग्यारहवीं अनुसूची, 29 विषय; 74वाँ = नगरपालिका, भाग IXA, बारहवीं अनुसूची, 18 विषय।
  • पंचायती राज समितियों का क्रम: बलवंत राय मेहता 1957 (तीन स्तर), अशोक मेहता 1977 (दो स्तर), जी.वी.के. राव 1985, एल.एम. सिंघवी 1986 (संवैधानिक दर्जा)।
  • संशोधन शक्ति पर वादों की शृंखला: शंकरी प्रसाद 1951 (हाँ) से गोलकनाथ 1967 (नहीं) से 24वाँ संशोधन 1971 से केशवानंद भारती 1973 (हाँ, पर मूल ढाँचा) से मिनर्वा मिल्स 1980।
  • क्षमादान का अंतर: राष्ट्रपति (अनुच्छेद 72) मृत्युदंड और सैन्य न्यायालय की सजा को क्षमा कर सकता है; राज्यपाल (अनुच्छेद 161) नहीं।
  • केवल राज्यसभा अनुच्छेद 249 के तहत संकल्प पारित कर संसद को राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने दे सकती है, और अनुच्छेद 312 के तहत नई अखिल भारतीय सेवा बनवा सकती है।
  • आठवीं अनुसूची का विस्तार: मूलतः 14 भाषाएँ; सिंधी (1967, 21वाँ संशोधन); कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली (1992, 71वाँ); बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली (2003, 92वाँ) = 22।

विस्तार से पाठ

भारतीय राजव्यवस्था और संविधान पर 10 विस्तृत पाठ, हर उप-विषय पर एक, अपने मुख्य तथ्यों और एक नज़र में दोहराव के साथ।

  1. संविधान का निर्माण: संविधान सभा, समितियाँ और स्रोत
  2. उद्देशिका, संघ और उसका राज्यक्षेत्र (अनुच्छेद 1-4) तथा नागरिकता (अनुच्छेद 5-11)
  3. मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 12-35), युक्तियुक्त निर्बंधन और रिट
  4. राज्य के नीति निदेशक तत्व और मौलिक कर्तव्य
  5. भारत के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति
  6. प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद और भारत के महान्यायवादी
  7. संसद: लोक सभा, राज्य सभा, विधेयक, बजट और समितियाँ
  8. न्यायपालिका: सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय, अधीनस्थ न्यायालय और अधिकरण
  9. केंद्र-राज्य संबंध, राज्यपाल और आपातकालीन उपबंध
  10. पंचायतें, नगरपालिकाएँ तथा संवैधानिक और गैर-संवैधानिक निकाय

अभ्यास प्रश्न

उत्तर खोलने से पहले हर प्रश्न स्वयं हल करें।

1. भारत की संविधान सभा की पहली बैठक किस तिथि को हुई थी? (A) 26 नवंबर 1949 (B) 9 दिसंबर 1946 (C) 15 अगस्त 1947 (D) 26 जनवरी 1950

उत्तर: (B) 9 दिसंबर 1946. संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा की अस्थायी अध्यक्षता में हुई। 26 नवंबर 1949 संविधान के अंगीकरण और 26 जनवरी 1950 उसके लागू होने की तिथि है।

2. नीति निदेशक तत्वों का कौन-सा अनुच्छेद राज्य को ग्राम पंचायतों को स्वशासन की इकाई के रूप में संगठित करने का निर्देश देता है? (A) अनुच्छेद 40 (B) अनुच्छेद 43 (C) अनुच्छेद 44 (D) अनुच्छेद 48

उत्तर: (A) अनुच्छेद 40. अनुच्छेद 40 राज्य को ग्राम पंचायतों के गठन का निर्देश देता है। अनुच्छेद 43 निर्वाह मजदूरी, अनुच्छेद 44 समान नागरिक संहिता और अनुच्छेद 48 कृषि व पशुपालन से संबंधित है।

3. सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति की कॉलेजियम प्रणाली किस निर्णय से उत्पन्न हुई? (A) द्वितीय न्यायाधीश वाद (1993) (B) प्रथम न्यायाधीश वाद (1981) (C) केशवानंद भारती वाद (1973) (D) मिनर्वा मिल्स वाद (1980)

उत्तर: (A) द्वितीय न्यायाधीश वाद (1993). द्वितीय न्यायाधीश वाद (सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन बनाम भारत संघ, 1993) ने मुख्य न्यायाधीश की राय को प्रधानता दी और कॉलेजियम बनाया, जिसे तृतीय न्यायाधीश वाद (1998) ने पाँच न्यायाधीशों तक बढ़ाया।

4. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की स्थापना किस कानून के तहत हुई? (A) संविधान का अनुच्छेद 338 (B) सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (C) मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 (D) विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987

उत्तर: (C) मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993. NHRC एक सांविधिक निकाय है जो अक्टूबर 1993 में मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत स्थापित हुआ; यह संवैधानिक निकाय नहीं है। इसी अधिनियम में राज्य मानवाधिकार आयोगों का प्रावधान है।

5. एस.आर. बोम्मई वाद (1994) मुख्यतः किस संवैधानिक प्रावधान से संबंधित है? (A) अनुच्छेद 356 के तहत राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगाना (B) अनुच्छेद 124 के तहत न्यायाधीशों की नियुक्ति (C) अनुच्छेद 19 के तहत वाक् स्वतंत्रता (D) अनुच्छेद 16 के तहत पदोन्नति में आरक्षण

उत्तर: (A) अनुच्छेद 356 के तहत राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगाना. एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994) में सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि अनुच्छेद 356 के तहत उद्घोषणा न्यायिक पुनरावलोकन के अधीन है, बहुमत की परीक्षा सदन के पटल पर होनी चाहिए, और पंथनिरपेक्षता मूल ढाँचे का भाग है।

6. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'भारत संघ' में केंद्रशासित प्रदेश भी शामिल हैं। 2. 'भारत के राज्यक्षेत्र' में राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और भारत द्वारा अर्जित किए जाने वाले अन्य क्षेत्र शामिल हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) 1 और 2 दोनों (D) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: (B) केवल 2. अनुच्छेद 1 के अनुसार भारत संघ में केवल राज्य शामिल हैं, जबकि भारत का राज्यक्षेत्र अधिक व्यापक है, जिसमें राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और अर्जित किए जा सकने वाले क्षेत्र आते हैं।

7. कौन-सा अनुच्छेद धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों को अपनी रुचि की शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन का अधिकार देता है? (A) अनुच्छेद 30 (B) अनुच्छेद 29 (C) अनुच्छेद 26 (D) अनुच्छेद 28

उत्तर: (A) अनुच्छेद 30. अनुच्छेद 30 धर्म या भाषा पर आधारित सभी अल्पसंख्यकों को यह अधिकार देता है। अनुच्छेद 29 नागरिकों के किसी भी वर्ग को अपनी विशिष्ट भाषा, लिपि या संस्कृति बनाए रखने का अधिकार देता है।

8. अनुच्छेद 368 के तहत संशोधनों के लिए संसद के प्रत्येक सदन में अपेक्षित 'विशेष बहुमत' क्या है? (A) सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत और उपस्थित व मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई (B) सदन की कुल सदस्य संख्या का दो-तिहाई (C) उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का तीन-चौथाई (D) संयुक्त बैठक में उपस्थित सदस्यों का साधारण बहुमत

उत्तर: (A) सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत और उपस्थित व मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई. प्रत्येक सदन को विधेयक अपनी कुल सदस्य संख्या के बहुमत और उपस्थित व मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित करना होता है। संघीय प्रावधानों को प्रभावित करने वाले संशोधनों के लिए राज्य विधानमंडलों का अनुसमर्थन भी आवश्यक है।

9. 44वें संशोधन के बाद यदि लोकसभा के कुल सदस्यों का दसवाँ भाग लिखित सूचना दे, तो किस संकल्प पर विचार के लिए 14 दिनों के भीतर विशेष बैठक बुलाना आवश्यक है? (A) लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए (B) राष्ट्रपति पर महाभियोग के लिए (C) किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने के लिए (D) राष्ट्रीय आपातकाल को जारी रखने का अननुमोदन करने के लिए

उत्तर: (D) राष्ट्रीय आपातकाल को जारी रखने का अननुमोदन करने के लिए. 44वें संशोधन के तहत लोकसभा के दसवें भाग के सदस्य ऐसी विशेष बैठक की माँग कर सकते हैं और लोकसभा साधारण बहुमत से अननुमोदन संकल्प पारित कर राष्ट्रीय आपातकाल समाप्त कर सकती है।

10. किसी अनुदान माँग की राशि को घटाकर 1 रुपया करने वाला कटौती प्रस्ताव, जो माँग में निहित नीति के प्रति असहमति दर्शाता है, क्या कहलाता है? (A) मितव्ययिता कटौती (B) सांकेतिक कटौती (C) नीति कटौती (D) गिलोटिन

उत्तर: (C) नीति कटौती. नीति कटौती प्रस्ताव माँग को घटाकर 1 रुपया कर देता है और उसके पीछे की नीति से असहमति दर्शाता है। मितव्ययिता कटौती माँग को एक निर्धारित राशि से घटाती है और सांकेतिक कटौती किसी विशेष शिकायत को व्यक्त करने के लिए उसे 100 रुपये घटाती है।

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यह कहाँ पूछा जाता है

भारतीय राजव्यवस्था और संविधान से प्रश्न SSC, रेलवे, पुलिस और राज्य PSC परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। यह देखने के लिए कि आपकी परीक्षा में इसे कैसे शामिल किया गया है, उस परीक्षा की वर्तमान आधिकारिक अधिसूचना और पाठ्यक्रम देखें।

अगला कदम

पहले उत्तर याद करने की कोशिश करें, फिर उसे खोलें; जो चूक जाए उसे दोबारा पढ़ें।

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